KMEA ने खोली पोल, जहां कांग्रेस की सरकार वहीं लग रहे EVM पर आरोप

लोकसभा के विपक्षी नेता राहुल गांधी काफी समय से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं. चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने कर्नाटक में वोट चोरी के सबूत भी पेश करने का दावा किया है. गड़बड़ी की आशंका तक जताई है. लेकिन अब कांग्रेस शासित कर्नाटक से ही एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने इन सारे दावों की पोल खोलकर रख दी है. हैरानी की बात की नहीं कि चुनाव आयोग के कारनामे सामने आ रहे बल्कि, यह रिपोर्ट किसी विपक्षी पार्टी या निजी एजेंसी की नहीं, खुद कर्नाटक सरकार की एक संस्था की है. इस सरकारी अध्ययन में पाया गया है कि कर्नाटक के लोग न केवल भारतीय चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष मानने के साथ-साथ उन्हें ईवीएम पर भी पूरा भरोसा भी है.

जाने ईवीएम पर मतदाताओं का कितना भरोसा
दरअसल, कर्नाटक में ईवीएम पर मतदाताओं के इसी विश्वास को लेकर किए गए एक सर्वेक्षण ने नया बवाल खड़ा कर दिया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण के 5,100 (इक्यावन) मतदाताओं में 85 प्रतिशत लोगों ने ईवीएम पर भरोसा जताया और 2024 लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र-निष्पक्ष बताया. एक ओर जहां कांग्रेस की 'वोट चोरी' वाली थ्योरी पर भाजपा प्रहार करने में लगी हुई है, तो दूसरी ओर आईटी मंत्री प्रियांक खर्गे ने कराये गए सर्वे को राज्य सरकार से अलग बताते हुए इसकी डिजाइन, संचालन करने वाली एजेंसी और नमूने पर सवाल खड़ा कर दिया है.

इसी के आगे कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने सर्वेक्षण को डिजाइन और संचालित करने वाली एजेंसी पर सवाल उठाया और कहा इसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत या आदेशित नहीं किया गया था. इस सर्वे पर भाजपा की राज्य इकाई के बीवाई विजयेंद्र ने सोशल मीडिया X पर खुशी जताते हुए पोस्ट कर लिखा, 'कांग्रेस की 'वोट चोरी' एक बार फिर से बेनकाब हो गई! कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा जारी की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट ये साफ दर्शाती है कि हमारे लोगों का एक बड़ा बहुमत मानता है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जाते हैं.' इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होती हैं. क्योंकि ये जनता का अधिकार होता है जिसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जा सकती हैं.

कांग्रेस पर लगे आरोप
इसी सिलसिले में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र ने कांग्रेस की खिल्ली उड़ाते हुए ये कहा कि, यह सरकारी रिपोर्ट राहुल गांधी पर सीधा प्रहार है, जो बार-बार चुनावी विफलताओं को स्वीकार करने में असमर्थ होकर 'वोट चोरी' का नारा गढ़ते है, इतना ही नहीं वो चुनाव आयोग पर संदेह पैदा करने वाला एक लापरवाह अभियान शुरू करने का विकल्प भी चुन बैठे है जो उनके लिए काफी हानिकारक हो सकता है. 2024 लोकसभा चुनाव की बात करें इसके परिणाम आते ही राहुल गांधी ये शोर मचाने लगे थे कि बीजेपी ईवीएम मशीन के जरिए जनादेश बदल रही है, इस अभियान का असर इस हद तक हुआ कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को हाल ही में ये प्रस्ताव तक जारी करना पड़ गया था, कि राज्य में भविष्य के सभी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावअब ईवीएम के बजाय ‘बैलेट पेपर’ (मतपत्र) के द्वारा ही कराए जाएं.

क्योंकि, सरकार का ये मानना था कि जनता का भरोसा ईवीएम नहीं बैलेट पेपर है, जनता कहती है कि ईवीएम मशीन गलत फैसला सुनाती है. लेकिन, अब कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी (KMEA) की रिपोर्ट ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया है. यह रिपोर्ट बताती है कि जिस राज्य में कांग्रेस की सरकार है, सिर्फ वहीं की जनता ये कह रही है कि ‘वोट चोरी’ की बातें बेबुनियाद हैं और उन्हें चुनावी प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है. ऐसे में ये साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गये ये आरोप झूठे है.



