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विदेश में एडमिशन के नाम पर लाखों की ठगी, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

विदेश में एडमिशन के नाम पर लाखों की ठगी, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार
Apr 11, 2026, 11:41 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : भेलूपुर थाना क्षेत्र के कबीर नगर, दुर्गाकुंड निवासी एक महिला ने अपने पुत्र के विदेश में एडमिशन के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता प्रेमलता कुमारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों द्वारा सुनियोजित तरीके से उनके पुत्र को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की गई तथा अब उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं.


प्रेमलता कुमारी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पुत्र शिवम कुमार को जॉर्जिया में एडमिशन दिलाने के नाम पर कुछ लोगों द्वारा पिछले लगभग पांच महीनों से गुमराह किया जा रहा था. आरोप है कि इन लोगों ने विभिन्न तिथियों पर अलग-अलग माध्यमों से कुल 10 लाख 85 हजार रुपये वसूले. इसमें 8000 अमेरिकी डॉलर, 1,50,000 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से, 10,000 रुपये एवं 15,000 रुपये यूपीआई के जरिए तथा 1,35,000 रुपये नकद शामिल हैं. पीड़िता का कहना है कि कई भुगतान पर उन्हें रसीद दी गई, जबकि कुछ रकम बिना किसी प्रमाण के ली गई.


आरोपियों ने विश्वास दिलाया कि शिवम कुमार का जॉर्जिया में एडमिशन सुनिश्चित हो गया है और जल्द ही वीजा प्रक्रिया पूरी कर उन्हें विदेश भेज दिया जाएगा. इसी भरोसे में आकर पीड़िता ने अपने पुत्र के सभी आवश्यक मूल दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, 10वीं एवं 12वीं की मार्कशीट, सर्टिफिकेट, सीएलसी और आधार कार्ड ब्लू डार्ट कूरियर के माध्यम से नोएडा स्थित उनके कार्यालय भेज दिए. पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पहले 25 अक्टूबर 2025, फिर 30 अक्टूबर और बाद में 10 नवंबर 2025 की तिथि देकर विदेश भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर प्रक्रिया को टालते रहे. जब पीड़िता ने सच्चाई जानने का प्रयास किया, तो उन्हें पता चला कि एडमिशन से संबंधित सभी दस्तावेज फर्जी हैं और उनके पुत्र का कहीं भी कोई दाखिला नहीं कराया गया है.


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इतना ही नहीं, अब आरोपियों द्वारा और अधिक रुपये की मांग की जा रही है. पीड़िता का कहना है कि उनसे 2 लाख रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया जा रहा है, अन्यथा उनके पुत्र के मूल दस्तावेज वापस नहीं किए जाएंगे. फोन पर संपर्क करने पर आरोपियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी जा रही है. प्रेमलता कुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि यह गिरोह वाराणसी, नोएडा और लखनऊ तक फैला हुआ है और कई अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बना चुका है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाए, उनके पुत्र के मूल दस्तावेज वापस दिलाए जाएं तथा ठगी गई पूरी राशि की बरामदगी कराई जाए.

दिल्ली से यूपी तक तपिश का कहर! लू का अलर्ट जारी
दिल्ली से यूपी तक तपिश का कहर! लू का अलर्ट जारी
Heat wave wreaks havoc from Delhi to UP, heatwave alert issuedWeather Today: दिल्ली-यूपी सहित पूरा उत्तर भारत इस समय तपिश में जल रहा है. आसमान से बरसती आग और दिनभर चलती गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही है. पारा 44 के पार जा रहा है. न दिन में चैन है, न रात में. एसी-कूलर भी एक वक्त के बाद जवाब दे रहे हैं. ऐसे में लोगों के लिए गर्मी के ये तेवर झेलना मुश्किल हो रहा है. मौसम विभाग ने दिल्ली में तीन दिन तक हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है. तो एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान भी इससे अछूते नहीं हैं. हैरानी तो इस बात की है कि 23 अप्रैल तक ये चुभती गर्मी लोगों पर जरा भी मेहरबान नहीं होने वाली है.24 अप्रैल तक दिन में लू के थपेड़े राजधानी दिल्ली में आज से 24 अप्रैल तक दिन में लू के थपेड़े आपको परेशान करने वाले हैं. आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के पार जाएगा. आसमान साफ रहेगा और दिन में लू का येलो अलर्ट है. 22 अप्रैल से 26 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 42 डिग्री पर ही रहेगा पर न्यूनतम तापमान 26 डिग्री को छुएगा. बारिश का कोई अलर्ट नहीं है. पंजाब-हरियाणा की बात करें तो यहां भी गर्मी ने कोई राहत नहीं दी है. पंजाब में 2 अप्रैल यानी आज से 24 अप्रैल तक हीटवेव का येलो अलर्ट है. हरियाणा में भी यही हाल रहने वाला है. मतलब साफ है कि दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक लू के थपेड़े कड़ा इम्तेहान लेंगे.असम में होगी भारी बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने असम में अगले दो से तीन दिनों तक लगातार बारिश की संभावना जताई है. विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है.गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार,पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण तथा उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय एक अन्य सिस्टम के कारण यह मौसम बना हुआ है. ये दोनों सिस्टम आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को और तेज कर सकते हैं.उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहा है. अप्रैल में ही जेठ जैसी तपिश ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि बुंदेलखंड के झांसी और बांदा में पारा 45 डिग्री तक जा पहुंचा है. ऐसे हालात में लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.Also Read: लखनऊ की सड़कों पर सियासी शक्ति प्रदर्शन, CM योगी करेंगे कल पैदल मार्च मौसम विभाग के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. लगभग 16 जिलों में तापमान पहले ही 40 डिग्री पार कर चुका है और अगले 2 दिनों में इसमें 2-3 डिग्री की और बढ़ोतरी संभव है. हालांकि, पश्चिमी यूपी में आंशिक बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है. इसके अलावा एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, जिससे कुछ इलाकों में तेज हवाएं, गरज और आंधी देखने को मिल सकती है. लेकिन फिलहाल भारी बारिश के कोई संकेत नहीं हैं.
लखनऊ की सड़कों पर सियासी शक्ति प्रदर्शन, CM योगी करेंगे कल पैदल मार्च
लखनऊ की सड़कों पर सियासी शक्ति प्रदर्शन, CM योगी करेंगे कल पैदल मार्च
Political power show on the streets of Lucknow, CM Yogi will march on foot tomorrowनारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिर जाने से बीजेपी में आक्रोश है, यही वजह है कि पार्टी देशभर में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. इसी सिलसिले में कल यानी मंगलवार (21 अप्रैल) को यूपी में बीजेपी पैदल मार्च निकालने की मुहिम चलाने जा रही हैं, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे, इनमें महिलाएं भी होंगी.सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक आयोजित जानकारी के मुताबिक, यह पैदल मार्च लखनऊ में स्थित सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक आयोजित होगा. इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, उनके मंत्री डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक शामिल होंगे. इसके अलावा इस मार्च में महिला जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा कार्यकर्ता और महिला आयोग की अध्यक्ष समेत पूरी टीम शामिल होगी. बताया जा रहा है कि, इस पैदल यात्रा में हिस्सा लेने के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताएं राजधानी पहुंच रही हैं. कालिदास मार्ग से निकलने वाली यह पदयात्रा महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष पर हमला बोलने का प्रमुख हिस्सा है.जानें वाराणसी में कब है कार्यक्रमभारतीय जनता पार्टी ने पहले ही नारी शक्ति वंदन अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली थी, लेकिन विधेयक के पास न होने के बाद अब इसे दोनों तरफ से सियासी मुद्दा बना दिया गया है. बीजेपी पदाधिकारियों के मुताबिक, 21 अप्रैल की पदयात्रा के बाद 28 अप्रैल को वाराणसी में और बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 50 हजार महिलाएं शामिल होंगी. इस कार्यक्रम के जरिए भी विपक्षी दलों को घेरने की रणनीति बनाई गई है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे.विपक्ष को लेकर बीजेपी का बड़ा बयानवहीं, विपक्षी दलों ने विधेयक गिरने का दोष बीजेपी पर मढ़ते हुए अपना तर्क दिया है, लेकिन बीजेपी इसे विपक्ष की साजिश बता रही है. पार्टी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर विपक्ष अब सच्चाई से मुंह छिपा रहा है. यह पदयात्रा और वाराणसी कार्यक्रम बीजेपी की महिला सशक्तिकरण की छवि को और मजबूत करने के साथ-साथ आगामी चुनावी रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है.https://www.youtube.com/watch?v=uhSzJoCRqDI
BHU छात्र राजनीति से लेकर कांग्रेस न छोड़ने तक, नेता अनिल ने खोले कई राजनीतिक राज
BHU छात्र राजनीति से लेकर कांग्रेस न छोड़ने तक, नेता अनिल ने खोले कई राजनीतिक राज
From BHU student politics to not leaving Congress, leader Anil reveals many political secretsवाराणसी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल श्रीवास्तव ने छात्र राजनीति, बनारस की पुरानी सियासत, कांग्रेस से अपने लंबे सफर और वर्तमान राजनीति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत गांव से पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र जीवन में हुई और BHU छात्रसंघ ने उन्हें पहचान दिलाई. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने सनातन धर्म इंटर कॉलेज से छात्र राजनीति शुरू की. फिर DAV कॉलेज और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचे. वर्ष 1978 में पश्चिमी नगर शासन के अध्यक्ष चुने गए और बाद में नगर शासन के अध्यक्ष भी बने, इसके बाद BHU छात्रसंघ चुनाव लड़ा और महामंत्री बने.उन्होंने कहा कि उस दौर में BHU छात्रसंघ चुनाव सांसद चुनाव से भी ज्यादा चर्चित होता था, राष्ट्रीय दलों की नजर रहती थी और बड़े नेता इसमें रुचि लेते थे. छात्रसंघ केवल चुनाव नहीं, बल्कि वैचारिक राजनीति की प्रयोगशाला था.“कांग्रेस को रोकने के लिए बना था मोर्चा”अनिल श्रीवास्तव ने दावा किया कि जब वे छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को रोकने के लिए विरोधी दलों ने संयुक्त मोर्चा बनाया था. उस चुनाव में राजेश मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह जैसे कई बड़े नाम सक्रिय थे, उन्होंने कहा कि चुनाव बेहद ऐतिहासिक और संघर्षपूर्ण रहा.छात्रसंघ खत्म होना लोकतंत्र के लिए नुकसानउन्होंने कहा कि छात्रसंघ राजनीति खत्म होना देश की राजनीति के पतन की शुरुआत है। छात्र राजनीति से ही बड़े नेता निकलते थे। लालू यादव, नीतीश कुमार, प्रफुल्ल महंत समेत कई नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि छात्र आंदोलन सत्ता बदलने की ताकत रखते थे।उनका आरोप था कि सभी दलों ने मिलकर छात्रसंघ व्यवस्था कमजोर की। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के बाद छात्र राजनीति का प्रभाव कम हो गया.“हर दल से ऑफर मिला, लेकिन कांग्रेस नहीं छोड़ी”अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें बसपा, समाजवादी पार्टी और भाजपा से भी प्रस्ताव मिले, लेकिन उन्होंने कभी कांग्रेस नहीं छोड़ी। उनका कहना था कि कांग्रेस की विचारधारा पर उन्हें भरोसा है और देश को आजादी दिलाने वाली पार्टी कांग्रेस ही है, उन्होंने कहा, “कांग्रेस हर जाति, धर्म, भाषा और वर्ग को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।”विरोधियों से भी रिश्ते बेहतरउन्होंने बताया कि भाजपा के कई नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं। मनोज सिन्हा, महेंद्र पांडेय, रविंद्र जायसवाल जैसे नेताओं से आज भी आत्मीय संबंध हैं। चुनावी लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन निजी रिश्ते हमेशा सम्मानजनक रहे.“जहां खड़ा होता हूं, लोग साथ जुड़ जाते हैं”अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि वे किसी से चंदा लेकर राजनीति नहीं करते। चुनाव हारने के बाद भी कार्यकर्ताओं का पैसा लौटाते हैं। शादी-ब्याह, सामाजिक कार्यक्रम और जरूरतमंदों की मदद में हमेशा आगे रहते हैं। यही कारण है कि हर दल और समाज के लोग उनसे जुड़े रहते हैं.गांडीव अखबार की पुरानी पहचान का किया जिक्रअनिल श्रीवास्तव ने कहा कि एक समय में गांडीव अखबार बनारस के हर व्यापारी घराने तक पहुंचता था और लोग शाम को उसे खरीदकर पढ़ते थे। उन्होंने कहा कि गांडीव का अपना तेवर और अलग पहचान थी। अब गांडीव डिजिटल उसी विरासत को आगे बढ़ा रहा है, उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांडीव डिजिटल को देखें, शेयर करें और समर्थन दें.https://www.youtube.com/watch?v=uhSzJoCRqDI