वाराणसी का एक लाख का इनामी बदमाश लल्लन पुलिस मुठभेड़ में ढेर, दरोगा को मारी थी गोली...

वाराणसी और बिहार में कई सनसनीखेज वारदातों में वांछित एक लाख रुपये का इनामी बदमाश लल्लन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस मुठभेड़ में ढेर हाे गया. सहारनपुर जिले के सरसावा-नकुर मार्ग पर 21-22 जून की रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में उसे गोली लगी. घायल अवस्था में उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा और बाद में जिला अस्पताल सहारनपुर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस के अनुसार लल्लन सिंह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र स्थित आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था. वह अपने भाइयों और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट, सरकारी हथियार लूट और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता था.
लल्लन पर वर्ष 2022 में वाराणसी में एक सब-इंस्पेक्टर अजय यादव को गोली मारकर उनकी सर्विस पिस्टल लूटने तथा चंदौली में गोलीबारी कर लूट की घटना को अंजाम देने का भी आरोप था. इसके अलावा उसके खिलाफ सात लोगों की हत्या के मामले दर्ज थे, जिनमें दो सब-इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड की हत्या भी शामिल है. उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक लाख रुपये तथा चंदौली पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
यह मुठभेड़ अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई. पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान लल्लन का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस का कहना है कि लल्लन सिंह के मारे जाने से कई लंबित संगीन मामलों के खुलासे में मदद मिलेगी और उसके आपराधिक नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है.
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दो भाइयों को भी मुठभेड में मार गिराया
8 नवंबर 2022 का दिन वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र को हमेशा याद रहेगा. सब-इंस्पेक्टर अजय यादव ड्यूटी पर थे. अचानक तीन भाई मनीष सिंह, रजनीश सिंह और लल्लन सिंह ने दरोगा अजय यादव को गोली मारी और उनकी सर्विस पिस्टल लूट ली. तीनों बिहार के खूंखार अपराधी थे. डकैती, लूट, हत्या के कई मामले उनके नाम पर थे. पुलिस के हथियार लूटकर वे और खतरनाक हो गए थे. तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बदमाशों की इस चुनौती को दिल पे ले लिया, पूरी वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस बदमाशो की तलाश में जुट गई.
तत्कालीन सर्विलांस प्रभारी अंजनी पांडेय और उनकी टीम ने मात्र 13 दिन बाद, 21 नवंबर को उन्होंने "ऑपरेशन पाताल लोक" चलाया. खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने बदमाशों को घेर लिया. मुठभेड़ हुई। मनीष सिंह और रजनीश सिंह उर्फ बउआ ढेर हो गए. लूटी गई 9 मिमी पिस्टल बरामद हुई. दो भाई परलोक सिधार गये, लेकिन तीसरा भाई लल्लन सिंह फरार हो गया. उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ.



