SI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द से जुड़े सवाल पर बवाल, वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन

वाराणसी: यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द से जुड़े सवाल पर बवाल मचा हुआ है. इसी क्रम में साेमवार को जिला मुख्यालय पर जुलूस निकालकर अधिवक्ताओं ने पुलिस भर्ती बोर्ड का पुतला फूंकने की कोशिश की. इस दौरान गहमागहमी के बीच कैंट थाने की पुलिस ने पुतला छीन लिया. वहीं विरोध करने वालों ने कहा कि भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए .

वकीलों ने कहा कि ये जानबूझकर बनाया हुआ सियासी मुद्दा है, ब्राह्मणों का लगातार अपमान किया जा रहा है. सवाल में ‘पंडित’ शब्द को विकल्प के तौर पर दिए जाने पर वकीलों और ब्राह्मण संगठनों ने नाराजगी जताई. विरोध कर रहे लोगों ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की.
कैंट पुलिस को दी तहरीर
उत्तर प्रदेश पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पंडित शब्द को कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में शामिल किए जाने के विरोध में समाज के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैंट थाने में तहरीर दी. कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने उच्चाधिकारियों के आदेश के क्रम में कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

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प्रतिनिधिमंडल में शामिल शशांक शेखर त्रिपाठी और राजेश त्रिवेदी ने कहा कि पंडित शब्द भारतीय समाज में परंपरागत रूप से विद्वानों व ब्राह्मण समाज के लिए प्रयुक्त होने वाला एक सम्मानसूचक संबोधन है, जो ज्ञान, विद्वता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है. ऐसे सम्मानित शब्द को नकारात्मक अर्थ वाले शब्द के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जाना समाज के एक बड़े वर्ग की सामाजिक प्रतिष्ठा और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है.

FIR दर्ज कर की जाए कठोर कार्रवाई
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए जिम्मेदार अधिकारियों, प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों, मॉडरेशन समिति के सदस्यों व परीक्षा आयोजन से संबंधित एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए. प्रतिनिधि मंडल में अरुण कुमार मिश्रा, आशुतोष शुक्ला, नीरज चौबे (सोनू), उपेंद्र निगम, शिवेंद्र कुमार दुबे मौजूद रहे.



