आसाराम बापू के काशी प्रवास पर चर्चाओं को लगे पंख, खातिरदारी पर उठने लगे सवाल

वाराणसी: दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा के बीच आसाराम बापू के काशी प्रवास पर चर्चाओं का बाजार गर्म है. छह माह की अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह फिलहाल बाहर हैं और रविवार को वाराणसी पहुंचे. उनके बाबा दरबार में दर्शन पूजन और वीआइपी ट्रीटमेंट दिए जाने की खबर अब सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रही है. लोग उनकी खातिरदारी पर सवाल खडे कर रहे हैं. बाबा दरबार के वीआइपी गेट नंबर चार से उनकी एंट्री और पुलिस की सुरक्षा अभिरक्षा में गेट के पास तक उनकी गाड़ी जाने के साथ ही उनको अलग से दर्शन कराने को लेकर चर्चाओं को पंख लग गए हैं. लोगों का एक ही सवाल है कि आखिर इतनी वीआइपी खातिरदारी किस लिए.

आसाराम बापू के दर्शनों के लिए लोगों की उमड़ी भीड़.
दरअसल, उनके अयोध्या से निकलने के बाद से ही काशी आने की चर्चा बनी हुई थी. वह हरहुआ में फूलपुर थाना क्षेत्र के अनौरा स्थित संत आशाराम बापू आश्रम में लंबे समय बाद पहुंचे तो उनके समर्थकों की भी खूब जुटान हुई. आसाराम बापू के आगमन की सूचना मिलते ही पूर्वांचल और बिहार से हजारों अनुयायी दर्शन के लिए उमड़ पड़े. लगभग 12 वर्षों के सन्नाटे के बाद, 2013 से पहले जैसी हलचल एक बार फिर देखने को मिली. जौनपुर, भदोही, मीरजापुर, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली और पड़ोसी राज्य बिहार के अनुयायी भी यहां उपस्थित थे. मगर उनसे मिलने के पूर्व चर्चा है कि मोबाइल प्रतिबंधित कर दिया गया था. लिहाजा उनकी तस्वीरें किसी तरह से ही सामने आ सकी.

आसाराम बापू दुष्कर्म मामले में काट रहे सजा
सूत्रों के अनुसार, नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आशाराम इस समय जमानत पर बाहर हैं और बनारस के आश्रम में ठहरे हुए हैं. रविवार को उन्होंने व्यास पीठ से अपने अनुयायियों को संबोधित भी किया. आश्रम प्रशासन ने परिसर के भीतर सुरक्षा और गोपनीयता के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए थे. सत्संग हॉल में प्रवेश करने वाले हर श्रद्धालु का पहचान पत्र लेकर मोबाइल फोन मुख्य द्वार पर जमा कराया जा रहा था.

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आश्रम के सेवादारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि भीतर की कोई भी गतिविधि कैमरे में कैद न हो. यदि कोई व्यक्ति छिपकर वीडियो बनाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत डिलीट करवाया जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस आश्रम में डेढ़ दशक से सन्नाटा था, वहां अब लग्जरी गाड़ियों के काफिले और समर्थकों के हुजूम से गांव का माहौल बदल गया है. रविवार दोपहर करीब दो बजे आशाराम का काफिला अनौरा आश्रम से अलईपुरा शहर आश्रम के लिए रवाना हुआ. चर्चा रही कि वह गंगा नदी के किनारे किसी शांत स्थान पर समय बिताने गए हैं.



