Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु

काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
Jul 16, 2026, 10:40 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : महादेव की नगरी काशी में भक्तिमय वातावरण के बीच गुरुवार की सुबह भगवान जगन्नाथ की तीन दिवसीय ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का शुभारंभ हुआ. नई व्‍यवस्‍था के साथ तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पीतांबरी श्रृंगार किया गया. इसके बाद संपन्न हुई मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की. सुबह लगभग पांच बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. जैसे ही दर्शन शुरू हुए, मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर भक्तों की लंबी कतार दिखाई देने लगीं. पूरे क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया.


इस बार लगभग पांच किलोमीटर की रथयात्रा


इस वर्ष की रथयात्रा लगभग पांच किलोमीटर के निर्धारित मार्ग से होकर निकलेगी. भगवान को पारंपरिक रूप से 56 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया गया. दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में नानखटाई और तुलसी दल वितरित किए गए. भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की. करीब दो किलोमीटर तक फैले मेले में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली. धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही. दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए.


mm


पहली बार बैरिकेडिंग से व्यवस्थित हुई दर्शन व्यवस्था


श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने विशेष इंतजाम किए हैं. पहली बार दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बैरिकेडिंग की गई है. श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण में काफी सुविधा मिल रही है और दर्शन भी सुचारु रूप से संपन्न हो रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस बल तैनात की गई है. इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है. इस दौरान अतिक्रमण करने वालों को हिदायत भी दी गई.


mm


नानखटाई बनी मेले का प्रमुख आकर्षण


काशी की जगन्नाथ रथयात्रा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है. इस मेले में भगवान को नानखटाई का भोग लगाने की वर्षों पुरानी परंपरा है. यही कारण है कि मेले के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है. रथयात्रा मार्ग पर जगह-जगह नानखटाई के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विभिन्न स्वाद और आकार की नानखटाई उपलब्ध है. श्रद्धालु प्रसाद के रूप में इसे खरीदने के साथ-साथ अपने परिजनों और मित्रों के लिए भी बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं. दुकानदारों के अनुसार रथयात्रा के तीन दिनों में नानखटाई की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक हो जाती है.


ALSO READ: कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरार



मंगला आरती में शामिल हुए ट्रस्ट अध्यक्ष


जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह भी अपने परिवार के साथ मंगला आरती में शामिल हुए. उन्होंने भगवान जगन्नाथ का पूजन कर प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी में भगवान जगन्नाथ की दिव्य मंगला आरती में सम्मिलित होना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का विषय है. उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय रथयात्रा मेला 16, 17 और 18 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है तथा सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में पहुंचकर भगवान के दर्शन करने और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की. वाराणसी की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया