लाखों की मशीनें, सुरक्षा बेपरवाह: डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट के सीवेज पंपिंग सेट की छत पर खड़ा हो रहा ठेला, बाहर बना वाहन स्टैंड

वाराणसी: शहर के सीवेज सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए लाखों रुपये की लागत से लगाए गए डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट सीवेज पंपिंग सेट की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यहां जिम्मेदार कर्मचारियों की कथित लापरवाही का आलम यह है कि पंपिंग सेट की छत तक को ठेला खड़ा करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, मुख्य गेट के बाहर दाहिनी ओर खाली पड़ी जगह को वाहन स्टैंड में तब्दील कर दिया गया है।
पंपिंग सेट परिसर में महत्वपूर्ण और महंगी मशीनें लगी हैं। इन मशीनों की सुरक्षा के लिए परिसर में अनधिकृत गतिविधियों और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक होनी चाहिए, लेकिन यहां तस्वीर इसके उलट नजर आती है। पंपिंग सेट की छत पर ठेला खड़ा होने से साफ है कि परिसर की निगरानी किस स्तर की है। सवाल यह भी है कि ठेले को वहां तक पहुंचने की अनुमति आखिर किसने दी?
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंपिंग सेट पर तैनात कर्मचारी परिसर की निगरानी करने के बजाय अक्सर अंदर आराम करते नजर आते हैं। यही वजह है कि परिसर के बाहर और भीतर मनमाने तरीके से वाहन और ठेले खड़े किए जा रहे हैं। लोगों के मुताबिक, यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसी दिन छोटी सी लापरवाही बड़ी घटना का कारण बन सकती है।
सीवेज पंपिंग सेट शहर की सफाई व्यवस्था से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां लगी मशीनों में खराबी आने पर आसपास के इलाकों की सीवेज व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब लाखों रुपये की मशीनरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी है तो परिसर को वाहन स्टैंड और ठेला खड़ा करने की जगह कैसे बना दिया गया?



