वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के शिकार युवक के 3.20 लाख रुपये कराए वापस

वाराणसी: कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के 3 लाख 20 हजार रुपये वापस कराकर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) के कुशल निर्देशन में की गई।
जानकारी के अनुसार, कपसेठी थाना क्षेत्र के रहने वाले अखिलेश कुमार को साइबर ठगों ने अधिक मुनाफे और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम में फंसा लिया। ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने कुल 4 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब न तो कोई मुनाफा मिला और न ही रकम वापस हुई, तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर सेल की टीम ने बिना समय गंवाए तकनीकी विश्लेषण शुरू किया और संबंधित बैंकों व पेमेंट गेटवे से संपर्क कर ठगों के खातों को फ्रीज कराया।
साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी गई कुल राशि में से 3 लाख 20 हजार रुपये पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक रिफंड करा दिए गए। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।
इस सफल अभियान में प्रभारी साइबर अपराध सेल निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अजय कुमार पाण्डेय तथा कांस्टेबल रोहित कुमार तिवारी, युवराज सिंह और शनि यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer, RustDesk जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें। साथ ही किसी भी अनधिकृत लिंक या ऐप के जरिए निवेश करने से बचें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट करें।



