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घर पर बनाएं क्रिस्पी और लच्छेदार पराठे, जाने ये टिप्स

घर पर बनाएं क्रिस्पी और लच्छेदार पराठे, जाने ये टिप्स
Mar 29, 2026, 01:15 PM
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Posted By Preeti Kumari

आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोगों को खुद का ध्यान रखने के लिए जरा भी समय नहीं मिल पाता है. वजह पैसा कमाने. जो हर किसी के लिए जरूरी तो है मगर इतना भी नहीं कि आप दिन रात पैसा कमाने की चाहत में खुद की बॉड़ी का ध्यान ना रख सकों. बिजी लाइफस्टाइल का असर हमारे खान-पान से लेकर हमारी बॉड़ी पर तक पड़ता है. लेकिन बेहतर होगा कि, खुद के लिए कोशिश जरूर करें कि समय निकाल कर खर का खाना बनाकर खाएं. बाहर खाने से शरीर में कई तरह की दिक्कतें होनी शुरू हो जाती हैं.


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खाने में पराठों का स्वाद


खाने में पराठों का स्वाद ही कुछ अलग होता है.नाश्ते की टेबल हो या रात के खाने का साथ, पराठे हमेशा सभी का दिल जीत लेते हैं. खासकर अगर आपके परिवार में पूरी से ज्यादा पराठों का शौक है, तो आपके लिए यह जरूरी हो जाता है कि आप उनके लिए पराठे बिल्कुल परफेक्ट और परतदार बनाएंय. जब पराठे के एक-एक परत खुलकर मक्खन के साथ उनके सामने आएगी, तो वो न केवल खुश होंगे बल्कि आपकी तारीफें भी करते नहीं थकेंगे. तो चलिए आपको बता दें, कि परतदार और स्वादिष्ट पराठें कैसे बनाए जाते हैं.


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आटा गूंधने की कला


गेहूं के आटे में थोड़ा सा मैदा मिलाने से पराठों की परतें बढ़ती हैं और इसे गूंथते समय गुनगुना पानी इस्तेमाल करें और हल्का सा नमक व 1-2 चम्मच तेल या घी मिलाएं. आटे को ज्यादा कड़ा या ज्यादा ढीला न रखें, बस इतना कि वह बेलने में आसान हो.


आटे को ऐसे गूंदे


गूंथा हुआ आटा अगर तुरंत बेल लिया जाए तो पराठे सख्त बनते हैं. इसलिए आटे को गीले कपड़े से ढककर कम से कम 20-30 मिनट के लिए रख दें.


परतें बनाने का सही तरीका


परतदार पराठे की जान होती है उसकी लेयरिंग. आटे की लोई बेलकर उस पर हल्का घी लगाएं और फिर उस पर सूखा आटा छिड़कें. अब इसे रोल की तरह बेल लें या पंखे की तरह फोल्ड कर लें और फिर से गोल लोई बना लें, इस प्रॉसेज से पराठा बेलते समय ये स्वाभाविक रूप से परतदार बनता है.


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बेलने और सेंकने का सही बैलेंस


पराठा बेलते समय ध्यान रखें कि वह बहुत पतला न हो और न ही बहुत मोटा. मध्यम मोटाई पराठे की परतों को खुलने में मदद करती है. तवा हमेशा मीडियम-हाई फ्लेम पर होना चाहिए, अगर तवा बहुत गरम होगा तो पराठा बाहर से जल सकता है और अंदर से कच्चा रह जाएगा. पराठे का असली स्वाद घी में आता है, वैसे हल्के खाने के लिए तेल का ऑप्शन भी लिया जा सकता है. जब पराठा तवे पर डालें तो दोनों तरफ से अच्छे से सेंकें और घी को समान रूप से फैलाएं.


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स्टफिंग से बनाएं खास


पराठे अगर स्टफ्ड हों तो उनकी शान और भी बढ़ जाती है. आलू, पनीर, गोभी, मूली, पालक, मेथी या फिर चीज – जो भी स्टफिंग पसंद हो, उसे सही मसालों के साथ भरें, स्टफिंग डालते समय यह ध्यान रखें कि वह ज्यादा गीली न हो, वरना पराठा फट सकता है. गर्मागर्म पराठों को मक्खन की टिक्की, दही, अचार और हरी मिर्च के साथ सर्व करें. साथ में प्याज के स्लाइस हों तो स्वाद और भी बढ़ जाएगा. कभी-कभी आप पराठों को रायते या चटनी के साथ भी सर्व कर सकती हैं.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।