मनीष हत्याकांड के इनामी आरोपी हुए अंडरग्राउंड, विधायकों ने दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

The accused in the Manish murder case went underground, and MLAs provided financial assistance of Rs 10 lakh.
वाराणसी: युवा उद्यमी मनीष सिंह हत्याकांड के वांछित 25-25 हजार के इनामी पांच आरोपी पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए फरार चल रहे हैं. वहीं, इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फूलपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की चार टीमें दबिश देने में लगी हुई हैं. जौनपुर, गाजीपुर समेत आसपास जिलों में आरोपियों की लोकेशन मिली है. उधर, पिछले दिनों खालिसपुर में दबिश देने गई एसओजी पर हमला करने वाले अज्ञात 60 आरोपियों में भी किसी की पहचान नहीं हो सकी है. इस बीच हत्याकांड को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ गई है. बुधवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाध्यक्ष व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर में मृतक मनीष की दादी सावित्री देवी को मदद के तौर पर 10 लाख रुपये का चेक सौंपा है.

आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित
एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि धनराशि पीड़िता के खाते में भेज दी गई है. इस दौरान एडीएम वित्त, डीसीपी गोमती नीतू कात्यायन, तहसीलदार कुलवंत सिंह आदि मौजूद रहे. घमहापुर निवासी आरोपियों में आशीष राजभर, मनीष राजभर, दीपक राजभर, गोविंद राजभर, नागेंद्र राजभर हैं. अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान कराई जा रही है. डीसीपी गोमती जोन ने आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है. बतादें कि कार से दुर्घटना में महिला के घायल होने के बाद मनीष की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी.

सपा प्रतिनिधिमंडल को रोकने का प्रयास, अजय राय ने कही ये बात
मनीष सिंह की हत्या के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के गांव में पहुंचने का सिलसिला जारी है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक अजय राय व जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे. सभी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह घटना दिल दहला देने वाली है. इस बीच गुरुवार को पीडित परिवार से मिलने घमहापुर जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया.

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इस दौरान गहमागहमी का माहौल देखने को मिला. इस दौरान सपा नेता और कार्यकर्ता वहीं जमीन पर बैठ गए. हालांकि बाद में सपा प्रतिनिधिमंडल घमहापुर पहुंचा और पीडित परिवार को ढांढस बंधाया. गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात की गई है. पुलिस के वरिष्ठ अफसर मामले की बराबर निगरानी कर रहे हैं.



