मनीष हत्याकांड में दबिश देने गई SOG को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पिस्टल छीनी

Villagers took hostage the Special Operations Group (SOG) that had gone to investigate the Manish murder case and snatched their pistol.
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के मनीष सिंह हत्याकांड में आरोपियों की तलाश में दबिश देने गई एसओजी टीम को सोमवार की रात खालिसपुर गांव में ग्रामीणों के कोप का सामना करना पड़ा. सादे वेश में दबिश देने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने गलतफहमी में घेर लिया, मारपीट की और दो सिपाहियों को बंधक बना लिया. इस दौरान एक सिपाही की पिस्टल भी छीन ली गई. सूचना के बाद पहुंचे फूलपुर थाना इंचार्ज ने स्थिति को संभाला.

जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार फूलपुर थाना क्षेत्र के भरथरा घमहापुर में हुए मनीष सिंह हत्याकांड के आरोपियों की लोकेशन खालिसपुर गांव में मिली थी. इसी आधार पर एसओजी टीम रात करीब आठ बजे गांव में दबिश देने पहुंची. टीम के सादे कपड़ों में होने के कारण ग्रामीणों को भ्रम हो गया कि मनीष सिंह के परिजन जबरन किसी युवक को उठाने आए हैं. बताया जाता है कि एसओजी टीम ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया, जिसके बाद मौके पर बडी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और टीम को घेर लिया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों ने टीम के साथ हाथापाई शुरू कर दी. इस दौरान एक सिपाही किसी तरह मौके से भाग निकला, जबकि दो सिपाही ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गए. ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर बंधक बना लिया और एक सिपाही की पिस्टल भी छीन ली.

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हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद फूलपुर इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद उन्होंने दोनों सिपाहियों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और स्थिति को नियंत्रित किया. हालांकि इस अफरातफरी के बीच आरोपी युवक मौके से फरार हो गया. इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह पूरी घटना ग्रामीणों की गलतफहमी के कारण हुई. उन्होंने कहा कि पुलिस टीम के साथ बदसलूकी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है. बता दें कि कारोबारी मनीष सिंह की कार के धक्के से एक महिला घायल हो गई थी. दुर्घटना के बाद मनीष पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था.




