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वाराणसी में सीएनजी पंप के यार्ड में लगी भीषण आग, आधी रात तक उठती रही ऊंची लपटें...

वाराणसी में सीएनजी पंप के यार्ड में लगी भीषण आग, आधी रात तक उठती रही ऊंची  लपटें...
Jun 20, 2026, 06:23 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियाव एग्रो पार्क के पास स्थित गेल सीएनजी पंप के यार्ड में शुक्रवार की रात भीषण आग लगने से हडकंप मच गया. वाराणसी और जौनपुर से दमकल की दर्जन भर गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं. आधी रात के बाद तक लगभग 40 फीट ऊंची लपटों को देख पुलिस ने वाराणसी-जौनपुर हाइवे के एक लेन पर यातायात अस्‍थायी तौर पर रोका गया. फायर अधिकारियों के अनुसार पंप के पीछे गोदाम में शाॅर्ट सर्किट से आग लगी और फिर यार्ड भी जद में आ गया. गेल अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. आग बुझाने में दमकल कर्मियों को जमकर पसीने बहाने पडे. इसके बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका. आग से भारी क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है.


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वाराणसी-जौनपुर नेशनल हाइवे एनएच -56 स्थित फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव में गेल का सीएनजी पंप संचालित है. पंप के पीछे गोदाम बना हुआ है. गोदाम में सीएनजी पंप की पाइप समेत अन्य उपकरण रखे जाते हैं. रात 9.10 बजे सीएनजी पंप के पीछे गोदाम में अचानक शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई. पंप कर्मियों समेत आसपास के लोग गोदाम में लगी आग बुझाने का प्रयास किए लेकिन आग बुझी नहीं. फूलपुर फायर स्टेशन से दो गाड़ियां भी गोदाम की आग बुझाने को पहुंची लेकिन असफल साबित हुई. तब तक आग की लपटों ने सीएनजी पंप के यार्ड को भी अपने आगोश में ले लिया.


दो किमी दूर से आग की लपटों और धुआं देखकर राहगीरों के वाहनों की रफ्तार थम गई. फूलपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी. धीरे-धीरे वाराणसी के सभी फायर स्टेशनों की गाड़ियां मंगा ली गई लेकिन आग और भी विकराल होता गया. जौनपुर से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं. मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी, जौनपुर की कुल 12 गाड़ियों को मौके पर आग बुझाने के लिए लगाया गया. पानी खत्म होने पर गाड़ियां तुरंत पास के एक बिस्कुट फैक्ट्री से पानी भरकर पहुंचती रहीं.


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उधर, एहतियातन सुरक्षा को लेकर फूलपुर पुलिस ने वाराणसी-जौनपुर हाइवे की एक लेन को बंद करवा दिया. कुछ देर तक करखियांव पंप के पास अफरा-तफरी का माहौल रहा. पंप के यार्ड से उठते धुएं को देखकर आसपास के गांवों और पास में एग्रो पार्क के उद्योग इकाइयों के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए. पंप के आसपास के स्थलों को खाली करा दिया गया. सीएनजी पंप के यार्ड से आग की लपटों को देखकर गेल अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. आधा रात तक स्थिति बेकाबू रही. फायर ब्रिगेड और फूलपुर पुलिस आग बुझाने की प्रक्रिया में जुटी रहीं. आग बुझाने में तीन लोगों के झुलसने की भी बात सामने आई लेकिन पुलिस ने ऐसी सूचना से इन्कार किया.


लापरवाही से हुई बड़ी घटना, धुएं के गुबार से लोग सहमे


सीएनजी पंप पर सावधानियां बहुत बरती जाती है लेकिन यह जानते हुए भी पंप के पीछे गोदाम बनाया गया. जहां पाइप समेत अन्य ऐसे उपकरण रखे गए थे. एक तरह से सुरक्षा में बड़ी लापरवाही बरती गईं. पंप के पर्यवेक्षण में लगे गेल अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया. लिहाजा, रात में लगी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड और फूलपुर पुलिस हांफ गईं. आसपास के उद्यमियों की भी सांसें अटक गईं. फैक्ट्रियों में तुरंत लोग मुस्तैद हो गए. आग की लपटों और धुएं के गुबार से आसपास के लोग सहम रहे.


गेल के पास नहीं था कोई हाइड्रेंट


गेल के पास कोई हाइड्रेंट नहीं था, जिससे आग को बुझाया जा सके. गेल से सटे बीडी वेंचर ग्रुप का हाइड्रेंट काम आया और फायर ब्रिगेड के पहुंचने के पूर्व गेल पंप के दक्षिणी और पश्चिमी छोर के आग को आगे बढ़ने नहीं दिया. अन्यथा एग्रो पार्क के 12 से अधिक फैक्ट्रियों को आग ने अपनी आगोश में ले लिया होता. उद्यमी राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि 3 लाख लीटर क्षमता वाले हाइड्रेंट को चालू कर दिया, जिससे आग को फैलने और बुझाने में मदद मिली.


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सीएफओ आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी और जौनपुर दमकल की दर्जन भर गाड़ियों से आग बुझाने में कामयाबी मिली. गोदाम में पहले शाॅर्ट सर्किट से आग फैली और फिर सीएनजी पंप का यार्ड भी जद में आ गया.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।