वाराणसी में सीएनजी पंप के यार्ड में लगी भीषण आग, आधी रात तक उठती रही ऊंची लपटें...

वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियाव एग्रो पार्क के पास स्थित गेल सीएनजी पंप के यार्ड में शुक्रवार की रात भीषण आग लगने से हडकंप मच गया. वाराणसी और जौनपुर से दमकल की दर्जन भर गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं. आधी रात के बाद तक लगभग 40 फीट ऊंची लपटों को देख पुलिस ने वाराणसी-जौनपुर हाइवे के एक लेन पर यातायात अस्थायी तौर पर रोका गया. फायर अधिकारियों के अनुसार पंप के पीछे गोदाम में शाॅर्ट सर्किट से आग लगी और फिर यार्ड भी जद में आ गया. गेल अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. आग बुझाने में दमकल कर्मियों को जमकर पसीने बहाने पडे. इसके बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका. आग से भारी क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है.

वाराणसी-जौनपुर नेशनल हाइवे एनएच -56 स्थित फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव में गेल का सीएनजी पंप संचालित है. पंप के पीछे गोदाम बना हुआ है. गोदाम में सीएनजी पंप की पाइप समेत अन्य उपकरण रखे जाते हैं. रात 9.10 बजे सीएनजी पंप के पीछे गोदाम में अचानक शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई. पंप कर्मियों समेत आसपास के लोग गोदाम में लगी आग बुझाने का प्रयास किए लेकिन आग बुझी नहीं. फूलपुर फायर स्टेशन से दो गाड़ियां भी गोदाम की आग बुझाने को पहुंची लेकिन असफल साबित हुई. तब तक आग की लपटों ने सीएनजी पंप के यार्ड को भी अपने आगोश में ले लिया.
दो किमी दूर से आग की लपटों और धुआं देखकर राहगीरों के वाहनों की रफ्तार थम गई. फूलपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी. धीरे-धीरे वाराणसी के सभी फायर स्टेशनों की गाड़ियां मंगा ली गई लेकिन आग और भी विकराल होता गया. जौनपुर से दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं. मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी, जौनपुर की कुल 12 गाड़ियों को मौके पर आग बुझाने के लिए लगाया गया. पानी खत्म होने पर गाड़ियां तुरंत पास के एक बिस्कुट फैक्ट्री से पानी भरकर पहुंचती रहीं.

उधर, एहतियातन सुरक्षा को लेकर फूलपुर पुलिस ने वाराणसी-जौनपुर हाइवे की एक लेन को बंद करवा दिया. कुछ देर तक करखियांव पंप के पास अफरा-तफरी का माहौल रहा. पंप के यार्ड से उठते धुएं को देखकर आसपास के गांवों और पास में एग्रो पार्क के उद्योग इकाइयों के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए. पंप के आसपास के स्थलों को खाली करा दिया गया. सीएनजी पंप के यार्ड से आग की लपटों को देखकर गेल अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. आधा रात तक स्थिति बेकाबू रही. फायर ब्रिगेड और फूलपुर पुलिस आग बुझाने की प्रक्रिया में जुटी रहीं. आग बुझाने में तीन लोगों के झुलसने की भी बात सामने आई लेकिन पुलिस ने ऐसी सूचना से इन्कार किया.
लापरवाही से हुई बड़ी घटना, धुएं के गुबार से लोग सहमे
सीएनजी पंप पर सावधानियां बहुत बरती जाती है लेकिन यह जानते हुए भी पंप के पीछे गोदाम बनाया गया. जहां पाइप समेत अन्य ऐसे उपकरण रखे गए थे. एक तरह से सुरक्षा में बड़ी लापरवाही बरती गईं. पंप के पर्यवेक्षण में लगे गेल अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया. लिहाजा, रात में लगी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड और फूलपुर पुलिस हांफ गईं. आसपास के उद्यमियों की भी सांसें अटक गईं. फैक्ट्रियों में तुरंत लोग मुस्तैद हो गए. आग की लपटों और धुएं के गुबार से आसपास के लोग सहम रहे.
गेल के पास नहीं था कोई हाइड्रेंट
गेल के पास कोई हाइड्रेंट नहीं था, जिससे आग को बुझाया जा सके. गेल से सटे बीडी वेंचर ग्रुप का हाइड्रेंट काम आया और फायर ब्रिगेड के पहुंचने के पूर्व गेल पंप के दक्षिणी और पश्चिमी छोर के आग को आगे बढ़ने नहीं दिया. अन्यथा एग्रो पार्क के 12 से अधिक फैक्ट्रियों को आग ने अपनी आगोश में ले लिया होता. उद्यमी राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि 3 लाख लीटर क्षमता वाले हाइड्रेंट को चालू कर दिया, जिससे आग को फैलने और बुझाने में मदद मिली.
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सीएफओ आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी और जौनपुर दमकल की दर्जन भर गाड़ियों से आग बुझाने में कामयाबी मिली. गोदाम में पहले शाॅर्ट सर्किट से आग फैली और फिर सीएनजी पंप का यार्ड भी जद में आ गया.



