काशी - विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन, कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूरी

वाराणसी - नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से काशी विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है. यह फैसला उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य विकास प्राधिकरण अधिनियम 2024 की धारा 3 (एक) के प्रविधानों के तहत लिया गया है. काशी विंध्य क्षेत्र में वाराणसी के साथ-साथ इसके सीमावर्ती जनपदों जैसे जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, भदोही और सोनभद्र का क्षेत्र शामिल है.
इस प्राधिकरण के गठन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. काशी विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन मंत्री परिषद के अनुमोदनों के आधार पर अधिसूचना निर्गत किए जाने की तिथि से प्रभावी होगा। इस प्राधिकरण के माध्यम से वाराणसी और उसके निकटवर्ती जनपदों का सामंजस्यपूर्ण शहरीकरण और समेकित नियोजित विकास संभव हो सकेगा. काशी विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन से क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा. इसके साथ ही, क्षेत्र के सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन में भी वृद्धि होगी.
क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. यह निर्णय क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा.
ALSO READ : वाराणसी में ITAT सर्किट बेंच को स्थाई मंजूरी, करदाताओं को मिलेगी राहत, समय की बचत
काशी विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन एक नई दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत है, जिससे क्षेत्र की विकास योजनाओं को गति मिलेगी. यह प्राधिकरण न केवल शहरी विकास को सुगम बनाएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी सहायक सिद्ध होगा.
इस प्राधिकरण के माध्यम से विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास होगा. इसके अलावा, यह प्राधिकरण स्थानीय प्रशासन को भी सशक्त बनाएगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी. युनियोजित विकास की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है.



