करोड़ों की बिजली परियोजना पर मंत्री सख्त, कार्यों के दावों की पार्षदों ने खोली पोल, गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई

वाराणसी : शहर में करीब ₹550 करोड़ की लागत से चल रहे विद्युत सुधार कार्यों को लेकर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चल रहे कार्यों में किसी भी स्तर पर अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मंत्री ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ ₹550 करोड़ की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की.
विद्युत सुधार परियोजना के तहत शहर में जगह-जगह फैले बिजली के तारों के मकड़जाल को हटाने, तारों का सुदृढ़ीकरण, पुराने पोल बदलने, पुराने ट्रांसफार्मरों का उच्चीकरण, नए ट्रांसफार्मर लगाने, विद्युत उपकेंद्रों के उच्चीकरण और नए उपकेंद्रों के निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं. रविंद्र जायसवाल ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं.

इंजीनियर बोले- 90% काम पूरा, पार्षदों ने किया दावा खारिज
समीक्षा के दौरान मंत्री के सामने ऐसी स्थिति भी सामने आई, जहां क्षेत्रीय विभागीय अभियंताओं ने कुछ इलाकों में 90 प्रतिशत तक काम पूरा होने का दावा किया, जबकि संबंधित क्षेत्रीय पार्षदों ने मौके पर काम की प्रगति को इससे अलग बताया. इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दावों में अंतर की स्थिति उचित नहीं है. उन्होंने उच्चाधिकारियों को भी स्थलीय निरीक्षण और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी. मंत्री ने विद्युत सुधार कार्यों की निगरानी के लिए क्षेत्रीय पार्षदों और विभागीय अभियंताओं की संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिए. टीम न केवल नए चल रहे कार्यों बल्कि अब तक पूरे किए गए कार्यों की भी लगातार निगरानी करेगी.
वीडीए की कार्यशैली पर भी मंत्री नाराज
बैठक में रविंद्र जायसवाल ने वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के जोनल अधिकारियों और क्षेत्रीय अभियंताओं की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि गरीब और सामान्य लोगों द्वारा अपनी जमीन या मकान पर छोटे-मोटे निर्माण अथवा मरम्मत कार्य कराए जाने पर उन्हें बेवजह परेशान किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं.
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उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए. मंत्री ने वीडीए उपाध्यक्ष को निर्देश दिया कि छोटे निर्माण या मरम्मत के मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो. साथ ही अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने और क्षेत्रीय अधिकारियों की कार्यशैली पर निगरानी रखने को कहा.बैठक में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक, वीडीए उपाध्यक्ष, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंताओं के साथ रोहित मिश्रा, सिद्धनाथ शर्मा, सुशील गुप्ता, संदीप रघुवंशी, राजेंद्र यादव, राजेंद्र मौर्य, विनय सडेजा, बलीराम कन्नौजिया, कुसुम पटेल, दिनेश यादव, अमित मौर्या, अभय पांडेय और दिनेश सिंह दीनू समेत अन्य लोग मौजूद रहे.



