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"तमिलनाडु के मोदी" सीपी राधाकृष्णन, NDA उपराष्ट्रपति उम्मीदवार...

"तमिलनाडु के मोदी" सीपी राधाकृष्णन, NDA उपराष्ट्रपति उम्मीदवार...
Aug 18, 2025, 06:50 AM
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Posted By Gaandiv

CP Radhakrishnan: देश में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का चयन होना है इसके लिए अब एक महीने से भी कम का समय बचा है. वहीँ, NDA ने काफी मशक्कत के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु से राजनीती शुरू करने वाले सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया है. इतना ही नहीं उन्हें तमिलनाडु का मोदी भी कहा जाता है.


तो आइये जानते हैं कौन हैं सीपी राधाकृष्णन, कहां से हैं, कितने पढ़े-लिखे हैं, उनका सामाजिक जीवन कैसा रहा है और साथ ही सियासी सफर कैसा रहा है, इन सबके बारे में ....


कौन है सीपी राधाकृष्णन?...


सीपी राधाकृष्णनन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. वह तमिलनाडु से आते हैं.उनका पूरा नाम चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन हैं. संघ और बीजेपी से उनका गहरा नाता है. वो 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्रज के राज्यापाल पद पर हैं. उनका राजनीतिक करियर करीब 4 दशकों का रहा है.

सीपी राधाकृष्णन का जन्म और शिक्षा...


अगर सीपी राधाकृष्णन के जन्म और शिक्षा की बात की जाये तो सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुप्पुर, तमिलनाडु में हुआ था. उनके पिता का नाम सीके पोन्नुसामी और माता का नाम के जानकी अम्म2ल है. उन्होंने वीओ चिदंबरम कॉलेज, तूतीकोरिन कॉलेज से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है. उनके पास बिजनेस एडमिनिस्ट्रे शन में स्नातक की डिग्री है.


16 साल में RSS से जुड़े सीपी राधाकृष्णन


कहा जा रहा है कि जब सीपी राधाकृष्णन महज 16 साल के थे तब वह RSS में शामिल हो गए थे. उनके बाद से उन्होंने अपनी राजनीति शुरू की और बाद में वह जनसंघ से जुड़े. उसके बाद जनसंघ टूट जाने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए तब से लेकर आज तक भाजपा में है.



तमिलनाडु के मोदी है सीपी राधाकृष्णन ...


इतना ही नहीं सीपी राधाकृष्णन को तमिलनाडु का मोदी भी कहा जाता है क्योंकि तमिलनाडु में BJP के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 19 हजार किलोमीटर की रथ यात्रा निकाली थी. जिसमें उन्होंने भारतीय नदियों के एकीकरण, आतंकवाद विरोध, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता खत्म करने और नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया.


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1998 में पहली बार बने संसद...


गौरतलब है कि सीपी राधाकृष्णन ने साल 1998 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और लोकसभा पहुंचे. उन्होंने यह चुनाव तमिलनाडु के कोयम्बटूर से लडा था. इसके बाद साल 2003 से लेकर 2006 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहे.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।