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पीलिया का शिकार हो रहे बच्चे, वाराणसी में बीमारियों का खतरा

पीलिया का शिकार हो रहे बच्चे, वाराणसी में बीमारियों का खतरा
Aug 17, 2025, 11:31 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : मौसम में बढ़ी नमी और हाल की बाढ़-बारिश के चलते पेयजल स्रोत बुरी तरह दूषित हो गए हैं. इसके कारण जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, खासतौर पर बच्चों पर इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है.चिकित्सकों के अनुसार, बच्चों में पीलिया के मामले बढ़ रहे हैं.


साथ ही वे वायरल हेपेटाइटिस A, B, C और E की चपेट में आ रहे हैं, जिसमें हेपेटाइटिस A और E के केस सबसे ज्यादा हैं. लक्षणों में तेज बुखार, बार-बार उल्टी, पेट दर्द और आंखों का पीला पड़ना शामिल हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या मुख्य रूप से दूषित पेयजल, पैकेट बंद खाद्य पदार्थ, और बाजार के अस्वच्छ खानपान से फैल रही है.



इस तरह के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. अधिकतर पीड़ित बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल, ईएसआईसी अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, और जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, उबला हुआ पानी पीने और बाहर का दूषित खाना न खाने की सलाह दी है. बच्चों में लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की भी अपील की गई है.



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बच्चों में हेपेटाइटिस का बढ़ता खतरा


अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत, टीकाकरण और स्वच्छता है सबसे बड़ा बचाव जलजनित बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.बच्चों में फैल रहे वायरल हेपेटाइटिस का समय पर निदान और रोकथाम बेहद जरूरी है.


हेपेटाइटिस का निदान मुख्यत.


रक्त परीक्षणों के माध्यम से किया जाता है. हेपेटाइटिस A के मामले अक्सर बिना किसी विशेष इलाज के स्वतः ठीक हो जाते हैं. वहीं हेपेटाइटिस B और C के लिए एंटीवायरल दवाओं की जरूरत पड़ सकती है.बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है. इसके लिए दो बातें बेहद अहम हैं. टीकाकरण – हेपेटाइटिस A और B के लिए सुरक्षित और प्रभावी टीके उपलब्ध हैं. बच्चों का समय पर टीकाकरण जरूरी है. अच्छी स्वच्छता – साफ पानी का सेवन, हाथ धोने की आदत, और बाहर का दूषित खाना न खाना इस संक्रमण से बचा सकता है.



चिकित्सक सलाह देते हैं कि अगर बच्चों में तेज बुखार, पीलापन, उल्टी या पेट दर्द जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाकर जांच करानी चाहिए.स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि बरसात और बाढ़ के इस मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर बीमारी में बदल सकती है.


बच्चों में वायरल हेपेटाइटिस का बढ़ता खतरा: अभिभावक रहें सतर्क तुरंत लें विशेषज्ञ से परामर्श


बरसात के मौसम में दूषित पानी और खराब खानपान के चलते बच्चों में वायरल हेपेटाइटिस के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. इस संक्रमण से बच्चों की लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, और पीलिया जैसे लक्षण तेजी से सामने आ रहे हैं. विशेषज्ञों ने इसे लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.



विशेषज्ञों की राय


प्रो. राजनीति प्रसाद, बाल रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विभाग, आईएमएस-बीएचयू बताते हैं: वायरल हेपेटाइटिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी ही पिलाएं। बाहर की चीजें, खासकर तली-भुनी व पैकेटबंद खाद्य सामग्री, पूरी तरह से बंद कर दें. अगर बच्चों को बुखार हो और दवा से आराम न मिल रहा हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें. खुद से दवा न दें, क्योंकि कुछ बुखार की दवाएं पीलिया को और बढ़ा सकती हैं.



वायरल हेपेटाइटिस के लक्षण


आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया).

तेज बुखार.

भूख न लगना.

पेट दर.

उल्टी और मतली.

गहरे रंग का पेशाब.

लिवर में सूजन.

कमजोरी और थकान.



वायरल हेपेटाइटिस के कारण


दूषित पानी और भोजन का सेवन.

संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों से संपर्क.

गर्भावस्था या प्रसव के दौरान मां से बच्चे को संक्रमण.

हाइजीन की कमी, जैसे हाथ न धोना या गंदे हाथों से खाना खाना.



ऐसे करें बचाव


बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी पिलाएं.

भोजन पूरी तरह पकाकर दें, बाहर का खाना न खिलाएं.

बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.

संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें.

हेपेटाइटिस A और B के टीके समय पर लगवाएं.

बीमारी की आशंका हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
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वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
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वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।