नगर निगम - कूड़ा कलेक्शन पर सख्ती, जलकर सरचार्ज माफ, काशी की सीमाओं पर बनेंगे भव्य ‘काशी द्वार’

वाराणसी : टाउन हॉल मैदान स्थित गांधी भवन में सोमवार को नगर निगम की साधारण सभा की बैठक हुई. बैठक में अहम फैसले लिए गए और शहर से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. अध्यक्षता महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की, जबकि नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत पार्षद भी सदन में मौजूद रहे.

इस दौरान डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर कार्यकारिणी सदस्य द्वारा सवाल उठाए गए. महापौर ने इस विषय पर अपर नगर आयुक्त सविता यादव से जवाब तलब किया और कार्यदायी संस्था पर एक सप्ताह के भीतर भुगतान में कटौती करने के निर्देश दिए. साथ ही काटी गई धनराशि नगर निगम के खाते में जमा कराने के आदेश दिए गए.
जलकर सरचार्ज पूरी तरह माफ
सदन में पार्षद सुरेश कुमार चौरसिया ने जलकल विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना वर्षों का सरचार्ज जोड़कर एकीकृत बिल भेजने का मुद्दा उठाया. चर्चा के बाद सदन ने सर्वसम्मति से जलकर पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ करने का प्रस्ताव पारित कर दिया. महापौर ने इसी माह के अंत तक संशोधित बिल जारी करने के निर्देश दिए. इससे जलकर बकायेदारों को बड़ी राहत मिली है.
खान-पान की दुकानों पर रेट बोर्ड अनिवार्य
पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अधिक वसूली की शिकायतों को देखते हुए पार्षद ने खान-पान की दुकानों पर रेट बोर्ड अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी. अब नगर निगम सीमा में सभी खाद्य दुकानों पर रेट बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा.
काशी की सीमाओं पर बनेंगे भव्य ‘काशी द्वार’
बैठक में वाराणसी की चारों सीमाओं पर भव्य स्वागत द्वार (काशी द्वार) बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इन द्वारों पर काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देगी, जिससे नगर निगम सीमा में प्रवेश करते ही पर्यटकों को एक विशेष अनुभूति होगी. कज्जाकपुरा फ्लाईओवर का नाम बाबा लॉट भैरव फ्लाईओवर रखने पर सदन की मुहर लगी. श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर दायरे में बड़ी धर्मशाला निर्माण पर गंभीर विचारऔर वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी के भुगतान और निगम को मिलने वाली राशि को लेकर विस्तृत चर्चा हुई.
ALSO READ : गंगा में प्रदूषण फैलाने के आरोप में बजड़ा और मोटरबोट जब्त , नाविकों को चेतावनी
महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का उद्देश्य शहर में स्वच्छता, पारदर्शिता, अनुशासन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करना है. सदन में लिए गए फैसलों को जल्द ही अमल में लाया जाएगा.



