वाराणसी में विकास को लेकर नगर निगम का सख्त, समय पर काम नहीं तो जुर्माना

वाराणसी : नगर निगम वाराणसी ने शहर के विकास कार्यों को लेकर सख्त चेतावनी और बड़े फैसले लिए हैं. तय समय सीमा में कार्य पूरा न करने वाली संस्थाओं पर जुर्माना लगाया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. यह निर्देश महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में हुई समीक्षा बैठक में दिए गए. कहा कि काम में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी. महापौर ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़ी परियोजनाओं में देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी.

बैठक में दिए गए निर्देश
* विकास कार्यों में मैनपावर बढ़ाने के निर्देश
* तय समय में काम पूरा न होने पर पेनाल्टी तय
* गुणवत्ता में कमी पर तत्काल कार्रवाई
अस्सी पार्किंग पर अल्टीमेटम
अस्सी क्षेत्र में पार्किंग प्रोजेक्ट को लेकर निर्देश दिए गए कि बीएचयू से ड्राइंग-डिजाइन का अप्रूवल मिलते ही युद्ध स्तर पर काम शुरू किया जाए. 30 अप्रैल तक कार्य शुरू नहीं हुआ तो भारी जुर्माना लगेगा. जल निगम को सभी लंबित कार्य 9 माह में पूरा करने के निर्देश दिए.
* रामनगर पेयजल योजना दिसंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य
* भेलूपुर की 17.5 एकड़ भूमि पर पार्क व पार्किंग प्रोजेक्ट 14 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश
इसके साथ ही बेनियाबाग, पेट्रोल पंप, शिवपुर कांजी हाउस, चितईपुर और रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने को कहा गया. म्युनिसिपल बॉन्ड से होने वाले कार्यों के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती के भी निर्देश दिए गए.
ALSO READ : गंगा में मलजल गिराने पर जिला प्रशासन सख्त, अलकनंदा क्रूज पर पांच हजार का जुर्माना
महापौर का प्रयास लाया रंग
13 पुराने वार्डों में 527 करोड़ से बिछेगी 200 KM नई सीवर लाइन बिछेगी. नगर निगम वाराणसी को सीवर व्यवस्था सुधारने में बड़ी सफलता मिली है. शासन ने 527 करोड़ रुपये की लागत से 13 पुराने वार्डों में 200 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शेष 5 वार्डों के प्रस्ताव को इसी सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है.
इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
हुकूलगंज, नई बस्ती, प्रहलाद घाट, कृतिवाशेश्वर, शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर, काजीपुरा, शिवाला, नगवां, बागाहाड़ा, जंगमबाड़ी और बंगाली टोला सहित
करीब 100 मोहल्ले और 4 लाख से अधिक आबादी लाभांवित होगी.
ट्रेंचलेस तकनीक से होगा काम
* गलियों में कम खुदाई
* मोड़ों पर गड्ढा कर पूरी गली में पाइपलाइन
* गंगा घाटों के पास सीवर ओवरफ्लो की समस्या से मिलेगी राहत
करीब 200 साल पुराने शाही नालों और ब्रिटिश कालीन सीवर सिस्टम पर निर्भर वाराणसी के लिए यह योजना बड़ा बदलाव मानी जा रही है.
नगर निगम का दावा है कि इन फैसलों से शहर की बुनियादी सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार होगा.



