संकटमोचन मंदिर में आज से संगीत का महाकुंभ, दिग्गज कालाकर देंगे प्रस्तुति

वाराणसी: संकटमोचन मंदिर में छह अप्रैल से संगीत का 103वां महाकुंभ आरंभ होने जा रहा है. संगीत साधकों का तीर्थ कहे जाने वाले संकट मोचन मंदिर में आयोजित संगीत समारोह छह दिनों तक चलेगा. इसमें 135 से अधिक कलाकार अपनी संगीत कला का प्रदर्शन करती 45 प्रस्तुतियां देंगे. समारोह में ऊर्जा व अनुभव का समन्वय भी दिखेगा. कारण, प्रस्तोताओं में 11 पद्म सम्मानित कलाकार हैं तो इस बार 21 नवप्रवेशी कलाकारों को भी मंच दिया जा रहा है. इसमें देश के सभी संगीत घरानों और सभी धर्म, पंथों, मजहबों के कलाकार संकट मोचन हनुमानजी के दरबार में अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इनमें पहली बार 14 मुस्लिम कलाकार होंगे.

‘चित्रकूट’ की प्रस्तुति से समारोह का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ इस बार ‘रूपवाणी’ संस्था के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका ‘चित्रकूट’ की प्रस्तुति से होगा. इसका निर्देशन ख्यात रंगकर्मी व साहित्यकार व्योमेश शुक्ल करेंगे. इसके पश्चात पंडित राहुल शर्मा संतूर वादन और पद्मश्री मालिनी अवस्थी का गायन होगा. दूसरे दिन ग्रैमी पुरस्कार विजेता पद्मश्री पंडित विश्वमोहन भट्ट की मोहनवीणा, पं. सुनील भट्ट की सात्विक वीणा का वादन होगा. पं. रामकुमार मिश्र का तबला वादन, उस्ताद गुलाम अब्बास खान का गायन, उस्ताद अकरम खान का तबला वादन होगा.

बिलाल खान का होगा तबला वादन
तीसरे दिन पंडित उल्हास कसालकर का गायन, विवेक सुनार का बांसुरी वादन, पद्मश्री जसपिंदर नरूला का गायन, पं. देवाशीष भट्टाचार्य का गिटार वादन, पं. आलोक लाहिड़ी का सरोद वादन होगा. चौथे दिन पं. यू राजेश का मैंडोलिन वादन और पद्मश्री अनूप जलोटा का गायन विशेष आकर्षण होगा. पंचम निशा में पद्मश्री पं. शंभू महाराज के पुत्र व शिष्य पं. राम मोहन महाराज का कथक, पद्मश्री देवेंद्र नारायण मजूमदार का सरोद वादन, पद्मश्री रोनू मजूमदार का बांसुरी वादन और पद्मश्री कंकणा बनर्जी का तथा उस्ताद मसकुर अली खान का गायन व बिलाल खान का तबला वादन होगा.

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अंतिम दिन छठवें निशा में 11 अप्रैल को पं. रतिकांत महापात्रा और उनकी धर्मपत्नी सुजाता महापात्र ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगे. महताब अली नियाजी का सितार वादन, कलापिनी कोमकली का गायन, सिराज अली खान का सरोद वादन, पंडित अभय रुस्तम सपोरी का शततंत्री वीणा वादन, पंडित अंजू सहाय का तबला वादन होगा. पं. विनोद लेने का तबला वादन, उस्ताद शाकिर खान का सितार वादन होगा और अंत में पद्मभूषण पं. साजन मिश्र पुत्र स्वरांश मिश्र के साथ युगल गायन करेंगे.



