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संकटमोचन संगीत समारोह में मुस्लिम कलाकार देंगे प्रस्‍तुति, नोट कर लें पूरी डिटेल

संकटमोचन संगीत समारोह में मुस्लिम कलाकार देंगे प्रस्‍तुति, नोट कर लें पूरी डिटेल
Mar 30, 2026, 10:43 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: विश्‍वप्रसिद्ध संकट मोचन संगीत समारोह का 103वां आयोजन इस वर्ष 6 से 11 अप्रैल तक मंदिर परिसर में भव्य रूप से होगा. यह प्रतिष्ठित आयोजन अपनी सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक माहौल के लिए देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है. इस बार का समारोह कई मायनों में खास रहने वाला है. पहली बार इस मंच पर 14 मुस्लिम कलाकार भी भगवान हनुमान को समर्पित अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जो सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक समरसता का अनूठा उदाहरण पेश करेगा.


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इसके साथ ही 11 पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार भी इस बार अपनी प्रस्तुति देंगे, जिनमें से कई पहली बार संकट मोचन के दरबार में हाजिरी लगाएंगे. कुल मिलाकर 45 मुख्य कलाकारों सहित 150 से अधिक कलाकार इस आयोजन में भाग लेंगे.


"आयोजन केवल संगीत का मंच नहीं"


मंदिर के महंत एवं आयोजनकर्ता प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन केवल संगीत का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समावेश का प्रतीक है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कम से कम एक ऐसा मंदिर जरूर रहना चाहिए, जहां सभी धर्मों और विचारों के लोगों को आने की स्वतंत्रता हो. यह समारोह रोज शाम 7:30 बजे से सूर्योदय तक संकट मोचन मंदिर के प्रांगण में आयोजित होगा.


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इस संगीत समारोह से पहले 2 से 5 अप्रैल तक मंदिर में हनुमान जंयती के अवसर पर भव्य रामायण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इस दौरान देश के विभिन्न शहरों से प्रसिद्ध रामायण मंडलियां और मानस वक्ता शामिल होंगे. सम्मेलन में अखिल ब्रह्माण्डनायक सीताराम महाराज सभापति के आसन को सुशोभित करेंगे.


रामचरितमानस की होगी प्रस्तुति


2 अप्रैल को सुबह 6 से 9 बजे तक श्री हनुमान जी की विशेष पूजन-आरती और भव्य झांकी निकाली जाएगी. इसके बाद सुबह 9 बजे से श्रीरामचरितमानस का पूजन और एकाह पाठ प्रारंभ होगा. शाम को भजन-कीर्तन और रामायण मंडलियों द्वारा पूरी रात अखंड गान का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा. वहीं 3 से 5 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक केवल रामचरितमानस पर प्रवचन होंगे, जिसमें विद्वान वक्ता राम कथा का विस्तृत वर्णन करेंगे.


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महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने सभी रामभक्तों और मानस प्रेमियों से अपील की है कि वे इस पावन आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और आध्यात्मिक लाभ के साथ सांस्कृतिक विरासत का आनंद उठाएं. यह आयोजन काशी की समृद्ध परंपरा, भक्ति और संगीत के अद्भुत संगम का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करेगा.


मुख्य मस्लिम कलाकार


गायन: उस्ताद गुलाम अब्बास खां

गायन: उस्ताद मस्कूर अली खां

सरोद: शिराज अली खां

सितार: मेहताब अली नियाजी


7 दिन तक प्रस्तुतियां देंगी मालिनी अवस्थी, शिवमणि और साजन मिश्र सहित 45 कलाकार

पहली निशा


चित्रकूट नृत्य नाटिका: रूपवाणी संस्था (निर्देशक: व्योमेश शुक्ल)

संतूर: पं. राहुल शर्मा (तबला: पं. राम कुमार मिश्र)

कथक: विधा लाल

बांसुरी: एस आकाश

गायन: विदुषी मालिनी अवस्थी

एकल तबला: राहुल मिश्रा

सितार: पंडित हरविंदर शर्मा

कथक: शिक्षा भट्टाचार्या

दूसरी निशा (7 अप्रैल)


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मेंडोलिन: पं. यू राजेश

ड्रम: पं. शिवमणि

मोहन वीणा: पं. विश्व मोहन भट्ट

सात्विक वीणा: सलिल भट्ट

गायन: उस्ताद गुलाम अब्बास खां

तीसरी निशा (8 अप्रैल)


गायन: पं. उल्हास कशालकर, विदुषी जसपिंदर नरुला, विदुषी कौशिकी चक्रवर्ती

बांसुरी: पं. विवेक सोनार

गिटार: पं. देबाशीष भट्टाचार्या

सरोद: पं. आलोक लाहिड़ी और अभिषेक लाहिड़ी

चौथी निशा (9 अप्रैल)


सरोद: पं. देबज्योति बोस


ओडिसी नृत्य: वृत्तिश नृसिंह राणा

मेंडोलिन और सरस्वती वीणा: पंडित यू राजेश और पंडित राजेश वैद्य

गायन: पंडित अनूप जलोटा, पं. सतीश व्यास, पं. अजय पोहनकर।

पांचवीं निशा (10 अप्रैल)


कथक: पं. राम मोहन महाराज

सरोद: पं. तेजेंद्र नारायण मजुमदार

बांसुरी: पं. रोनू मजुमदार

गायन: विदुषी कंकणा बनर्जी, उस्ताद मस्कूर अली खां

छठवीं निशा (11 अप्रैल)


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ओडिसी: पं. रतिकांत महापात्रा और सुजाता महापात्रा

सरोद: शिराज अली खां

सितार: मेहताब अली नियाजी

गायन: विदुषी कलापिनी कोमकली, पं. हरीश तिवारी, पं. साजन मिश्र

सरोद: शिराज अली खां

शतरंत्री वीणा: पं. अभय रुस्तम सोपोरी

व्‍यवसायी हत्‍याकांड : कार्रवाई के लिए विधायक के नेतृत्‍व में प्रतिनधिमंडल ने की CP से मुलाकात...
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वाराणसी : रोहनिया के व्‍यवसायी जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हुई हत्‍या को लेकर विधायक सुनील पटेल के नेतृत्‍व में एक प्रतिनधिमंडल ने शनिवार को पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अवलेशपुर में हुई हालिया घटना पर चर्चा करना था. प्रतिनिधिमंडल में वाराणसी के पूर्व महापौर, ब्लॉक प्रमुख, पार्षद सहित कई अन्य लोग भी शामिल थे.मुलाकात के मुख्य बिंदु पुलिस प्रशासन का आश्वासन: बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले पर पूरी गंभीरता और तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं के भी हों. मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है.जांच का दायरा: मामले की जांच को लेकर यह जानकारी दी गई है कि इस घटना के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जो लखनऊ तक जांच करेंगी. इसके अलावा, चंदौली, बिहार और गुजरात के लिए भी टीमें लगाई गई हैं ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके.ALSO READ : वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...जनता से सहयोग की अपील: प्रतिनिधिमंडल ने जनता और सभी संबंधित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपना काम पूरी मजबूती से कर रहा है और अपराधियों को किसी भी हाल में भागने नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मामले का पूरा खुलासा हो जाएगा और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा. बता दें कि पिछले दिनों दुकान बंद कर घर लौट रहे व्‍यवसायी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी.
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
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वाराणसी : खानपान की विरासत को लेकर नगर निगम ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्विगी के साथ मिलकर "वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ" नामक एक नई पहल की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य वाराणसी की समृद्ध खाद्य विरासत का जश्न मनाना और शहर के लाखों पर्यटकों तथा निवासियों को यहां के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजनों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करना है. इस पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विधायक (वाराणसी उत्तर) रवींद्र जायसवाल ने 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य आउटलेट्स के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिनमें काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल हैं. इन सभी आउटलेट्स को एक औपचारिक प्रमाणन प्रदान किया गया, जो उनकी विरासत, गौरव और गुणवत्ता का प्रतीक है.जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत वाराणसी के कुछ प्रमुख घाटों, जैसे नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर पारंपरिक ठेले स्थापित किए जाएंगे. इन ठेलों पर आने वाले आगंतुक इन प्रसिद्ध स्थानीय भोजनालयों के लोकप्रिय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "वाराणसी की खाद्य परंपराएं इसके इतिहास, संस्कृति और यहां के लोगों की रचनात्मकता का प्रतिबिंब हैं.बताया क‍ि स्थानीय विक्रेताओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किए जा रहे ये व्यंजन शहर के पर्यटन आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. स्विगी की इस पहल के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं को एक ऐसा मंच मिलेगा, जिससे वे शहर का दौरा करने वाले पर्यटकों सहित एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकेंगे. इस तरह के सहयोग से हमारे खाद्य उद्यमियों के लिए स्थायी अवसर पैदा होंगे और स्थानीय खाद्य विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी."जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा, "काशी को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलना हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल का उद्देश्य वाराणसी की पाक विरासत को भारत और वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है. स्विगी की इस पहल से शहर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक दृश्यता मिलेगी, जिससे उनकी पहचान मजबूत होगी."ALSO READ : दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, "भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग होता है. हमें विश्वास है कि यह पहल पवित्र शहर का दौरा करने वाले लाखों पर्यटकों के बीच यहां के स्थानीय और प्रतिष्ठित व्यंजनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी. स्विगी सुविधाजनक पहुंच के लिए जानी जाती है और इस साझेदारी के साथ, हम इस खूबसूरत शहर की पाक विरासत को तलाशने के लिए और अधिक ग्राहकों को जोड़ने के लिए उत्साहित हैं. मैं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम का इस विज़न को धरातल पर उतारने में उनके सहयोग के लिए आभार जताता हूं."
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
वाराणसी : दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण योजना के तहत प्रस्तावित भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है.अदालत ने अगली सुनवाई तक संबंधित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिससे प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत मिली है.जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने अलिमुन्निशा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. याचिका में नगर निगम वाराणसी के जोनल अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त द्वारा 26 मई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 के तहत जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी.याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नोटिस जारी करने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरती गई हैं तथा बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए कार्रवाई शुरू कर दी गई.पक्षकार ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है.अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी.ALSO READ : बीएचयू के शिक्षा संकाय में संशोधित सिलेबस को मिली मंजूरी, बैठक में हुआ अनुमोदन...गौरतलब है कि दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर पिछले कुछ समय से क्षेत्र में विवाद बना हुआ है.ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.अब सभी की निगाहें मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पक्षकार अपनी विस्तृत दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.