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मुस्लिम महिलाओं ने श्रीराम आरती कर दिया रामराज्य का संदेश राम के आने का मतलब दुनियां को समझना होगा

मुस्लिम महिलाओं ने श्रीराम आरती कर दिया रामराज्य का संदेश
राम के आने का मतलब दुनियां को समझना होगा
Oct 20, 2025, 09:00 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी, 20 अक्टूबर। नफरत की आग में झुलस रहे आपसी रिश्तों को बचाने और दुनियां को शांति का पैगाम देने के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भगवान राम की आरती के लिए लमही के सुभाष भवन में जुटीं। मुस्लिम महिला फाउंडेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 19 वर्षों से चली आ रही मुस्लिम महिलाओं की श्रीराम महाआरती का आयोजन किया गया। जगद्गुरु बालक देवाचार्य के मार्गदर्शन में मुस्लिम महिलाओं ने सजावटी थाल में दीपक जलाकर भगवान श्री राम, माता जानकी की प्रतिमा की आरती की। नाज़नीन अंसारी द्वारा उर्दू में लिखित श्रीराम आरती सबने मिलकर गाया। अलगाववादियों, नफरती गैंग, कट्टरपंथी समूहों के मुंह पर करारा तमाचा है मुस्लिम महिलाओं की श्रीराम आरती। जगद्गुरु स्वयं मुस्लिम महिलाओं के साथ आरती में खड़े हुए। आरती के बाद मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाज़नीन अंसारी ने सबको भगवान श्रीराम भोग का वितरण किया।

इस अवसर पर जगद्गुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि इस तस्वीर को देखकर दुनियां के लोग सबक लें। घर परिवार से लेकर देश में शांति स्थापित करनी है तो राम के नाम का ही सहारा लें। राम की संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने की है। बिना भेद किये साबको गले लगाने की है। मुस्लिम महिलाओं ने अपने पूर्वजों की संस्कृति को माना, अपने मूल जड़ से जुड़ीं। इनका प्रयास रामराज्य की दिशा में बड़ा कदम है।

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मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी

ने कहा कि हमने मजहब बदला है, धर्म नहीं। धर्म तो सिर्फ सनातन है। हम सभी सनातनी हिन्दू हैं। अपने पूर्वजों और परम्पराओं से सभी भारतीय एक हैं। बस पूजा करने का तरीका बदल लिया, इसकी वजह से अपने पूर्वजों और परम्पराओं को छोड़ दें, यह कैसे हो सकता है। राम के आने का मतलब सुख, समृद्धि, शांति, दया, प्रेम, करुणा, सम्बन्ध, संस्कार, एकता, त्याग और सम्मान है। केवल राम नाम से यह सम्भव है तो हर देश को राम नाम की पूंजी अपने परिवार और देश को बचाने के लिए एकत्र करना चाहिए। अफगानिस्तान से हमारे रिश्ते पूर्वजों और खून का है। अफगानिस्तान में भगवान राम की प्रतिमा लगाई जाए ताकि वहां के लोग अपने पूर्वजों की संस्कृति से जुड़ सके।


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विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ० राजीव श्रीगुरुजी ने कहा


कि रामपंथ ही दुनियां में फैली नफरत को खत्म करने का एकमात्र साधन है। जहाँ राम के कदम पड़ेंगे वहां रामराज्य का सुखद अनुभव होगा। राम के आने का मतलब पीड़ा से मुक्ति, प्रेम की वृद्धि और सेवा का संस्कार है। यही तो देश को महान बनाएगा। अब तो दुनियां बस शांति की तलाश कर रही है, तो आये राम की ओर। यहां सभी की स्वीकार्यता है।

विशाल भारत संस्थान की केन्द्रीय परिषद सदस्य डॉ० नजमा परवीन ने कहा कि हम इतने बेगैरत नहीं की अपने पूर्वजों को भूलकर अरबी और तुर्की बनने का नाटक करें। हम शुद्ध भारतीय हैं और हमारी जड़े सनातन में ही है। जाति और गोत्र हमारी पहचान है। हमें कोई फतवा और धमकी हमारे राम से अलग नहीं कर सकता।

इस अवसर पर डॉ० अर्चना भारतवंशी, डॉ० मृदुला जायसवाल, नगीना, सितारा बानो, चाँदनी, जरीना, शमशुननिशा, सरोज, गीता, इली, खुशी, उजाला, दक्षिता, शहाबुद्दीन तिवारी, अफ़रोज अहमद आदि लोग मौजूद रहे।

गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन…
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन…
वाराणसी : गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मंगलवार,26 मई को काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला.ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी के शुभ अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की और से विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस दौरान मंदिर परिसर में पूजा- अर्चना ,वैदिक मंत्र उच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया.सुबह के समय काशी विश्वनाथ के मंदिर के घाट पर मां गंगा की आरती की गई. इसके बाद श्रद्धा और रीति रिवाज के साथ मां गंगा का अभिषेक संपन्न हुआ वही धाम परिसर में स्थापित मां गंगा के प्रतिमा का भी विधिवत पूजा अर्चना किया गया. पूरे परिसर में श्रद्धा और भारती का माहौल बना रहा. जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा में शामिल हुए.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा वह पवित्र दिन माना जाता है जब मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा और आराधना करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।ALSO READ : बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.इस अवसर पर मंदिर न्यास के अधिकारी, कर्मचारी,और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मां गंगा और बाबा श्री काशी विश्वनाथ का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे धाम में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.
बिजली निजीकरण के विरोध में भिखारीपुर में गरजे बिजलीकर्मी, ऊर्जा प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप.
वाराणसी: भिखारीपुर में स्थित प्रबंध निदेशक कार्यालय पर सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजलीकर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्वांचल के बड़ी संख्या में कर्मचारी, अभियंता, जूनियर इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और संविदाकर्मी शामिल हुए.बिजलीकर्मियों ने प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण, ऊर्जा प्रबंधन की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कर्मचारी हितों की आवाज उठाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार स्थानांतरण, निलंबन, चार्जशीट और मानसिक दबाव जैसी कार्रवाई की जा रही है.संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार और ऊर्जा प्रबंधन लगातार विद्युत सेवाओं के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जिसका असर न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। वक्ताओं ने मांग की कि 03 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को तत्काल लागू किया जाए.कर्मचारियों ने मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानांतरण और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग भी उठाई। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक गतिविधियों में भाग लेने पर कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है.सभा में वक्ताओं ने मई 2025 में सेवा नियमों में किए गए संशोधन को “तानाशाहीपूर्ण” बताते हुए कहा कि बिना जांच और बिना सुनवाई सेवा से बर्खास्त करने का प्रावधान पूरी तरह कर्मचारी विरोधी है। इसके साथ ही फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध सभाओं में भाग लेने पर स्थानांतरण, स्मार्ट मीटर लगाने और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों को वापस लेने की मांग की गई.सभा को ई. जितेंद्र सिंह गुर्जर, ई. मायाशंकर तिवारी, महेंद्र राय, ओपी सिंह, प्रेमनाथ राय, चंद्रभूषण उपाध्याय समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.ALSO READ: पंचकोशी यात्रा की तैयारियों का नगर आयुक्त ने लिया जायजा...
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वाराणसी: नगर निगम द्वारा पंचकोशी यात्रा की तैयारियों को लेकर व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं. सोमवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शिवपुर स्थित पांचो पांडव मंदिर, धर्मशाला एवं पंचकोशी यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया.निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. यात्रा मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए.भीषण गर्मी को देखते हुए धर्मशालाओं में ठहरने वाले यात्रियों के लिए कूलर और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि कूलरों में नियमित रूप से पानी भरने की व्यवस्था भी बनी रहे, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके.ALSO READ:राष्ट्रपति भवन में चमका बीएचयू का नाम, जुड़े विशेषज्ञ को मिला पद्म पुरस्कार...रात्रि में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंचकोशी मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के आदेश भी संबंधित विभागों को दिए.नगर निगम प्रशासन ने कहा कि पंचकोशी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा किया जा रहा है.