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नगर निगम वाराणसी में आयकर नियमों पर मंथन: TDS–TCS को लेकर अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

नगर निगम वाराणसी में आयकर नियमों पर मंथन: TDS–TCS को लेकर अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
Dec 31, 2025, 09:54 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : नगर निगम वाराणसी में इनकम टैक्स कटौती (TDS/TCS) से जुड़े प्रावधानों को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को आयकर नियमों की अद्यतन जानकारी देकर वित्तीय अनुशासन और नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना रहा.

प्रशिक्षण सत्र में आयकर विभाग के अधिकारी कौशल कुमार श्रीवास्‍तव और अनिरुद्ध श्रीवास्‍तव ने टीडीएस और टीसीएस से संबंधित विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने वर्तमान आयकर स्लैब और पूर्व स्लैब की तुलना करते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में नई व्यवस्था अधिक लाभकारी है. साथ ही ठेकेदारों पर लागू 2 प्रतिशत टीडीएस कटौती, उसकी प्रक्रिया और अनुपालन नियमों को भी स्पष्ट किया गया.


NAGAR NIGAM

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कार्यक्रम के दौरान टीसीएस कटौती से जुड़े नियमों, दायरे और व्यवहारिक उदाहरणों पर प्रकाश डाला गया. उपस्थित कर्मचारियों द्वारा पूछे गए सवालों का आयकर अधिकारियों ने सरल भाषा में उत्तर दिया, जिससे कर संबंधी कई व्यावहारिक शंकाओं का समाधान हुआ.

प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम वाराणसी के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी मनीष शुक्‍ला ने की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम वित्तीय पारदर्शिता, अनुशासन और सरकारी नियमों के समुचित अनुपालन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं.

कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट अचल श्रीवास्‍तव सहित नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

मनीष सिंह हत्‍याकांड : फूलपुर में जनप्रतिनिधियों और संगठनों के लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी...
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वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर-भरथरा गांव निवासी मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. घटना के बाद से गांव में राजनीतिल दलों , जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. हर दिन लोग पहुंचकर शाेक संवेदना और सांत्‍वना दे रहे हैं. सभी की मांग एक ही रही कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी हो और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा मिले. घटना के बाद सात दिनों में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पिंडरा विधायक अवधेश सिंह, सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह और रोहनिया विधायक सुनील पटेल रहे. इसके अलावा चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिह, जौनपुर के एमएलसी ब्रिजेश सिंह प्रिंशु, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी विनीत सिंह, पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह और पूर्व एमएलसी ब्रिजेश सिंह भी गांव पहुंचे.वहीं सैय्यदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ और वीडीए बोर्ड सदस्य अंबरीष सिंह भोला समेत कई सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. लगातार हो रही राजनीतिक आवाजाही से यह मामला अब केवल आपराधिक घटना न रहकर राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है. गांव में अभी भी तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है.सांसद वीरेंद्र सिंह ने सरकार पर निशाना साधाइस पूरे मामले को लेकर आज परिजनों से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी के चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने यूपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. आरोपियों को लेकर सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि राजभर समाज से होने के कारण आरोपियों को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर और मंत्री अनिल राजभर का प्रश्रय होने की चर्चा चल रही है. ऐसे में न्याय की अपेक्षा क्या करेंगे लेकिन पुलिस का कहना है कि आज सरेंडर करवाएंगे. अगर ऐसा होता है तो साफ है कि आरोपियों की सरकार के मंत्रियों से मिलीभगत है. कहा कि आरोपियों को ऐसी सजा मिले जिससे उन्‍हें तगडा सबक मिले.ALSO READ : दशाश्वमेध प्लाजा की मूर्तियां एक साल से अनावरण के इंतजार में, जिम्मेदारों पर उठे सवाल...करणी सेना के अध्‍यक्ष ने कही ये बातहत्याकाण्ड के सात दिन बीत जाने के बाद परिजनों से मिलने पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू ने कहा कि अपराधियों का एनकाउंटर होना चाहिए. पुलिसिया कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सात दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपी जो है वो पकड़े नहीं गए , ये सरकार कि विफलता है. यहां का शासन और प्रशासन पुरी तरह से इस मामले पर फेल है. पुलिस आरोपियों को सख्‍त कार्रवाई नहीं की तो हम आगे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे.जिला अध्यक्ष के नेतृत्व मे करणी सेना की टीम ने DCP वरुणा जोन प्रमोद कुमार को ज्ञापन देते हुए हत्याकांड में सम्मिलित सभी आरोपियों पर रासुका लगाने, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और फांसी की सजा सुनिश्चित कराने की मांग की. ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराध की पुनरावृत्ति न हो सके.
दशाश्वमेध प्लाजा की मूर्तियां एक साल से अनावरण के इंतजार में, जिम्मेदारों पर उठे सवाल...
दशाश्वमेध प्लाजा की मूर्तियां एक साल से अनावरण के इंतजार में, जिम्मेदारों पर उठे सवाल...
वाराणसी:धर्म और आस्था की नगरी के साथ-साथ संस्कृत की नगरी भी कही जाती है। ऐसे में वाराणसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए लगातार शहर में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं.शुक्रवार को गांडीव डिजिटल की टीम जब मौके पर पहुंची तो दशाश्वमेध घाट के पास बने दशाश्वमेध प्लाजा के समीप काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की छवि को दर्शाने वाली चार भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं, लेकिन बीते एक वर्ष से ये मूर्तियां अपने लोकार्पण का इंतजार कर रही हैं.यहां प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन हरे पर्दे से ढकी ये मूर्तियां लोगों को खटकती नजर आ रही हैं.एक साल बीत जाने के बाद भी स्मार्ट सिटी और नगर निगम की ओर से इनका अनावरण न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है.स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन मूर्तियों से कपड़ा हटा दिया जाए तो ये न सिर्फ बेहद आकर्षक दिखेंगी, बल्कि पूरे प्लाजा की सुंदरता में भी चार चांद लगा देंगी. साथ ही, इन पर लाखों रुपये खर्च होने की भी बात सामने आ रही है, जिससे लोगों में और अधिक नाराजगी है.स्थानीय ने बोला–स्थानीय निवासी अजय ने बताया कि इतनी सुंदर मूर्तियों को ढक कर रखना गलत है ये सेल्फी प्वाइंट है पर्यटक दूर दूर से आते है लेकिन मूर्ति को कपड़ा से ढका देख कर हैरान रहते है.प्रशासन को जल्द इनका अनावरण करना चाहिए ताकि श्रद्धालु इसकी भव्यता देख सकें.also read:संपूर्ण समाधान दिवस : राजातालाब तहसील में डीएम ने सुनी समस्‍याएं, 246 शिकायतों में 10 का निस्तारणमुनू लाल जायसवाल का कहना है कि एक साल बीत जाने के बाद भी लोकार्पण न होना लापरवाही को दर्शाता है और जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए.सद्दाम अहमद ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे कार्य सराहनीय हैं, लेकिन इस तरह की देरी से उनकी छवि प्रभावित होती है, इसलिए जल्द से जल्द इन मूर्तियों को जनता के लिए खोला जाना चाहिए.फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक साल बाद भी इन मूर्तियों के अनावरण में देरी क्यों हो रही है और कब तक श्रद्धालुओं को इनका इंतजार करना पड़ेगा.
संपूर्ण समाधान दिवस : राजातालाब तहसील में डीएम ने सुनी समस्‍याएं, 246 शिकायतों में 10 का निस्तारण
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वाराणसी : शासन की मंशा के अनुरूप जन-समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण के लिए आज शनिवार को तहसील राजातालाब के सभागार में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार के अध्यक्षता में 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया. इस दौरान 246 शिकायतें पंजीकृत हुई जिसमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया. जनसुनवाई के दौरान शिकायतों का त्वरित एवं स्थलीय निस्तारण, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं समयबद्धता और पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता पर विशेष बल दिया गया.जिलाधिकारी ने उपस्थित फरियादियों की समस्याओं को अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना. पुलिस एवं राजस्व विभाग से संबंधित कई पेचीदा प्रकरणों का अधिकारियों ने आपसी समन्वय स्थापित कर मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित कराया. लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित थाना प्रभारियों एवं राजस्व निरीक्षकों को सख्त हिदायत दी कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल कागजों पर न होकर धरातल पर गुणवत्तापूर्ण दिखना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण न होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी.also read:कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए अनुष्‍ठान, मोदी ने शीघ्र स्‍वस्‍थ होने की कामना की...जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि आमजन को न्याय के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित हो और कार्यशैली में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए. किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही अक्षम्य होगी. भूमि विवादों हेतु संयुक्त टीम का गठनराजस्व एवं पुलिस विभाग से जुड़े उभयपक्षीय विवादों, विशेषकर भूमि पैमाइश और अवैध कब्जों के मामलों के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संयुक्त पुलिस व राजस्व टीम गठित करने के निर्देश दिए. इन टीमों को विवादित स्थलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर, निष्पक्ष जांच के उपरांत विधिक समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है. इस अवसर पर उप जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.