नमो घाट हत्याकांड: रॉबर्ट्स ग्रुप के मालिक और कर्मचारियों की तलाश में पुलिस
Namo Ghat massacre: Police on the lookout for Roberts Group owner and employees
वाराणसी: नमो घाट पर पर्यटक राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने अब घाट संचालन से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है. स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी की तहरीर पर नमो घाट का संचालन करने वाली रॉबर्ट्स ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब रॉबर्ट्स ग्रुप के मालिक, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों की तलाश में जुट गई है. इंस्पेक्टर आदमपुर विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि रॉबर्ट्स ग्रुप के मालिक समेत अन्य कर्मचारियों से लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सामने नहीं आया है. इसके बाद पुलिस टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही है.

सूरज यादव को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल
बता दें कि 24 मई की भोर करीब 3:40 बजे सोनभद्र निवासी 17 वर्षीय राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू अपने साथियों के साथ नमो घाट घूमने पहुंचा था. आरोप है कि घाट पर तैनात गार्डों ने युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट की. इस दौरान चिंटू गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई. वहीं उसके साथी भी घायल हुए थे. घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले में आशापुर निवासी बाबा सिक्योरिटी सर्विस कंपनी के मालिक अनुज सिंह सहित चार गार्ड पवन यादव, मनीष यादव, राहुल यादव और सूरज यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था
मामले के बाद नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर पुलिस जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई थी. एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि घाट पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के सत्यापन की जांच की जा रही है. यह भी देखा जा रहा है कि घाट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को किस प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया था. सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद घाट पर तैनात सिक्योरिटी कंपनी बदल दी गई है.
रॉबर्ट्स ग्रुप कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी द्वारा घटना के बाद नमो घाट के संचालन का टेंडर लेने वाली रॉबर्ट्स ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड और एक अज्ञात के खिलाफ आदमपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर लापरवाही हुई और घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं. घटना के बाद अब तक रॉबर्ट्स ग्रुप की ओर से कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया है.

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