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हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी, डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों पर मंथन...

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी, डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों पर मंथन...
May 31, 2026, 05:04 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को 'डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारिता, शिक्षा और जनसंचार जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचार साझा किए.

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के विकास में बाबू शिवप्रसाद गुप्त, भारतेंदु हरिश्चंद्र और महावीर प्रसाद द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है. आज सूचनाएं डिजिटल माध्यमों के जरिए बेहद तेजी से लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे पत्रकारों का कार्य पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो गया है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन से चार दशकों में हिन्दी पत्रकारिता ने उल्लेखनीय प्रगति की है और नई पीढ़ी ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है.


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने पत्रकारिता में विश्वसनीयता को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया.उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र आज असीम संभावनाओं से भरा हुआ है और आने वाले वर्षों में इसकी उपयोगिता और अधिक बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है तथा अनुभव, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और समर्पण किसी भी व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकते हैं.

सारस्वत अतिथि एवं उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं, लेकिन समाचारों की सत्यता की जांच करना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है. उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत 'उदंत मार्तंड' से हुई थी और आज यह मजबूत परंपरा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है. ऐसे में पाठकों और पत्रकारों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि के बाद ही उस पर विश्वास करें.MGKVP


मुख्य वक्ता एवं न्यूज18 ग्रुप के पूर्व समूह संपादक प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग अवसर, संकट और चुनौती का संगम है. उन्होंने कहा कि जहां डिजिटल मीडिया ने सूचनाओं के प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है, वहीं पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल खबरों तक सीमित न रहें, बल्कि खबरों के पीछे छिपी सच्चाई को भी खोजने का प्रयास करें. यही वास्तविक पत्रकारिता की पहचान है.


तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार स्नेह रंजन ने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता में तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सक्षम बनने के साथ-साथ नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि हर छात्र को महीने में कम से कम दो पुस्तकें अवश्य पढ़नी चाहिए.

विशिष्ट वक्ता राहुल अवस्थी ने कहा कि शब्द, भाषा और तकनीक आज के समय के सबसे प्रभावशाली उपकरण हैं. इनका संतुलित और रचनात्मक उपयोग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और भविष्य की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.



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वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नागेन्द्र पाठक ने हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास, उसके विकास और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला.

कार्यक्रम में निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि विषय प्रवर्तन डॉ. मनोहर लाल ने किया. संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वैष्णवी शुक्ला एवं विजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया.

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही.

बेस किचन और अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का औचक निरीक्षण, खराब मशीनें तत्काल ठीक कराने के निर्देश
बेस किचन और अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का औचक निरीक्षण, खराब मशीनें तत्काल ठीक कराने के निर्देश
वाराणसी : यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने रविवार को सिगरा स्थित आईआरसीटीसी बेस किचन और बनारस स्टेशन पर अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बेस किचन में तीन मशीनें अकार्यशील मिलने पर उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।मंडल रेल प्रबंधक ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के साथ अम्बुज होटल एंड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित आईआरसीटीसी बेस किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, खाद्य सामग्री के भंडारण, पैकेजिंग, साफ-सफाई, स्वच्छता और भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच की।निरीक्षण के दौरान पीएलएम मशीन, डो नीडिंग मशीन और एग्जॉस्ट मशीन अकार्यशील मिलीं। इस पर मंडल रेल प्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों को मशीनों की खराबी तत्काल दूर कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने पेयजल की नियमित जांच, जल भंडारण टैंकों और पाइपलाइनों की नियमित सफाई तथा भोजन और पेयजल में निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पानी के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। साथ ही भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग तक प्रत्येक स्तर पर खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।ALSO READ : नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्पइसके बाद मंडल रेल प्रबंधक ने बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या सात पर खड़ी 22589 बनारस–हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। पैंट्री मैनेजर को रेलवे द्वारा अनुमोदित ब्रांड की गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर आरती एंटरप्राइजेज द्वारा संचालित भोजनालय का भी निरीक्षण किया गया। मंडल रेल प्रबंधक ने किचन की सफाई बनाए रखने और खाद्य सामग्री को सुरक्षित व व्यवस्थित तरीके से रखने के निर्देश दिए।मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और इनकी नियमित निगरानी जारी रहेगी।
नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजमुनि एवं डॉ. अविनाश कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिभागियों ने काव्य पाठ के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान को सामने रखा। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किए गए।प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के शोधार्थी हनुमान राम ने प्रथम, शोधार्थी आकाश सिंह ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के स्नातक विद्यार्थी अंकुर कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।ALSO READ : बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और ज्ञानार्जन के प्रति सकारात्मक लगाव विकसित करने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...
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वाराणसी. गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को कोनिया वार्ड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी, सफाई, फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बैतरणी कुंड के तत्काल सुंदरीकरण के साथ पूरे परिसर की गहन सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।उन्होंने सीवर लाइनों की तत्काल सफाई कराने तथा मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि रात में स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के बाद जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों तथा मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सफाई और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।ALSO READ :नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल मेंनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।