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नौतपा से भक्‍तों को मिलेगी राहत, काशी विश्‍वनाथ मंदिर न्‍यास ने सहूलियत के लिए किए उपाय

नौतपा से भक्‍तों को मिलेगी राहत, काशी विश्‍वनाथ मंदिर न्‍यास ने सहूलियत के लिए किए उपाय
May 25, 2026, 08:09 AM
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Posted By Preeti Kumari

Devotees will get relief from Nautapa, Kashi Vishwanath Temple Trust has taken measures for their convenience.


वाराणसी: भीषण गर्मी और नौतपा काल (25 मई से 02 जून) को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने धाम में दर्शनार्थ आने वाले भक्‍तों की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संरक्षण के लिए व्यापक उपाय किए हैं. मंदिर न्यास द्वारा श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए धाम परिसर एवं कतार मार्ग के विभिन्न स्थलों पर जर्मन हैंगर एवं कैनोपी की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही, जर्मन हैंगर तथा टेंसाइल स्ट्रक्चर के भीतर मिस्ट फैन स्थापित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को शीतल वातावरण मिल सके.


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बच्चों के लिए बिस्कुट वितरण की व्यवस्था


न्यास ने विशेष रूप से छोटे बच्चों और परिवार सहित आने वाले श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए बच्चों के लिए बिस्कुट वितरण की व्यवस्था की है. इसके अलावा, श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु विभिन्न स्थानों पर ओआरएस, ग्लूकोज एवं गुड़ की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, ताकि गर्मी एवं निर्जलीकरण से बचाव किया जा सके. धाम परिसर में कुल 19 स्थानों पर शुद्ध एवं शीतल पेयजल के वाटर कूलर एवं 10 स्थानों पर पोर्टेबल वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है.


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कतार में दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले जूट मैट बिछाए गए हैं, जिससे उन्हें गर्म फर्श से राहत मिल सके.इसके अतिरिक्त, संपूर्ण धाम क्षेत्र में निरंतर स्वच्छता बनाए रखने हेतु सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है और नियमित साफ-सफाई एवं सैनिटाइजेशन का कार्य लगातार किया जा रहा है.


जूस एवं शीतल पेय से बाबा का भोग


नौतपा काल, जो 25 मई 2026 से प्रारंभ होकर आगामी अवधि तक रहेगा, के दौरान भगवान श्री काशी विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार एवं अभिषेक विभिन्न फलों के रस एवं शीतल पेय पदार्थों से संपन्न किया जाएगा. यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं सनातन परंपरा के अनुरूप संपन्न होगा. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है क‍ि धाम में दर्शन के दौरान प्रशासन एवं मंदिर कर्मियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा संयम एवं श्रद्धा के साथ दर्शन करें.


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महिलाओं से छेड़खानी और अश्लील हरकत करने वाले दो शोहदे गिरफ्तार, लक्सा पुलिस ने दबोचा
महिलाओं से छेड़खानी और अश्लील हरकत करने वाले दो शोहदे गिरफ्तार, लक्सा पुलिस ने दबोचा
वाराणसी : महिलाओं और लड़कियों को देखकर सरेआम छींटाकशी, अश्लील गाने और अश्लील हरकत करने वाले दो युवकों को लक्सा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है,पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि मजदा पार्किंग के सामने सड़क पर दो युवक आने-जाने वाली महिलाओं और लड़कियों को देखकर अश्लील गाने गा रहे हैं ,और छींटाकशी व अश्लील हरकतें कर रहे हैं. सूचना पर लक्सा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविन्द चौरसिया (36) निवासी पुराना पान दरीबा, सूरजकुंड, थाना लक्सा और राहुल यादव (25) निवासी शिवपुरवा, महमूरगंज, थाना सिगरा के रूप में हुई है,पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना लक्सा में मु0अ0सं0-0080/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है, गिरफ्तारी 12 अगस्त को मजदा पार्किंग के पास से की गई.ALSO READ : हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधिकार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक राजू कुमार, उपनिरीक्षक विनोद कुमार वर्मा, महिला कांस्टेबल गीता, महिला कांस्टेबल कंचन देवी और रिजर्व महिला कांस्टेबल सलोनी पाण्डेय शामिल रहीं,पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर अभियान लगातार जारी है और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत, छींटाकशी तथा महिला उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधि
हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधि
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हर घर तिरंगा अभियान- 2026 के तहत बुधवार को ध्वज संहिता एवं ध्वज फहराने का तरीका विषयक संगोष्ठी का आयोजनकिया गया, अभियान के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में विद्यार्थियों को ध्वज संहिता एवं ध्वज फहराने के सही तरीके से अवगत कराया गया,अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रभाशंकर मिश्र ने कहा तिरंगा केवल राष्ट्र की पहचान नहीं, बल्कि हमारे गौरव और सम्मान का प्रतीक है.राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, जिसे हमें पूरी निष्ठा के साथ निभाना चाहिए, उन्होंने राष्ट्रगान के सम्मान और उसकी मर्यादा को ध्यान में रखना चाहिए उसका अनादर न करने की बात कही. मुख्य व्यक्ता डॉ. मनोहर लाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय ध्वज वीरता, संपन्नता, स्वाभिमान व शांति का प्रतीक है, वहीं, अशोक चक्र संदेश देता है. कि हमे एक हो कर रहना चाहिए, जिससे हमारे विभिन्नता में एकता प्रदर्शित होता है.उन्होंने कहा कि हम चाहे कही भी रहे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए। झण्डा कोई फ़ैशन का विषय नहीं है, बल्कि पैशन का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने छात्रों को राष्ट्रध्वज की गरिमा और सम्मान के प्रति जागरूक रहने व दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया, डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि विशेष अवसरों पर अलग-अलग ध्वजों को फहराया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि किस आकार के ध्वज का उपयोग कौन-कौन कर सकता है, ताकि राष्ट्रध्वज की गरिमा और निर्धारित नियमों का उचित पालन सुनिश्चित किया जा सके. डॉ. सरिता राव ने कहा कि छात्रों को राष्ट्रध्वज की स्वच्छता और गरिमा के प्रति जागरूक रहना चाहिए. ध्वज को सम्मान पूर्वक रखना चाहिए.ALSO READ : वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्मकार्यक्रम का संयोजन डॉ. शिवजी सिंह, संचालन खुशबू सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय ने किया. इस अवसर पर शिवांग, श्रवण, मानवेन्द्र, समर प्रताप सिंह, कशिश, सानिया, रीमा, शुभांगी, दिलकशा, अमित आदि उपस्थित रहे.
वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्म
वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्म
वाराणसी : पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेनम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद बुधवार को वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा ने गंगा घाट पर विधि-विधान से पिंडदान किया. चेनम्मा देवेगौड़ा का 18 जुलाई को बेंगलुरु में निधन हुआ था.मां की आत्मा की शांति के लिए एच. डी. रमेश गौड़ा ने वाराणसी के पवित्र घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं.चेनम्मा देवेगौड़ा के बड़े बेटे एच. डी. कुमारस्वामी वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं. हालांकि, पिंडदान के लिए वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा पहुंचे और उन्होंने ही धार्मिक रस्में पूरी कीं.इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के पूर्व राजनीतिक सचिव रहे एच. एन. शर्मा भी मौजूद रहे। पिंडदान की रस्म पूरी होने के बाद एच. डी. रमेश गौड़ा और उनके साथ आए लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया.उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत चेनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा की शांति तथा परिवार के सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के घाट पर संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार की आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला.पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेनम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद बुधवार को वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा ने गंगा घाट पर विधि-विधान से पिंडदान किया। चेनम्मा देवेगौड़ा का 18 जुलाई को बेंगलुरु में निधन हुआ था.मां की आत्मा की शांति के लिए एच. डी. रमेश गौड़ा ने वाराणसी के पवित्र घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं.चेनम्मा देवेगौड़ा के बड़े बेटे एच. डी. कुमारस्वामी वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं। हालांकि, पिंडदान के लिए वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा पहुंचे और उन्होंने ही धार्मिक रस्में पूरी की.ALSO READ :राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्माइस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के पूर्व राजनीतिक सचिव रहे एच. एन. शर्मा भी मौजूद रहे। पिंडदान की रस्म पूरी होने के बाद एच. डी. रमेश गौड़ा और उनके साथ आए लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया .उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत चेनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा की शांति तथा परिवार के सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के घाट पर संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार की आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला.