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पुलिस भर्ती परीक्षा में लापरवाही, चार प्रधानाध्‍यापकों के वेतन रोकने के निर्देश...

पुलिस भर्ती परीक्षा में लापरवाही, चार प्रधानाध्‍यापकों के वेतन रोकने के निर्देश...
Jun 09, 2026, 10:06 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर लापरवाही करने वाले चार प्रधानाध्‍यापकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है. वाराणसी के जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से चार प्रधानाध्‍यापकों का जून महीने का वेतन अगले आदेशों तक रोकने का निर्देश दियागया है. बताया गया कि सभी कार्यरत कार्मिकों के पहचान पत्र बनाने के लिए गूगल शीट का लिंक उपलब्ध कराते हुए उनका विवरण फीड की कराने के लिए निर्देश दिए गए थे.


6 जून तक गूगल शीट पर इस जानाकरी को फीड करना था. इसमें भारत सेवक समाज इंटर कॉलेज हथियर, मारकंडेय उच्च माध्यमिक विद्यालय कैथी, रुक्मिणी विद्यालय उच्च माध्यमिक विद्यालय बैजनत्था और राज कुमारी बालिका इंटर कॉलेज कनियर के प्रधानाध्‍यापकों ने जानकारी गूगल शीट पर नहीं भरी थी. इस लापरवाही के लिए वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया गया है. दरअसल, आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा वाराणसी के 50 केंद्रों पर आयोजित हो रही है. यह परीक्षा 8 जून से शुरू हुई है जो 10 जून तक चलेगी. इसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों आदि की ड्यूटी लगाई गई है.


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ड्यूटी कटवाने के लिए लगातार तमाम शिक्षक जुगत लगा रहे थे, लेकिन परीक्षा को लेकर स्पष्ट आदेश जारी कर दिया गया था कि अकारण ड्यूटी न काटी जाए. इसके लिए जांच कर ली जाए कि जो किसी न किसी कारणवश ड्यूटी कटवाने का प्रयास कर रहे हैं वह उचित है या नहीं.

लापरवाही करने वाले चारों प्रधानाध्‍यापकों के कारण उनके यहां कार्यरत कार्मिकों का पहचान पत्र नहीं बन सका. इससे परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की पूर्ति में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा. इस लापरवाही के लिए भर्ती बोर्ड ने नाराजगी जाहिर की है. साथ ही डीआईओएस को निर्देशित किया कि इनके वेतन रोकने के साथ साथ साक्ष्यों के साथ तत्काल स्पष्टीकरण लिया जाए.

इटावा के केदारेश्वर मंदिर की काशी में भव्य शोभायात्रा, विशाल शिवलिंग की झांकी ने खींचा ध्यान
इटावा के केदारेश्वर मंदिर की काशी में भव्य शोभायात्रा, विशाल शिवलिंग की झांकी ने खींचा ध्यान
वाराणसी : इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर की शोभायात्रा आज वाराणसी में निकाली गई. इस यात्रा में मंदिर के भव्य स्वरूप और विशाल शिवलिंग की प्रतिकृति झांकी के तौर पर प्रदर्शित की गई थी.शोभायात्रा में सिकरौल से चलकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची. शोभायात्रा में शामिल महिलाओं व भक्तों ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी का जलाभिषेक किया. यात्रा के प्रारम्भ में भोजूबीर टैगोर कॉलोनी के गेट पर मंदिर की भव्य आरती की गई.ALSO READ : सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेकजिसमें चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी, पूर्व प्रत्याशी शिवपुर विधानसभा आनंद मोहन गुड्डू यादव, यात्रा के संयोजक शुभम यादव जिद्दी, राज यादव, मनोज यादव गोलू, शंभू नाथ सोनकर, जैकी चौहान, विशु गौड़, अरुण चौहान,सचिन सोनकर, सुजीत पाण्डेय ने शामिल होकर भगवान शिव को पुष्प अर्पित श्रद्धापूर्वक नमन किया.
सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
सावन में युवा कांग्रेसियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
वाराणसी : सावन मास के पावन अवसर पर लंका थाना अंतर्गत छित्तूपुर ग्राम सभा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली. प्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु शामिल हुए. ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु छित्तूपुर से सीर गोवर्धन होते हुए शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे.शोभायात्रा के दौरान भगवान शंकर और माता पार्वती की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही. डीजे की धुन पर शंकर-पार्वती के स्वरूप में कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया. पूरे रास्ते श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा. कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि सावन का महीना आस्था और भक्ति का पर्व है. ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों में आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश जाता है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की शुभकामनाएं दीं.रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल ने कहा कि शूलटांकेश्वर महादेव में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है. उन्होंने आयोजन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का आभार जताया.प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस पूर्वी उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ केसरी ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और आपसी सौहार्द को मजबूत करना है.ALSO READ : वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍ियाशोभायात्रा में महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, रोहनिया विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर सिंह पटेल, अवधेश पटेल, अभिषेक पटेल, विश्वजीत पटेल, आशीष पटेल, नितेश पटेल, महेश सिंह केशव केसरी आनंद केसरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे. मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शूलटंकेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की.
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी में ज्ञानवापी में जलाभिषेक को निकले शिवसैनिकों को पुलिस ने रोका, ह‍िरासत में ल‍िया
वाराणसी : सावन के अंतिम सोमवार को श्रृंगार गौरी में जलाभिषेक की मांग को लेकर शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. इस जुलूस के गोदौलिया पहुंचते ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया. शिव सैनिक श्रीकाशी विश्वनाथ, श्रृंगार गौरी और ज्ञानवापी स्थित आदिविश्वेश्वर शिवलिंग पर जलाभिषेक की मांग कर रहे थे. शिव सेना के राज्य उप प्रमुख अजय चौबे ने कहा कि सावन भर मुस्लिम पक्ष को ज्ञानवापी में नमाज से रोकने की हिंदू पक्ष की मांग पर कोई रोक नहीं लगी, इसलिए शिव सैनिकों को भी जलाभिषेक की अनुमति दी जाए.अजय चौबे ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानवापी हिंदू पक्ष को नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. जिद पर अड़े शिवसैनिकों को दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने गोदौलिया चौराहे से हिरासत में लेकर थाने भेजा. बाद में सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. इस दौरान भवानी सेना की महिलाएं भी मौजूद रहीं.ALSO READ : मंडलीय चिकित्सालय में करोड़ो की एक्सरे मशीन बैटरी के अभाव में बंद, मरीजों को परेशानीपुलिस की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन इस मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा. ज्ञात हो कि ज्ञानवापी मस्जिद और उसके आसपास का क्षेत्र लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है. हिंदू पक्ष का दावा है कि यह स्थल पहले एक मंदिर था, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह एक मस्जिद है. सावन के महीने में जलाभिषेक की परंपरा को लेकर शिव सैनिकों का यह आंदोलन एक बार फिर से इस विवाद को ताजा कर सकता है. अजय चौबे ने कहा कि जब तक हिंदू पक्ष को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.