नई भूमि संग्रहण नीति को मंजूरी, जमीन मालिक, नागरिक और वीडीए के लिए फायदे का सौदा...

वाराणसी : वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की 134वीं बोर्ड बैठक में शहर के नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2021 की भूमि संग्रहण (लैंड पूलिंग) नीति के अनुरूप तैयार की गई नई भूमि संग्रहण नीति को मंजूरी दे दी गई. इस नीति के तहत जमीन मालिक अपनी इच्छा से अपनी भूमि वीडीए को उपलब्ध कराएंगे और बदले में उन्हें विकसित भूखंड वापस मिलेगा. खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया में न तो भूमि का अनिवार्य अधिग्रहण किया जाएगा और न ही भूमि स्वामियों को विकास शुल्क देना होगा. इसका फायदा जमीन मालिक, नागरिक और वीडीए को होगा.
नई नीति के अनुसार 10 एकड़ से कम भूमि उपलब्ध कराने वाले भू-स्वामियों को उनकी जमीन का 30 प्रतिशत हिस्सा पूर्ण विकसित भूखंड के रूप में वापस मिलेगा.वहीं 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि देने वाले बड़े भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अर्ध-विकसित भूखंड लौटाया जाएगा. दोनों ही श्रेणियों में भूमि उपयोग परिवर्तन स्वतः हो जाएगा तथा आरईआरए (RERA) के तहत स्पष्ट स्वामित्व सुनिश्चित किया जाएगा.
वीडीए की ओर से लौटाए जाने वाले भूखंडों में सड़क, सीवेज, बिजली, जल निकासी सहित सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा इन भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराने के दौरान लगने वाला विकास शुल्क भी पूरी तरह माफ रहेगा.इससे भूमि मालिकों को पूरी तरह विकसित और उपयोग के लिए तैयार भूखंड मिलेगा.
प्राधिकरण के अनुसार आर्थिक दृष्टि से भी यह नीति भूमि स्वामियों के लिए लाभदायक साबित होगी.कृषि भूमि की तुलना में विकसित भूखंड का बाजार मूल्य कई गुना अधिक होता है.वीड़ीए द्वारा विकसित आधारभूत सुविधाओं के कारण इसकी कीमत में और वृद्धि होने की संभावना है. यही वजह है कि अब तक 55 एकड़ से अधिक भूमि इस योजना के तहत स्वेच्छा से संग्रहित की जा चुकी है, जो भूमि मालिकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है.
यह नीति उत्तर प्रदेश सरकार की भूमि संग्रहण नीति-2021, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के मॉडल लैंड पूलिंग एक्ट-2016 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जाएगी. इसे वाराणसी मास्टर प्लान-2031 के तहत चिन्हित विकास क्षेत्रों, जिनमें कल्लीपुर का आनंद काशी सिटी, मधनी का रुद्र विहार और गंजारी की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना शामिल हैं, में लागू किया जाएगा.
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वीडीए के उपाध्यक्ष ने कहा कि यह नीति काशी के नियोजित शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होगी. इससे जमीन मालिकों, प्राधिकरण और शहर के नागरिकों तीनों को समान रूप से लाभ मिलेगा. उनका कहना है कि स्वैच्छिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल भविष्य में वाराणसी के संतुलित और सुव्यवस्थित विकास को नई गति देगा.



