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नई भूमि संग्रहण नीति को मंजूरी, जमीन मालिक, नागरिक और वीडीए के लिए फायदे का सौदा...

नई भूमि संग्रहण नीति को मंजूरी, जमीन मालिक, नागरिक और वीडीए के लिए फायदे का सौदा...
Jun 30, 2026, 08:13 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की 134वीं बोर्ड बैठक में शहर के नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2021 की भूमि संग्रहण (लैंड पूलिंग) नीति के अनुरूप तैयार की गई नई भूमि संग्रहण नीति को मंजूरी दे दी गई. इस नीति के तहत जमीन मालिक अपनी इच्छा से अपनी भूमि वीडीए को उपलब्ध कराएंगे और बदले में उन्हें विकसित भूखंड वापस मिलेगा. खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया में न तो भूमि का अनिवार्य अधिग्रहण किया जाएगा और न ही भूमि स्वामियों को विकास शुल्क देना होगा. इसका फायदा जमीन मालिक, नागरिक और वीडीए को होगा.


नई नीति के अनुसार 10 एकड़ से कम भूमि उपलब्ध कराने वाले भू-स्वामियों को उनकी जमीन का 30 प्रतिशत हिस्सा पूर्ण विकसित भूखंड के रूप में वापस मिलेगा.वहीं 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि देने वाले बड़े भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अर्ध-विकसित भूखंड लौटाया जाएगा. दोनों ही श्रेणियों में भूमि उपयोग परिवर्तन स्वतः हो जाएगा तथा आरईआरए (RERA) के तहत स्पष्ट स्वामित्व सुनिश्चित किया जाएगा.


वीडीए की ओर से लौटाए जाने वाले भूखंडों में सड़क, सीवेज, बिजली, जल निकासी सहित सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा इन भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराने के दौरान लगने वाला विकास शुल्क भी पूरी तरह माफ रहेगा.इससे भूमि मालिकों को पूरी तरह विकसित और उपयोग के लिए तैयार भूखंड मिलेगा.


प्राधिकरण के अनुसार आर्थिक दृष्टि से भी यह नीति भूमि स्वामियों के लिए लाभदायक साबित होगी.कृषि भूमि की तुलना में विकसित भूखंड का बाजार मूल्य कई गुना अधिक होता है.वीड़ीए द्वारा विकसित आधारभूत सुविधाओं के कारण इसकी कीमत में और वृद्धि होने की संभावना है. यही वजह है कि अब तक 55 एकड़ से अधिक भूमि इस योजना के तहत स्वेच्छा से संग्रहित की जा चुकी है, जो भूमि मालिकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है.


यह नीति उत्तर प्रदेश सरकार की भूमि संग्रहण नीति-2021, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के मॉडल लैंड पूलिंग एक्ट-2016 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की जाएगी. इसे वाराणसी मास्टर प्लान-2031 के तहत चिन्हित विकास क्षेत्रों, जिनमें कल्लीपुर का आनंद काशी सिटी, मधनी का रुद्र विहार और गंजारी की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना शामिल हैं, में लागू किया जाएगा.


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वीडीए के उपाध्यक्ष ने कहा कि यह नीति काशी के नियोजित शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होगी. इससे जमीन मालिकों, प्राधिकरण और शहर के नागरिकों तीनों को समान रूप से लाभ मिलेगा. उनका कहना है कि स्वैच्छिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल भविष्य में वाराणसी के संतुलित और सुव्यवस्थित विकास को नई गति देगा.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.