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असि नदी को नाला कहने पर एनजीटी सख्त, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक तलब

असि नदी को नाला कहने पर एनजीटी सख्त, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक तलब
Aug 06, 2026, 07:06 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वाराणसी की पौराणिक असि नदी की टैपिंग और उसे नाले के रूप में श्रेणीबद्ध किए जाने पर सख्‍त रवैया अपनाया है. एनजीटी ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से पूछा है कि गंगा की सहायक नदी की टैपिंग की अनुमति राज्य सरकार को किस आधार पर दी गई और उसे नाले की श्रेणी में कैसे रखा गया. एनजीटी को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से जवाब दिया गया, लेकिन उससे असंतुष्ट अधिकरण ने मिशन के महानिदेशक को 13 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. यह आदेश असि और वरुणा नदियों के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया.


पहली सुनवाई में मांगा था जवाब


याचिकाकर्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि इस मामले में पहली सुनवाई 5 फरवरी को हुई थी. उस दौरान भी एनजीटी ने असि नदी की टैपिंग पर आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा था. राज्य सरकार ने बताया था कि टैपिंग की अनुमति राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने दी है. इसके बाद अधिकरण ने मिशन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी, जिस पर बुधवार को नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एनएमसीजी की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि अस्थायी रूप से असि नदी की टैपिंग की गई है, ताकि गंगा नदी में अपशिष्ट जल का प्रवाह रोका जा सके. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अनुरोध पर यह अनुमति दी गई थी.


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हालांकि, एनजीटी की खंडपीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण के लिए एनएमसीजी के महानिदेशक को 13 अक्टूबर को तलब कर लिया. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की खंडपीठ ने कहा कि गंगा नदी प्राधिकरण आदेश-2016 के अनुसार असि नदी, गंगा का अभिन्न हिस्सा है. ऐसे में उसकी टैपिंग नदी की प्राकृतिक धारा में सीधा हस्तक्षेप है और यह सर्वोच्च न्यायालय के कमलनाथ मामले में प्रतिपादित सिद्धांतों की भावना के भी विपरीत प्रतीत होता है.


विशेषज्ञ सदस्‍य ने यह कहा


विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने सुनवाई के दौरान कहा कि वाराणसी का नामकरण ही पौराणिक असि और वरुणा नदियों के नाम पर हुआ है. ऐसे में इतनी महत्वपूर्ण नदी के साथ इस प्रकार का व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है. अब इस मामले में एनजीटी ने अगली सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की है, जब राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक को अधिकरण के समक्ष अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा.

नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजमुनि एवं डॉ. अविनाश कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिभागियों ने काव्य पाठ के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान को सामने रखा। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किए गए।प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के शोधार्थी हनुमान राम ने प्रथम, शोधार्थी आकाश सिंह ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के स्नातक विद्यार्थी अंकुर कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।ALSO READ : बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और ज्ञानार्जन के प्रति सकारात्मक लगाव विकसित करने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...
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वाराणसी. गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को कोनिया वार्ड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी, सफाई, फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बैतरणी कुंड के तत्काल सुंदरीकरण के साथ पूरे परिसर की गहन सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।उन्होंने सीवर लाइनों की तत्काल सफाई कराने तथा मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि रात में स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के बाद जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों तथा मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सफाई और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।ALSO READ :नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल मेंनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
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वाराणसीः प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबाल प्रतियोगिता के अंडर 14 आयु बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल ने रविवार को लखनऊ मंडल को हैंडबॉल का पाठ पढ़ाते हुए 14-0 गोल से पराजित कर शानदार तरीके से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी.डा. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में खेले गए इस मैच में वाराणसी मंडल की नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने शुरू से रनिंग शॉट और जंपिंग शॉट की नीति अपनाई।बाएं विंग से आक्रमण की शुरुआत की. जब तक लखनऊ मंडल की टीम संभालती तब वाराणसी मंडल 4-0 गोल से आगे हो चुकी थी. एक बार लखनऊ मंडल को टीम ने काउंटर अटैक किया. उसे वाराणसी मंडल की गोलकीपर दिव्या पटेल ने बेकार कर दिया. हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल की टीम 7-0 गोल से आगे थी. दूसरे हाफ में वाराणसी मंडल की टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया. आरती, आयुषी और अंशिका ने छोटे छोटे पास की रणनीति अपनाई. तीनों खिलाड़ियों को बैक अप स्पोर्ट नैन्सी और वंशिका कर रही थी. इस हॉफ में दो बार लखनऊ मंडल की टीम ने गोल करने का प्रयास किया. दोनों बार बाल गोल पोस्ट को छूते हुए बाहर चला गया. मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 14-0 से आगे थी. वाराणसी मंडल की तरफ से नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने चार-चार, आयुषी और आरती ने तीन-तीन गोल किया.ALSO READ : पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री में प्रवेश की आवेदन तिथि 30 अगस्त तक बढ़ीइसी आयु वर्ग में अलीगढ़ मंडल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय को 4-0 से और अयोध्या मंडल ने कानपुर मंडल को 12- 0 से पराजित कर अंतिम चार में प्रवेश किया.आयोजन सचिव डी. एके सिंह ने बताया कि शाम को बारिश के कारण मैदान गिला हो गया। शेष आयु वर्ग के मैच सोमवार को सुबह 7.30 बजे से खेले जाएंगे.