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निवेश मित्र 3.0’ से बदलेगा निवेश का अनुभव, योगी सरकार का डिजिटल कदम

निवेश मित्र 3.0’ से बदलेगा निवेश का अनुभव, योगी सरकार का डिजिटल कदम
Mar 24, 2026, 12:14 PM
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Posted By Preeti Kumari

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में 'निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया. सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘निवेश मित्र 3.0’ को विकसित किया गया है, जो निवेशकों के लिए एक तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रणाली के रूप में सामने आया है.


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सरल और प्रभावी होगा अनुभव


‘निवेश मित्र 3.0’ को खास तौर पर निवेशकों के अनुभव को सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है. इसमें एआई आधारित चैटबॉट की सुविधा दी गई है, जिससे निवेशकों को तुरंत सहायता मिल सकेगी. साथ ही, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेशकों को हर चरण की जानकारी तुरंत मिलती रहेगी.


एक प्लेटफॉर्म पर सभी मंजूरियां


इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता डायनामिक कम्बाइंड एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों की अनुमतियां एक ही स्थान से प्राप्त की जा सकती हैं. इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की बचत होगी. निवेशकों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जीआईएस आधारित लैंड बैंक को भी इसमें शामिल किया गया है. इससे निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार प्रदेश में उपयुक्त भूमि की पहचान आसानी से कर सकेंगे.


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केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय


‘निवेश मित्र 3.0’ को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (एनएसडब्ल्यूएस) से जोड़ा गया है, जिससे केंद्र और राज्य स्तर की मंजूरियों में बेहतर समन्वय और तेजी आएगी. यह सुविधा बड़ी परियोजनाओं वाले निवेशकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी. योगी सरकार ने निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. इसके तहत आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विभागीय कार्यवाही में 25%, दस्तावेजों में 15% तथा अन्य प्रक्रियात्मक चरणों में करीब 20% की और कमी की गई है. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अनुमोदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी.


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सफलता की मजबूत नींव


वर्ष 2018 में शुरू हुए ‘निवेश मित्र’ प्लेटफॉर्म ने पहले ही अपनी उपयोगिता साबित कर दी है. अब तक इस पोर्टल पर 21 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 97% का सफल निस्तारण किया जा चुका है. योगी आदित्यनाथ सरकार की डिजिटल पहल, पारदर्शी नीतियां और निवेशक-हितैषी माहौल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य में बदल रहे हैं. ‘निवेश मित्र 3.0’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को और गति देगा.

वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेश
वैशाख पूर्णिमा पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा को स्वच्छ रखने का दिया संदेश
On Vaishakh Purnima, Namami Gange raised awareness about cleanliness and gave the message of keeping the Ganga clean.वाराणसी: वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर नमामि गंगे ने शूक्रवार को अस्सी घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया. भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को ध्वनि विस्तारक यंत्र से जन-जन तक पहुंचाकर गंगा को स्वच्छ रखने का संदेश दिया. कार्यक्रम का नेतृत्व नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने किया. इस दौरान गंगा घाट पर पहुंची नमामि गंगे की टीम द्वारा गंगा की तलहटी और किनारे पड़ी गंदगी को उठाकर कूड़ेदान तक पहुंचाया गया. पॉलिथीन कचरा तथा गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित की गयी पूजा सामग्री के अवशेषों को निकाला गया.नमामि गंगे परियोजना का विवरण दर्शातीश्रमदान में अन्य श्रद्धालुओं ने भी सहयोग किया. इस दौरान नमामि गंगे टीम ने सुबह ए बनारस के मंच पर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित नमामि गंगे परियोजना का विवरण दर्शाती पत्रिका का वितरण किया. बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुबह ए बनारस के मंच पर स्वच्छता के स्वर गूंजे. संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि तथागत भगवान बुद्ध ने पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया है. वह कहते थे कि मनुष्य को अपने किसी भी कृत्य से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. कहा कि भारतीय जनजीवन में नदियों का महत्व इसी से जाना जा सकता है कि धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक, पर्यटन, स्वास्थ्य , कृषि, शैक्षिक, औषधि, पर्यावरण और न जाने कितने क्षेत्र हैं जो हमारी नदियों से सीधे-सीधे जुड़े हुए हैं.Also Read: ताइक्वांडो कप 2026: नन्हे खिलाड़ियों की दमदार किक, वाराणसी बना चैंपियनवसुधैव कुटुंबकम का संदेश कहा कि हमारी पवित्र नदियां विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देती हैं वैसे ही भगवान बुद्ध का संदेश हमें सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और शांति के मार्ग पर चलकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है. हम सब बुद्ध के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात कर सामाजिक समरसता का संकल्प लें. आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक वह नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, डॉ रत्नेश वर्मा, फैजल, अमन, शिव आदि उपस्थित रहे.https://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk
ताइक्वांडो कप 2026: नन्हे खिलाड़ियों की दमदार किक, वाराणसी बना चैंपियन
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Taekwondo Cup 2026: Powerful kicks from young players, Varanasi becomes championवाराणसी: मेहनत जब मैट पर उतरती है, तो हर किक और पंच एक कहानी बन जाती है. बीएचयू के विभूति नारायण सिंह इंडोर हॉल में 29-30 अप्रैल 2026 को आयोजित 5वीं स्व. जनार्दन मिश्र स्मृति ओपन स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सैकड़ों बच्चों ने अपने हुनर से माहौल को जोश और उत्साह से भर दिया. 3 साल के नन्हे खिलाड़ियों से लेकर 20 वर्ष तक के युवाओं ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर, बलरामपुर समेत कई जिलों और राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला.किसी के चेहरे पर जीत की चमक थी तो कहीं हार के बाद भी सीखने का जज़्बा. मेजबान वाराणसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया. गाजीपुर दूसरे और बलरामपुर तीसरे स्थान पर रहा. UMAI ग्रुप के खिलाड़ियों ने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया. वाराणसी की आश्वी मिश्रा ने फ्रेशर कैटेगरी में पहली बार उतरते ही गोल्ड मेडल जीतकर सबका ध्यान खींचा. आश्वी ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों और कड़ी मेहनत को दिया. कोच विकास यादव ने कहा, “ये मेडल सिर्फ धातु नहीं, बल्कि उन सुबहों की मेहनत है जब बच्चे सूरज से पहले अभ्यास के लिए मैदान में होते हैं.”फ्रेशर कैटेगरी के उभरते नामफ्रेशर वर्ग में समृद्धि, मानवी, लावण्या, क्योंरके इसीका, रितिका और रिसीका जैसे खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी छाप छोड़ी. इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बनारस की धरती पर खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं, बस उन्हें मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है.Also Read: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभवhttps://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
New app-based system at Kashi Vishwanath Temple, devotees will have a better experienceवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से एप-आधारित नई व्‍यवस्‍था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एक मई से ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के सीईओ डॉ. विश्वभूषण ने बताया कि इसमें श्रद्धालुओं के मूल विवरण अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएंगे. कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति इस आधार पर उनका सामान्य, क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा. इससे कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से नई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी. आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है.ई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण एप के माध्यम से किया जाएगा. इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा.Also Read: बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शननई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काशीवासियों के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है. साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ