कफ सिरप तस्करी मामले में छह आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट, एक का सरेंडर

वाराणसी : कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के बहुचर्चित मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक) मनोज कुमार की अदालत ने मुख्य आरोपी और दुबई में बैठे शुभम जायसवाल समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने का आदेश दिया है.
पुलिस की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया गया. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी फरार चल रहे हैं. शुभम जायसवाल के खिलाफ वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली और गाजियाबाद समेत यूपी के कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं.
इन छह आरोपियों पर जारी हुआ एनबीडब्लू
कोतवाली थाने में 15 नवंबर को दर्ज प्राथमिकी में जिन आरोपियों को नामजद किया गया था, उनमें— प्रहलाद घाट निवासी शुभम जायसवाल, खोजवां बाजार, भेलूपुर निवासी दिवेश जायसवाल उर्फ सानू, जौनपुर के वाजिदपुर निवासी विकास सिंह, मैदागिन गोलघर निवासी आकाश पाठक, गायघाट कोतवाली निवासी राहुल यादव, सोनिया निवासी अमित जायसवाल शामिल हैं. पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है. वाराणसी और सोनभद्र पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल पर 75 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. पुलिस का दावा है कि शुभम फिलहाल विदेश में छिपा हुआ है और पूरे नेटवर्क को वहीं से संचालित कर रहा है.
पिता भोला जायसवाल की पेशी, 32 करोड़ की संपत्ति जब्ती पर सुनवाई
इसी मामले में शुभम जायसवाल के पिता और शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया. ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप है कि रांची स्थित शैली ट्रेडर्स के जरिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी की गई. जांच में सामने आया है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म का पंजीकरण कर कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री की गई, जिसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया गया. जांच में भोला जायसवाल और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर 32 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पाई गई है.
आरोपी के अधिवक्ता ने जब्ती अर्जी पर अध्ययन और लिखित आपत्ति दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 9 जनवरी को अगली सुनवाई तय की है. फिलहाल भोला जायसवाल को न्यायिक रिमांड पर सोनभद्र जेल भेजा गया है.
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50 हजार का इनामी प्रधान प्रतिनिधि महेश सिंह का समर्पण
इस सिंडिकेट से जुड़े एक अन्य मामले में 50 हजार रुपये का इनामी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेश सिंह ने शुक्रवार को चुपचाप अदालत में समर्पण कर दिया. पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी.
रोहनिया थाना क्षेत्र के भदकर काशीपुर निवासी महेश सिंह पर कफ सिरप के अवैध भंडारण और तस्करी के गंभीर आरोप हैं. 19 नवंबर को रोहनिया के भदवर इलाके में जिम के नीचे बने गोदाम से पुलिस ने दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का कफ सिरप बरामद किया था. इस मामले में पहले आजाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस के अनुसार, महेश सिंह मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के साथ मिलकर पूरे तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था. सरेंडर के बाद अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है.



