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कारोबारी परिवार से जिंदगी ने ही नहीं अपनों ने भी मुंह मोड़ा, लाश लेने किया इनकार

कारोबारी परिवार से जिंदगी ने ही नहीं अपनों ने भी मुंह मोड़ा, लाश लेने किया इनकार
Aug 14, 2026, 01:39 PM
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Posted By gagan arora


वाराणसीः बनारस में जान गंवाने वाले महाराष्ट्र के कारोबारी परिवार का शव लेने से उनके रिश्तेदारों ने इनकार कर दिया. काफी प्रयास के बाद भी किसी ने नहीं आने पर पुलिस ने सामाजिक संगठन की मदद से शव का अंतिम संस्कार किया. पुलिस ने परिवार के जान देने की वजह बीमारी और कर्ज बताया.

लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार के अनुसार

वाराणसी के होटल में जहर खाकर आत्महत्या करने वाले मां-बेटे के हर रिश्तेदार ने शव लेने से इनकार कर दिया. पहले मृतक ईशान मुखर्जी के मामा और फिर बुआ-फूफा ने शव लेने से इनकार कर दिया। संबंध टूटने का हवाला देकर बहन और बहनोई भी शव लेने से नहीं आए. अब महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस विशाल के करीबियों से संपर्क कर रही है. प्रयागराज के कर्नलगंज के मूल निवासी विशाल मुखर्जी 15 साल पहले सीमेंट फैक्ट्री में काम करने महाराष्ट्र गए थे और वहीं बस गए. माता पिता को भी अपने साथ ले गए थे. रिश्तेदारों का कहना है कि विशाल ने विशाल ने मुंबई में अपना मकान और दुकान पहले ही बेच दिया इसके बाद कई लोगों से कर्ज ले लिया था. पिता के दोस्तों से भी पैसे उधार पर लिए थे और किसी को लौटाते नहीं थे. बेटे ईशान के दोस्तों से भी कर्ज ले रखे थे. गंभीर बीमारी में ज्यादा पैसा खर्च हुआ, वहीं पत्नी जया की भी तबीयत ठीक नहीं रहती थी. उनका भी उपचार जारी था. वर्ष 2018 में पिता और 2022 में मां की मौत हो गई थी. विशाल, उनकी पत्नी जया और बेटे ईशान से कोई रिश्तेदार मतलब नहीं रखता था. कर्ज में डूबे परिवार ने मौत के लिए काशी को चुना जिससे उन्हें मोक्ष मिल जाए. उनके फोन में पुलिस को 15 नंबर मिले, जिसमें से सिर्फ पांच नंबरों पर ही फोन उठे. प्रयागराज के कर्नलगंज की रहने वाली विशाल की बहन पृथा पांडेय और बहनोई भूपेंद्र पांडेय से लक्सा पुलिस ने संपर्क किया. विशाल के प्रयागराज निवासी बहन और बहनोई से लक्सा पुलिस ने कई बार संपर्क किया है. परिजनों से बातचीत में पता चला कि अत्यधिक कर्ज के दबाव में परिवार ने यह कदम उठाया.


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बहन पृथा ने पुलिस को फोन पर बताया कि भैया और भाभी से 12 साल पहले ही संबंध टूट चुका था. पृथा ने बताया कि विशाल इकलौते भाई थे. मगर, उनसे कोई रिश्ता नहीं रह गया था. मुंबई जाने के बाद से कोई बातचीत नहीं होती थी. लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि बहन और बहनोई ने दाह संस्कार में असमर्थता जताई है. पुलिस के अनुसार इलाज से कोई आराम न मिलने पर विशाल ने परिवार के साथ तीर्थयात्रा पर जाने का फैसला किया था. पिछले तीन महीने से परिवार पूरे देश के धार्मिक स्थल घूमने जा रहा था. सावन में विशाल ने बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन की इच्छा जताई तो बेटे ने टिकट बुक कराया. तीनों पांच अगस्त को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से वाराणसी के लिए रवाना हुए. सात अगस्त की सुबह काशी पहुंचकर वाची होम स्टे में चार दिन के लिए कमरा बुक किया था. बीमार की वजह से विशाल की वाराणसी में ही मौत हो गई. उसके बाद उसकी पत्नी व बेटे ने स्टे होम में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दिया.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।