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अब इंग्लिशिया लाइन - भेलूपुर सड़क चौड़ीकरण, टूटेंगे मकान और दुकान

अब इंग्लिशिया लाइन - भेलूपुर सड़क चौड़ीकरण, टूटेंगे मकान और दुकान
Dec 01, 2025, 07:22 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: शहर को जाम से मुक्‍त कराने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. दालमंडी से लेकर विभिन्‍न व्‍यस्‍त इलाकों में इसके लिए कवायद भी जारी है. इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग इंग्लिशिया लाइन से रथयात्रा, कमच्छा (जलकल कार्यालय), शंकुलधारा पोखरा होते हुए भेलपुर चौराहा (विजया माल) तक सड़क को 26 मीटर चौड़ी करने जा रहा है. इससे कैंट से लंका तक ट्रैफिक समस्‍या में निजात मिलेगी.

वर्तमान में कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई 12 से 15 मीटर है. ट्रैफिक की सबसे अधिक समस्या रथयात्रा चौराहे से कमच्छा तक है. इसके किनारे बने तमाम मकान और दुकान कार्रवाई की जद में आने जा रहे हैं.


सर्वे पूरा, डीपीआर तैयार


पीडब्‍लूडी ने सर्वे पूरा कर लिया है. प्रारंभिक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर जिला प्रशासन के जरिए शासन को भेज दिया गया है. इस सड़क को लहरतारा से भेलपुर वाया बीएचयू तक बनने वाली सड़क से जोड़ा जाएगा. ये सड़क फुलवरिया फोरलेन से गिलट बाजार पुलिस चौकी होते हुए रिंग रोड और एयरपोर्ट से जुड़ जाएगी. हाईवे और रिंग रोड से शहर के अंदर आने वाली पांच सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है. इसमें मोहनसराय से बौलिया तक सड़क सिक्सलेन बनाई जा रही है. आने वाले वाहनों को राहत मिली, लेकिन शहर में सड़कें जाम की चपेट में आ गईं.


इन सड़कों के भी चौडीकरण का प्रस्‍ताव


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शासन के निर्देश पर पीडब्‍लूडी की ओर से संत रविदास गेट से सोनारपुरा होते हुए गोदौलिया, लहुराबीर से गिरजाघर चौमुहानी, यहीं से रामापुरा होते हुए भेलूपुर थाने तक, कैंट से मलदहिया, लहुराबीर, मैदागिन होते हुए मच्छोदरी तक सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित है. इन सभी का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. इंग्लिशिया लाइन से रथयात्रा, कमच्छा होते हुए भेलूपुर तक मुख्य सड़क कम चौड़ी होने के चलते आए दिन जाम लगने लगा. बनारस दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी की समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जाम को लेकर सवाल उठाए तो जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने समस्या बताई.

ऐसे में शहर के मुख्य सड़क को चौड़ीकरण करने का लेकर प्रस्ताव मांगा. शासन को भेजे गए 660 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में बीटीएस से जलकल जमीन व मकान की क्षतिपूर्ति, सिविल वर्क, यूटिलिटी शिफ्टिंग शामिल है. शासन से हरी झंडी मिलने के साथ लोक निर्माण विभाग राजस्व, बिजली विभाग से आने वाले खर्च के बारे में मांगेगा. इंग्लिशिया लाइन, साजन तिराहा, सिगरा व रथयात्रा चौराहा, बीटीएस की बाउंड्री से सटे, राजबंधु, कमच्छा, जलकल कार्यालय, संकुल धारा पोखरा, खोजवा, चेतमणि चौराहा होते हुए भेलूपुर चौराहा (विजया माल) तक होगी.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।