Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

अब थम जाएगी दिल्ली में पेट्रोल-डीजल वाहनों की रफ्तार, सरकार का आदेश

अब थम जाएगी दिल्ली में पेट्रोल-डीजल वाहनों की रफ्तार, सरकार का आदेश
Apr 12, 2026, 08:05 AM
|
Posted By Preeti Kumari

अमेरिका और ईरान के बीच इस्‍लामाबाद में हुई शंति वार्ता पर दोनों देशों में कोई समझौता नहीं हो पाया है. ऐसे में होर्मुज स्‍ट्रेट पर ईरान का कब्‍जा कायम है. क्योंकि, अमेरिके का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की कोशिशों में लगे हुए है. इस तनावपूर्ण स्थिति के चलते पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत देशभर में देखने को मिल रही है. जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि अब इसका असर काफी हद तक देखने को मिल रहा है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली में एप आधारित सामान और भोजन आपूर्ति और यात्रा की सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनियों यानि (एग्रीगेटर) के इस वर्ष से अपने बेड़े में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन शामिल करने पर रोक लगेगी.


प


जानें क्या है पूरा मामला


बता दें, डीजल-पेट्रोल नहीं मिलने की वजह से इस साल एक जनवरी से एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं द्वारा संचालित हुए दोपहिया वाहनों और हल्के मालवाहकों के मौजूदा बेडे में पेट्रोल या डीजल पर चलने वाले किसी भी पारंपरिक वाहन को शामिल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि, मार्केट में बिना डीजल-पेट्रोल वाले वाहनों को लाने से लोगों को पेट्रोल-डीजल की जरूरत नहीं पड़ेगी. मतलब साफ ह कि, अब 2026 के बाद बेड़ा पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगा. इस निर्देश में इसे लागू करने के लिए ये साफ कहा गया है कि, एग्रीगेटर को बेड़े में बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाले दोपहिया वाहनों को शामिल करने की अनुमति 31 दिसंबर, 2026 तक होगी, जिसके बाद उन्हें अपने बेड़े को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलना अनिवार्य होगा.


ल


दिल्ली में पंजीकृत नए ऑटो-रिक्शा पर भी लागू


जानकारी के मुताबिक, वाहनों की नीति में ऑटो-रिक्शा सहित यात्री इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रस्ताव किया गया है. इसमें साफ तौर पर ये कहा गया है कि, नई नीति की अधिसूचना की तारीख से पहले वर्ष में 50,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 40,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके, यह प्रोत्साहन राशि पुराने सीएनजी ऑटो-रिक्शा को बदलने के साथ-साथ दिल्ली में पंजीकृत नए ऑटो-रिक्शा पर भी लागू होगा.


ज


वाहन को कबाड़ कराने का प्रमाण पत्र जारी


इस प्रस्तावित नीति के तहत अधिकृत कबाड़ सुविधा केंद्र से वाहन को कबाड़ कराने का प्रमाण पत्र जारी होते ही छह महीने के भीतर निजी उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. ये प्रावधान उन वाहन श्रेणियों पर लागू होता है जिनका उपयोग हद से ज्यादा होता है, जैसे दोपहिया, तिपहिया और मालवाहक वाहन, जो रोजाना व्यापक संचालन के कारण प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.


यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में फिर बदला मौसम का रंग, बढ़ने लगी गर्मी


क्योंकि, देशभर में डीजल-पेट्रोल की किल्लत बढ़ने के नाते जरूत के हिसाब से ही इन वाहनों चलन होगा. बता दें, 'दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना (2023)' के अन्य प्रविधान यथावत लागू रहेंगे. एग्रीगेटर बेड़े और ऑटो-रिक्शा पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस नीति का उद्देश्य अधिक उपयोग वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना और राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करना है.


काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
वाराणसी : शहर के लंका थानांतर्गत नगवा क्षेत्र में एक खौफनाक घटना सामने आई, जिसमें पेंटिंग के ठेकेदार सोनू यादव ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी. घटना उस जगह हुई जहां पेंटिंग का काम चल रहा था. युवक का शव उसके हाथ में पिस्‍तौल के साथ पाया गया. गोली चलने की आवाज सुनकर लोगों का ध्यान इस ओर गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस आत्महत्या के कारणों की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है.स्थानीय लोगों के अनुसार, डाफी क्षेत्र निवासी सोनू यादव एक सामान्य युवक था और उसके व्यवहार में कोई असामान्य परिवर्तन नहीं देखा गया था. उसकी आत्महत्या ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.ALSO READ:मनीष सिंह हत्‍याकांड के चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, वकीलों ने की मुफ्त पैरवी...पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है. उसके पास असलहा कहां से आया इसकी भी जांच की जा रही है. घटना की सूचना सोनू के परिजनों को दी गई. परिजनों ने बताया है कि सोनू ने यह कदम क्यों उठाया इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है. पुलिस ने असलहे को कब्‍जे में ले लिया है.