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अब घर बैठे जान सकेंगे बीएचयू ट्रामा सेंटर में बेड की उपलब्धता, रोगियों और परिजनों को मिलेगी राहत

अब घर बैठे जान सकेंगे बीएचयू ट्रामा सेंटर में बेड की उपलब्धता, रोगियों और परिजनों को मिलेगी राहत
Sep 15, 2025, 12:02 PM
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Posted By Gaandiv


वाराणसीः अक्सर गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि उन्हें यह पता नहीं होता कि अस्पताल में बेड खाली है या नहीं. कई बार जानकारी के अभाव में उन्हें घंटों भटकना पड़ता है और असमंजस की स्थिति बनी रहती है. लेकिन अब बीएचयू के ट्रामा सेंटर ने इस समस्या का स्थायी समाधान खोज लिया है. उसने इस संबंध में नई पहल शुरू की है.

अब मरीज और उनके परिजन घर बैठे ही यह जान सकेंगे कि ट्रामा सेंटर के किस विभाग में कितने बेड खाली हैं और कितने भरे हुए हैं. ट्रामा सेंटर प्रशासन ने एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था शुरू की है, जिसके जरिए बेड की वास्तविक समय की स्थिति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जा रही है.



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बेड ही नहीं, डॉक्टर और आपातकालीन स्थिति की भी मिलेगी जानकारी


यह सुविधा केवल बेड की उपलब्धता तक सीमित नहीं है. इसके माध्यम से मरीजों और परिजनों को एक ही जगह पर कई अहम जानकारियां मिलेंगी, जैसे–


  1. संबंधित चिकित्सक का नाम


  1. आईसीयू में बेड की उपलभ्धता


  1. पिछले दिन की आपातकालीन गणना


  1. वर्तमान समय में इमरजेंसी वार्ड में प्रतीक्षारत रोगियों की संख्या


मरीज को भर्ती कराने से पहले ही परिजन पूरी स्थिति को पारदर्शी ढंग से देख सकेंगे और सही निर्णय ले पाएंगे


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पारदर्शिता से बढ़ेगा विश्वास


ट्रामा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि यह पहल रोगियों और उनके परिजनों के लिए विश्वास और 'आश्वासन' की दिशा में बड़ा कदम है. भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति सामने होने से अनिश्चितता खत्म होगी और मरीजों को बेड मिलने की जानकारी तुरंत मिल सकेगी. उनका कहना है कि पारदर्शिता ही सर्वोत्तम पद्धति है. इस कदम से न केवल अस्पताल सेवाओं में भरोसा बढ़ेगा, बल्कि चिकित्सकों और परिजनों के बीच विश्वास का रिश्ता भी और मजबूत होगा.


ऐसे ले सकेंगे जानकारी


सभी जानकारी ट्रामा सेंटर की इस आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है:


https://traumacentrebhu.com/#/bed-availability



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इसके साथ ही एक क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसे स्कैन करके यह जानकारी सीधे मोबाइल फोन पर देखी जा सकती है. इसके अलावा अस्पताल परिसर में भी बड़े डिस्प्ले बेड की स्थिति दिखाई जाएगी.


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पारदर्शिता, विश्वास और जवाबदेही


विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था उन परिजनों के लिए बड़ी राहत साबित होगी जो मरीज को लेकर अस्पताल में प्रवेश से पहले ही दुविधा में रहते हैं. अब उन्हें न तो गलत जानकारी मिलेगी और न ही बार-बार पूछताछ करनी पड़ेगी. यह डिजिटल पहल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, विश्वास और जवाबदेही का नया अध्याय जोड़ रही है. बीएचयू ट्रामा सेंटर की यह पहल तकनीक और पारदर्शिता का ऐसा संगम है, जो न सिर्फ मरीजों और उनके परिजनों को सुकून देगा बल्कि अस्पताल प्रशासन और जनता के बीच आपसी विश्वास को भी गहरा करेगा.

शारदीय नवरात्र 11 अक्‍टूबर से, भगवती का हाथी पर हो रहा आगमन, 10 दिनी होगा महापर्व...
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वाराणसी: शक्ति साधना का महापर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर, रविवार से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार तक मनाया जाएगा. इस वर्ष नवरात्र में तिथि की वृद्धि होने के कारण यह महापर्व 10 दिनों तक चलेगा. अष्टमी तिथि दो दिन व्याप्त रहने से भक्तों को मां भगवती की भक्ति का विशेष अवसर प्राप्त होगा.अभिजित मुहूर्त पर घटस्‍थापना सर्वोत्‍तमबीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है. इस वर्ष नवरात्र के प्रथम दिन पूरे समय चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग की उपस्थिति रहेगी. धार्मिक ग्रंथों में इन योगों के दौरान कलश स्थापना करना वर्जित माना गया है. ऐसी स्थिति में अभिजित मुहूर्त में देवी स्थापना करना शास्त्रसम्मत और सर्वोत्तम माना जाता है.कलश स्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11:20 से 12:07 के मध्य है. नवरात्र का आरंभ रविवार को होने के कारण मां दुर्गा का आगमन 'हाथी' पर हो रहा है, जो अत्यधिक वर्षा और प्राकृतिक समृद्धि का प्रतीक है. समापन मंगलवार को होने से भगवती का गमन 'मुर्गे' (कुक्कुट) पर होगा. 20 अक्टूबर को विजयादशमी और 21 को नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा.ALSO READ:भोजपुरी गायक रितेश रंजन से मांगाी 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी का भी आरोप19 अक्टूबर को होगी संधि पूजाख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी ने बताया कि नवरात्र में महाअष्टमी तिथि समाप्त और महानवमी तिथि के आरंभ को संधिकाल कहा जाता है. अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट में संधि पूजा होती है. संधि पूजा 19 अक्टूबर सोमवार को सुबह 10:27 बजे से 11:15 बजे तक रहेगी. मान्यता है कि इसी संधिकाल में माता दुर्गा ने चामुंडा रूप धारण कर चंड और मुंड असुरों का वध किया था.
भोजपुरी गायक रितेश रंजन से  मांगाी 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी का भी आरोप
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वाराणसी : सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर निवासी भोजपुरी गायक एवं अभिनेता रितेश रंजन से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का प्रकाश में आया है. गायक के प्रार्थनापत्र पर सारनाथ पुलिस आरोपी बुलबुल यादव और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुट गई है. पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपों की जांच की जा रही है.रितेश रंजन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 18 सितंबर को बुलबुल यादव पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र यादव ने अपने एक अज्ञात साथी के साथ उन्हें फोन किया. आरोप है कि फोन पर दोनों ने गाली-गलौज की और 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी. गायक के अनुसार, जब उन्होंने रंगदारी देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारकर फेंक देने की धमकी दी. घटना के बाद से रितेश रंजन और उनका परिवार भयभीत है. गायक ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.ALSO READ : महिला सशक्तीकरण को सम्मान, यशोमणि और कर्मवीर पुरस्कार से प्रतिभाएं नवाजींशिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 सितंबर को केस दर्ज कर लिया. पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 352 और 351(3) के तहत कार्रवाई की है. एफआईआर संख्या 0487/2026 दर्ज की गई है. धारा 308(5) रंगदारी से संबंधित है, जबकि धारा 352 गाली-गलौज/अपमान और धारा 351(3) आपराधिक धमकी से संबंधित है. मामले की विवेचना सब-इंस्पेक्टर शिव नारायण को सौंपी गई है. पुलिस आरोपी और उसके अज्ञात साथी की पहचान और घटना में इस्तेमाल किए गए फोन नंबर समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
महिला सशक्तीकरण को सम्मान, यशोमणि और कर्मवीर पुरस्कार से प्रतिभाएं नवाजीं
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वाराणसी: मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में रविवार को दीक्षा महिला कल्याण शोध संस्थान का नौवां स्थापना दिवस उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच मनाया गया। इस मौके पर यशोमणि एवं कर्मवीर सम्मान समारोह आयोजित कर महिला सशक्तीकरण, प्रशिक्षण और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ की। मुख्य अतिथि लक्ष्मी मेडिकल के निदेशक एवं भाजपा काशी क्षेत्र चिकित्सा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक अशोक राय रहे। रक्षा मंत्रालय के इंजीनियरिंग सर्विसेज से सेवानिवृत्त सुनील सिंह, नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, चिकित्सा अधिकारी एवं एंद्री अस्पताल की प्रबंधक डॉ. आशा दुबे, उद्योगपति दिनेश गर्ग, एसबीआई काशी विद्यापीठ शाखा के प्रबंधक विनय त्रिपाठी, पूर्व प्रबंधक संजय गंगल, एसबीआई चौक शाखा के प्रबंधक नीरज पाठक और प्रिंस सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल में उत्साह भर दिया। आद्या अग्रवाल, आन्या अग्रवाल, आरूषी गुप्ता, आनंदिता गुप्ता, आरोही गुप्ता, कृति वर्मा, दीक्षा शुक्ला, श्लोक वाचक, रामश्री दीक्षित और ख्याति गुप्ता ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में काम करने वाली गीता देवी, रिदा नूर, हुस्ना बानो, निधि कुमारी, सुकन्या गुप्ता, रितिका कुमारी, खुशी सिंह और स्वाती सिंह को सिलाई मशीन और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाली निशा भारती और अलबीना को भी सम्मान मिला।समर कैंप में हिस्सा लेने वाली अलका कुमारी, खुशी राजभर, आलमीन खानम, मनतशा, माही, दीजिका, नेहा रावत, रजिया सुल्तान, शाजिया, मालती, नंदनी, पूजा कुमारी, मीनू जायसवाल, गौरी गुप्ता, खुशबू सोनकर, शिवानी चौरसिया, अर्पिता जायसवाल और याशिका को भी सम्मानित किया गया।वहीं, ब्यूटी पार्लर का छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाली वैष्णवी विश्वकर्मा, माया मार्या, सना बानो, रोशनी मौर्या, गीता सोनकर, पूजा विश्वकर्मा और शालू को भी सम्मान मिला। संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को हुनर का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास लगातार जारी है।ALSO READ: काशी विश्वनाथ धाम से गूंजा शांति का संदेश, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की कामनासमारोह में व्यापारी राजेंद्र धानुका, समाजसेवी एवं शिव बरात समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह, संजय अग्रवाल, राजन दुबे, पिंटू भैया, समाजसेवी नित्यानंद तिवारी, सुनील उपाध्याय, प्रेम सिंह और शोभा देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमलेश तिवारी ने किया। संस्था की अध्यक्ष संतोषी शुक्ला और दीपू शुक्ला ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया।