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एनएसजी कमांडो का माक ड्रिल, आतंकी हमले से निपटने की बारिश के बीच परखी तैयारी

एनएसजी कमांडो का माक ड्रिल, आतंकी हमले से निपटने की बारिश के बीच परखी तैयारी
Oct 03, 2025, 09:17 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - शहर में शुक्रवार की सुबह दशहरा की खुमारी मिटाने में लगे लोग अचानक आतंकी घुसने और उसके बाद शुरू हुए आपरेशन को देखकर सकते में आ गए. हालांकि बाद में जब पता चला कि यह एक माक ड्रिल है तो उन्होंंने राहत की सांस ली. शुक्रवार और शनिवार को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा वाराणसी शहर में आठ स्थानों पर माक ड्रिल किया जा रहा है. बताते हैं कि यह माक ड्रिल राष्ट्रीय स्तर का है जहां पर आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया. जिसमें सेना के विमान और हेलीकाप्टर का भी उपयोग प्रस्ताावित है. लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्री य एयरपोर्ट से टीम का आवागमन होने के साथ ही शहर के आठ प्रमुख जगहों पर टीम ने एलर्ट के साथ आपरेशन शुरू किया. इस दौरान भारी बारिश होने से भी टीम की सक्रियता और गतिविधियों‍ पर कोई खास प्रभाव नहीं देखने को मिला. इस कार्यक्रम की नि‍गरानी पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी कर रहे हैं. बताया गया कि आतंकी हमले से निपटने को लेकर पहली बार एनएसजी की माकड्रिल की गई.


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यातायात रोक कर पूर्वाभ्‍यास


बताते हैं कि चौकाघाट से लेकर रेलवे स्टेशन तक आवागमन सुबह रोककर टीम ने कार्रवाई शुरू की. इस दौरान काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा तो आने जाने वाले लोग भी एक बारगी सकते में आ गए. पुल पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगने से जाम की स्थिति बन गई. यात्री एक से दो किलोमीटर पैदल सफर करते नजर आए. एक एक कर एंबुलेंस की गाड़ियां भी आईं और भारी बारिश के बीच जारी पूर्वाभ्याास में शामिल हुईं.


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आपरेशन गांडीव के तहत एक्सरसाइज


एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) और पुलिस कमिश्नरेट के तत्वावधान में ऑपरेशन गांडीव के तहत शुक्रवार की सुबह मॉक एक्सरसाइज की गई. रोडवेज बस स्टैंड, कैंट स्टेशन और बनारस स्टेशन सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रतीकात्मक सिलसिलेवार आतंकी हमले से निपटने और उसे नाकाम करने से जुड़ी सतर्कता परखी गई. सुबह - सुबह शहर के अतिव्यस्तम मार्गो पर पुलिस और प्रशासन की गाड़ियों से सायरन की गूंज और सन्नाटे से लोगों में हलचल मची रही. सुबह आठ बजे रोडवेज बस स्टैंड पर प्रतीकात्मक रूप से तीन धमाके हुए. इसकी सूचना रोडवेजकर्मी ने पुलिस चौकी प्रभारी पुष्कर दुबे को दी. इस घटना से पुलिस कंट्रोल को वायरलेस से अवगत कराया. उप निरीक्षक पुष्कर दुबे ने बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर बैरियर लगाकर आवाजाही रोक दी. एसीपी चेतगंज डॉ ईशान सोनी की अगुवाई में स्टैंड परिसर को खाली कराया गया. एनएसजी, एटीएस और बीडीएस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया.


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एक नंबर प्लेटफार्म पर ट्रेनों का परिचालन रोका


इधर, कैंट स्टेशन पर भी दो धमाकों की गूंज से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए. पूरी टीम कैंट स्टेशन पहुंची. यहां नाट्य रूपांतरण के दौरान तीन आतंकी यात्रियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे. न्यू बिल्डिंग में आतंकियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी. जहां, एनएसजी कमांडो ने दो आतंकी मार गिराए. इस बीच एक आतंकी सर्कुलेटिंग एरिया में विस्फोटक फेंक कर भाग निकला. कमांडो टीम ने उसे पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इधर, यात्री हाल से एनएसजी ने एक संदिग्ध वस्तु को अपने कब्जे में ले लिया. इस दौरान पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल एवं एडिशनल सीपी शिवहरि मीणा सहित अन्य आलाधिकारी मौजूद रहे.

मॉक एक्सरसाइज के दौरान प्लेटफार्म नंबर एक से ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था. सुबह आठ बजे से दस बजे तक यह रोक प्रभावी रहा. इस अवधि में स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर एक के बजाय दूसरे प्लेटफार्मों पर ली गई. इसके अलावा आरपीएफ,जीआरपी और रेलकर्मियों ने सुरक्षा कॉरिडोर (सुरक्षा गलियारा) बनाकर यात्रियों को परिसर से बाहर निकाला.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
A student preparing for competitive exams committed suicide by hanging himself, leaving his family in mourning.वाराणसी: सारनाथ क्षेत्र में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी 20 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आत्‍महत्‍या की वजह स्‍पष्‍ट नहीं हो सकी है. घटना से जुडे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. छात्र की मौसेरी बहन आकृति यादव ने बताया कि विशाल अपनी बड़ी बहन सरिता और उनके साथ सारनाथ थाना क्षेत्र की अटल नगर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में रहते थे. वे सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे.आकृति के अनुसार, उनके मौसा रमेश यादव दुबई में रहते हैं और विशाल गाजीपुर से स्‍नातक का छात्र था. आकृति ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह मंदिर दर्शन के लिए गई थीं, जबकि विशाल की बड़ी बहन सरिता कोचिंग चली गई थी. दोपहर करीब 12:30 बजे जब आकृति मंदिर से लौटीं, तो विशाल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने विशाल के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, जो रिसीव नहीं हुई.डायल 112 को दी सूचना अनहोनी की आशंका होने पर आकृति ने खिड़की से झांक कर देखा तो विशाल के गले में स्टॉल से फंदा लगा था और वह बेड पर लटका हुआ था. यह देखते ही आकृति जोर से चीख पड़ीं. उसकी चीख-पुकार सुनकर मकान मालिक और अन्य किराएदार भी मौके पर आ गए. लोगों ने दरवाजा तोड़कर विशाल को फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. इसके बाद परिजनों और डायल 112 को घटना की सूचना दी गई.यह भी पढ़ें: रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतारसारनाथ पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. सारनाथ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. मृतक के मोबाइल को फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है. परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
वाराणसी: रोहनिया के मोहनसराय हाईवे स्थित चौराहे पर पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार की सुबह यातायात लगभग दो घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा. इस दौरान हाईवे और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.रोका गया वाहनों का आवागमन निर्माण एजेंसी की टीम ने भोर से ही तैयारी शुरू कर दी थी. पहले से बगल की जमीन पर लोहे के गटर को दो भागों में वेल्डिंग करके तैयार किया गया था. सुबह करीब 5 बजे से 7 बजे तक चार क्रेन की मदद से इन भारी-भरकम गटरों को हाईवे के दोनों तरफ बने पिलरों पर सेट किया गया. क्रेन से सेटिंग का काम चलने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. इस दौरान दोनों तरफ सैकड़ों वाहन खड़े हो गए और यातायात जाम की स्थिति बन गई. राहगीर पैदल चौराहा पार करने में भी दिक्कत महसूस कर रहे थे.लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद सफलतापूर्वक गार्डर की सेटिंग पूरी होने के बाद सुबह 7 बजे यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया. इस फुट ओवर ब्रिज के बनने से मोहनसराय चौराहे पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.यह भी पढ़ें: BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाजस्थानीय लोगों ने निर्माण टीम की कुशलता की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यातायात बाधित होने के दौरान बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की है ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो. रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 BHU अस्पताल में  जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों  से संभाला कामकाज
BHU अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों से संभाला कामकाज
वाराणसी: बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्‍टरों (जेआर1) की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने लगा है. जिससे मरीजों और तीतारदारों को इलाज में दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल का कारण एक महिला रेजिडेंट की आत्महत्या की कोशिश का विरोध बताया है. वहीं सीनियर रेजिडेंट ने मोर्चा संभाला लिया है. वहीं जूनियर डाक्‍टर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. धरने पर बैठे डा. अंबुज ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाईडाक्टरों की प्रमुख मांगों में जूनियर रेजिडेंट्स के लिए निश्चित ड्यूटी आवर तय करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु करना और महिला जूनियर डाक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. इस बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.धरना पर बैठा जूनियर रेजिडेंटों का समूह जूनियर रेजिडेंटों का एक समूह इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य द्वार पर धरना दे रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को मामले में की गई कार्रवाई को लेकर लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. डा. अंबुज ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. वहीं इस मामले में आईएमएस निदेशक ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.यह भी पढ़ें: BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौकारिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस स्थिति के चलते मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोश‍िश कर रहा है. इस हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. हालांकि सीनियर डाक्‍टरों ने कामकाज संभाल रखा है.