नीतीश के इस्तीफे पर JDU प्रदेश अध्यक्ष बोले- निशांत पार्टी का भविष्य

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सोमवार को एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद से उनके इस्तीफे को भी विधान परिषद से मंजूरी भी मिल गई है. सीएम पद से इस्तीफा देना इसलिए जरूरी था क्योंकि, वे हाल ही में राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं, ऐसे में नियमानुसार एमएलसी पद छोड़ना जरूरी होता हैं. हालांकि, उनके इस इस्तीफे को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ है. पहले JDU यानि राष्ट्रीय जनता दल ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा इस्तीफा लेकर सभापति के पास पहुंचे. जहां उन्होंने कहा कि, सभापति आएंगे तो इस्तीफा उन्हें सौंपा जाएगा.

लेकिन मामला कुछ और ही देखने को मिला. जहां नीतीश के इस्तीफ़े वाला लेटर लेकर एमएलसी संजय गांधी विधान परिषद जा पहुंचे थे और विधान परिषद में इस्तीफे का पत्र दिया. जिस पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि, जेडीयू एमएलसी संजय गांधी इस्तीफे का पत्र लेकर परिषद पहुंचे हैं. उन्होंने मीडिया के सामने इस्तीफे वाला लेटर भी दिखाया था. नीतीश कुमार आगे आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देंगे. हालांकि नियम के तहत वह अभी छह महीने सीएम रह सकते हैं.

कुर्सी छोड़ने पर बना सस्पेंस
असल में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सस्पेंस बना हुआ है. राज्यसभा का सदस्य चुने जाने के बाद नियम के मुताबिक उन्हें परिषद की सदस्यता छोड़नी होती है. लेकिन माना ये जा रहा है कि, एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार छह महीने तक मुख्यमंत्री रह सकते है. आपको बता दें कि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी तक बिहार विधान परिषद के सदस्य थे. वह हाल ही में राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हो चुके हैं. जिसके चलते नीतीश कुमार को नियमानुसार एमएलसी पद से इस्तीफा दिया है, मगर वह राज्यसभा की सदस्यता को अपने पास ही रखेंगे.

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वहीं सीएम नीतीश कुमार का एमएलसी पद से इस्तीफा देने की बात रविवार शाम से ही बिहार की राजनीति में चर्चाएं होने लगी थीं. उनसे मिलने जेडीयू के कई नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजेंद्र यादव मंत्री, अशोक चौधरी सीएम हाउस पहुंचे, जहां अशोक चौधरी नीतीश कुमार की विदाई को सोचकर फूट-फूटकर रोने लगे.
प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का बड़ा बयान
इन सभी के बीच जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पार्टी और बिहार का भविष्य हैं. निशांत की सक्रियता बढ़ने के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और वे लगातार संगठन से संवाद भी करने में जुटे हुए हैं. मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर उमेश कुशवाहा ने कहा, 'इतनी जल्दबाजी क्यों है? जब समय आएगा, सब कुछ स्पष्ट कर दिया जाएगा'. जिसके बाद उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि, संवैधानिक प्रावधानों के तहत कोई व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता, इसलिए नीतीश कुमार ने विधान परिषद से इस्तीफा दिया है.

बेटे निशांत पर टिकी हर किसी की नजर
पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया था, तब कुछ लोगों को असहजता जरूर हुई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य है. जिसके बाद से अब हर किसी की नजर नीतीश के बेटे निशांत पर जा टिकी है. ये सोचकर कि अब उनके बाद बिहार का भविष्य उनके बेटे निशांत ही है. जिसे कुशवाहा ने बिहार के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि एक साथ तीन-तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों का राज्यसभा के लिए चुना जाना राज्य की राजनीतिक अहमियत को दर्शाता है.



