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अधिवक्‍ता की संदिग्‍ध मौत पर कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय बोले, "मामले की न्यायिक जांच हो"

अधिवक्‍ता की संदिग्‍ध मौत पर कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष अजय राय बोले, "मामले की न्यायिक जांच हो"
Dec 09, 2025, 11:03 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय राय मंगलवार को राजा आनंद ज्‍योति सिंह के घर बर्थरा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाक़ात कर उनकी व्‍यथा सुनी. बता दें कि पिछले वर्ष संदिग्ध परिस्थितियों में अधिवक्ता राजा आनन्द ज्योति सिंह की हुई मृत्यु को उनके परिवार ने किसी दुर्घटना नहीं, बल्कि कफ सीरप माफिया द्वारा की गई सुनियोजित हत्या बताया है. परिवार के सदस्यों ने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि वाराणसी पुलिस ने पूरे मामले में लीपापोती कर सच को दबाने का प्रयास किया है. उनका आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर केस की दिशा मोड़ी और असली दोषियों को बचाने का काम किया. परिवार के इन आरोपों ने न्याय व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


ajay rai


प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि इस केस की जांच यूपी पुलिस नहीं, बल्कि न्यायिक जांच के माध्यम से कराई जाए, ताकि असली आरोपी सामने आ सकें और कफ सीरप माफिया पर कड़ी कार्रवाई हो सके. मृतक अधिवक्ता राजा ज्योति सिंह अपने पूरे परिवार के पोषक थे. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे पूरी तरह असहाय और अनाथ स्थिति में हैं.

अजय राय ने सवाल उठाया कि क्या योगी सरकार का बुलडोज़र इस महिला की पीड़ा नहीं देख पा रहा है? क्या इस सरकार में न्याय मांगना भी अपराध हो गया है? उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा. कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक जांच की मांग की है, ताकि असली दोषियों को सजा मिल सके. यह मामला न केवल एक अधिवक्ता की हत्या का है, बल्कि यह समाज में व्याप्त कफ सिरप माफिया के खिलाफ भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.


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इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, अशोक सिंह, रोहित दुबे, परवेज खां, विनीत चौबे, सैय्यद आदिल, वीरेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ अमरनाथ मिश्रा, योगेन्द्र सिंह, यूनुस, राजेन्द्र चौबे, गिरीश त्रिपाठी समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे.

सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत, परिवार में कोहराम
सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत, परिवार में कोहराम
वाराणसी : बड़ागांव थाना क्षेत्र के कविरामपुर गेट के समीप शनिवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई. मृत युवक की पहचान बड़ागांव के भरतपुर गांव निवासी आशु राजभर (19) के रूप में हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार आंशू युबह अपनी बाइक से शिवपुर सब्जी मंडी जा रहा था. इसी दौरान बाबतपुर- कविरामपुर मार्ग से बड़ागांव की तरफ आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि आंशू की मौके पर ही मौत हो गई. आसपास के लोगों ने बताया कि बोलेरो ने इससे पहले भी एक बाइक सवार को टक्कर मारी थी और तेजी से भाग रही थी.युवक बीएससी का छात्र था और अपने दो भाइयों में बड़ा था. उसका छोटा भाई आदित्य राजभर इंटर फाइनल का छात्र है. परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है. पिता दीपक राजभर 6 बिस्से जमीन से परिवार का भरण-पोषण करते हैं और बच्चों की पढ़ाई के लिए नयेपुर बाजार में किराए का कमरा लेकर टेलरिंग का काम भी करते हैं. पुत्र की मौत की खबर सुनकर माता रेशमा राजभर का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार या लापरवाही से वाहन चलाने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है.also read:वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभगंगा में डूबे युवक का शव मिला, परिवार में मातमरामनगर थाना क्षेत्र में डोमरी के सामने गंगा में नहाने के दौरान डूबे साहिल (22)का शव एनडीआरएफ ने कशक्‍कत के बाद ढूंढ निकाला. पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती सर्कस रोड निवासी साहिल मोहल्ले के चार दोस्तों अमित, सुमित, आलोक और सुधांशु के साथ देर शाम डोमरी क्षेत्र में पहुंचा. सुधांशु का जन्मदिन होने के कारण सभी ने उसका केक काटा. इसके बाद गंगा किनारे सभी नहा रहे थे कि अचानक साहिल गहरे पानी में चला गया. साहिल के डूबने की सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस और जल पुलिस मौके पर पहुंची. एनडीआरएफ ने सर्च अभियान शुरू किया। रात तक चली खोजबीन में साहिल का पता नहीं चला. दूसरे दिन सुबह एनडीआरएफ की टीम ने खोजबीन शुरू की तो डोमरी गांव के सामने से साहिल का शव बाहर निकाला गया. तीन बहनों और एक भाई में साहिल सबसे छोटा था. बेटे का शव देखकर मां मुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभ
वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभ
वाराणसी : शहर की राेपवे परियोजना को जल्‍द ही पंख लगने वाले हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में इस संबंध में बैठक कर इस बात के संकेत दिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो 15 अगस्त तक काशीवासियों को रोपवे की सौगात मिल सकती है. वहीं, सिग्नेचर ब्रिज का काम भी जल्द शुरू होगा. वी. उमाशंकर ने बताया कि काशी में बन रहा रोपवे प्रोजेक्ट देश की सबसे अनूठी परियोजनाओं में से एक है और अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना में शुरुआत में कुछ तकनीकी और संरचनात्मक चुनौतियां आई थीं, लेकिन अब अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है. रोपवे के तीनों स्टेशनों का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है.उन्होंने जानकारी दी कि गोदौलिया और गिरजाघर स्टेशन के बीच रोप पुलिंग का कार्य 10 मई से शुरू किया जाएगा, जिसे पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगेगा. इसके बाद जुलाई माह से टेस्टिंग का काम शुरू होगा और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 15 अगस्त तक काशीवासियों को रोपवे की सौगात मिल जाएगी.also read:वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपायसिग्नेचर ब्रिज के बारे में उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की नई तकनीक और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से इन समस्याओं का समाधान कर लिया गया है.उन्होंने उम्मीद जताई कि सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण कार्य सितंबर से अक्टूबर के बीच शुरू हो जाएगा. इसके अलावा गंगा रिवर रोड को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. साथ ही वरुणा नदी के किनारे सड़क निर्माण की परियोजना भी प्रस्तावित है, जिससे शहर के यातायात और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा.
वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपाय
वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपाय
वाराणसी : जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर गंगा घाटों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं ताकि असमय हादसों में लोगों की जान बचाई जा सके. इसके लिए खतरनाक 19 घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग के साथ ही सेफ्टी नेट की व्यवस्था की जा रही है. 11 घाटों पर जाल और फ्लोटिंग बैरिकेडिंग स्थापित हो चुके हैं, जबकि 7 अन्य घाटों पर सुरक्षा संबंधी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. नौ घाटों पर वॉच टावर और आठ घाटों पर फ्लोटिंग जेटी लगाने की तैयारियां भी चल रही हैं. मई से जुलाई तक गंगा घाटों पर डूबकर मरने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है.देश भर से काशी दर्शन और गंगा घाट पर घूमने आने वाले पर्यटकों के नहाने के दौरान डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. इन घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में जल पुलिस काम कर रही है. खतरनाक घाटों को चिन्हित किया गया है. साइनेज, फ्लोटिंग बैरिकेडिंग, जाल, वॉच टावर समेत अन्य सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं. नमो घाट से रविदास घाट तक लगभग नौ किलोमीटर के दायरे में हर महीने डूबने की घटनाएं होती हैं. नया स्पॉट डोमरी गांव के सामने चिन्हित हुआ है, जहां दो माह में चार लोगों की मौत हो चुकी है.इन घाटों पर लग रहे हैं वॉच टावरतुलसी घाट, अस्सी घाट के बीच, शीतला घाट-अहिल्याबाई घाट के बीच, हनुमान घाट-शिवाला घाट के बीच, जानकी घाट, केदार घाट, मीर घाट, ललिता घाट, सिंधिया घाट, गाय घाट.ALSO READ : महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...फ्लोटिंग बैरिकेडिंग व जाल की व्यवस्थाअस्सी घाट, तुलसी घाट, जानकी घाट, केदार घाट, हनुमान घाट, प्रह्लाद घाट, चौसट्ठी घाट, अहिल्याबाई घाट, शीतला घाट, प्रयाग घाट, दशाश्वमेध घाट, मीर घाट, सिंधिया घाट, पंचगंगा घाट, गाय घाट, त्रिलोचन घाट, रानी घाट, राजघाट व रामनगर बलुआ घाट.इन घाटों पर लग रही फ्लोटिंग जेटी : तुलसी घाट, जानकी घाट, शिवाला घाट-हनुमान घाट, चौसट्ठी घाट, मीर घाट, अहिल्याबाई घाट, प्रयाग घाट, राजघाट.एक नजर इन घटनाओं परवर्ष 2022 में 37 लोगों की मौतवर्ष 2023 में 46 लोगों की मौतवर्ष 2024 में 37 लोगों की मौतवर्ष 2025 में 32 लोगों की मौतसुरक्षा मानकों की लापरवाही पर कई नावें सीजगंगा घाटों पर सुरक्षा और बचाव को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं. शुक्रवार को गंगा में अभियान चलाकर नावों की जांच की गई. इस दौरान सुरक्षा मानकों समेत अन्‍य अनियमितताओं को लेकर दर्जन भर नावों को सीज किया गया है. एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि फ्लोटिंग बैरिकेडिंग, सेफ्टी नेट, वॉच टावर, साइनेज समेत अन्य सुरक्षा तैयारियां की जा रही हैं.