वाराणसी में हर 36 पुरुषों में एक को मुख कैंसर का खतरा, होगी स्क्रीनिंग

वाराणसी : जिले में हर 36 पुरुष में से एक को मुंह के कैंसर का खतरा मंडरा रहा है. मुंह के कैंसर वाले मरीजों के टॉप 3 जिले में वाराणसी भी है. इसके अलावा इंदौर और अहमदाबाद भी इस सूची में शामिल हैं. मरीजों की बढ़ती संख्या को देख अब नियंत्रण की दिशा में टाटा कैंसर अस्पताल और जिला प्रशासन की बैठक में मिलकर काम करने का निर्णय लिया है. इसमें विशेष अभियान चलाकर स्क्रीनिंग करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाएगा. कमिश्नरी सभागार में दो दिन तक चली बैठक में कैंसर को लेकर हाल ही में जारी रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की गई. पहले दिन टाटा कैंसर अस्पताल और जिला प्रशासन के बीच मंथन के बाद शुक्रवार को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र में बैठक हुई.
टाटा कैंसर अस्पताल मुंबई के निदेशक डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि मुख कैंसर ऐसा कैंसर है, जिसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. इसके लिए कोटपा कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्कूलों, कॉलेजों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है.
कैंसर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र, होमी भाभा कैंसर अस्पताल के कैंसर रोकथाम विभाग की प्रमुख डॉ. दिव्या खन्ना ने जिले में कैंसर की स्थिति पर हाल ही में कराए गए सर्वे पर आधारित पीबीसीआर रिपोर्ट के बारे में बताया.
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कहा कि रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में हर 36 में से एक पुरुष को मुख कैंसर का खतरा है. बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह, कार्यवाहक सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान रहे.



