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पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र BHU के आईसीयू में भर्ती, बनारस की महान गायकी को दुआओं की दरकार

पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र BHU के आईसीयू में भर्ती, बनारस की महान गायकी को दुआओं की दरकार
Sep 14, 2025, 12:59 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान हस्ताक्षर, पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र (89 वर्ष) की अचानक तबीयत बिगड़ गई. उन्हें 13 सितम्बर की रात करीब 11 बजे मिर्जापुर से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया. Bhu के मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, मिश्र जी को बुखार और सांस संबंधी शिकायतों के साथ गंभीर अवस्था में आइसीयू के मेडिसिन विभाग में रखा गया है.वे बीते सात महीनों से बीमार हैं तथा इससे पहले मिर्जापुर के रामकृष्ण सेवा आश्रम अस्पताल में इलाज करा रहे थे.


PANDIT CHANNULAL


कई गंभीर बीमारियों से है पीड़ित

मिश्र जी डायबिटीज टाइप 2, हाइपरटेंशन, ऑस्टियोआर्थराइटिस और बीपीएच जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं. बीमारी की अवधि में उन्हें बेडसोर हुए, जो रक्त संक्रमण (सेप्टीसीमिया) तक पहुँच गए. वर्तमान में उन्हें एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) की भी समस्या है. डॉक्टरों की टीम उन्हें नॉन-इनवेसिव वेंटिलेटर पर रखकर एंटीबायोटिक्स, इंसुलिन और दूसरे सहायक उपचार दे रही है. देर शाम से उनकी स्थिति कुछ स्थिर बताई गई है, मगर निगरानी सतत बनी हुई है. अस्पताल प्रशासन ने सभी शुभचिंतकों से प्रार्थना की अपील करते हुए मरीज और परिवार की निजता मानने का अनुरोध किया है.


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छन्नूलाल मिश्र हैं बनारस गायकी का गौरव

पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त, 1936 को आजमगढ़ ज़िले के हरिहरपुर गाँव में हुआ था. उन्होंने बचपन से ही अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत सीखा और बाद में किराना घराने के उस्ताद गनी अली खान तथा ठाकुर जयदेव सिंह से प्रशिक्षण प्राप्त किया. मिश्र जी बनारस घराने के प्रतिनिधि हैं, और उनकी गायकी में खयाल, ठुमरी, दादरा, चैती, कजरी, होरी और भजन प्रमुख रूप से शामिल हैं.उनकी साधना ने बनारस गायकी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई.

PANDIT CHANULAL



उपलब्धियाँ और सम्मान

पंडित छन्नूलाल मिश्र को 2020 में पद्मविभूषण और 2010 में पद्मभूषण सम्मान मिल चुका है. वे संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, यश भारती, नॉशाद अवार्ड, यूपी संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समेत कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के सम्मान प्राप्त कर चुके हैं.उन्हें ‘ठुमरी के रत्न’ के नाम से भी जाना जाता है. मिश्र जी की सरलता, गहराई और निष्ठा ने उन्हें बनारस गायकी का आख़िरी स्तंभ बना दिया है.


उनकी बेजोड़ उपलब्धियों और समर्पित जीवन को देखते हुए, आज संपूर्ण देश उनकी सलामती और शीघ्र स्वस्थता के लिए प्रार्थना कर रहा है

वाराणसी में 25 अक्‍टूबर को आयोजित होगा एयर शो, प्रदर्शित होगी मध्य वायु कमान की गौरवशाली विरासत
वाराणसी में 25 अक्‍टूबर को आयोजित होगा एयर शो, प्रदर्शित होगी मध्य वायु कमान की गौरवशाली विरासत
वाराणसी : नमो घाट पर 25 अक्टूबर 2026 को ‘इंडियन एयर फोर्स एरियल डिस्प्ले: 2026’ का आयोजन किया जा रहा है. गंगा के प्रतिष्ठित और भव्य तट की पृष्ठभूमि में आयोजित यह हवाई प्रदर्शन नागरिकों एवं आगंतुकों को भारतीय वायु सेना की सटीकता, व्यावसायिक दक्षता और उत्कृष्ट समन्वय का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा. यह आयोजन मध्य वायु कमान की छह दशकों से अधिक की गौरवशाली यात्रा को भी प्रदर्शित करेगा. अपनी स्थापना के बाद से कमान और इसके अधीनस्थ संगठनों ने विस्तृत एवं परिचालन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में युद्ध अभियानों, मानवीय सहायता, आपदा राहत तथा नागरिक प्रशासन को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.रक्षा मंत्रालय के प्रवक्‍ता के अनुसार, मध्य वायु कमान की परिचालन विरासत में वर्ष 1965 एवं 1971 के भारत-पाक युद्धों, मालदीव में ऑपरेशन कैक्टस तथा कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में उल्लेखनीय योगदान शामिल है. कमान के वायुयानों और वायु योद्धाओं ने निकासी, बाढ़ राहत, आकस्मिक चिकित्सा निकासी तथा विभिन्न मानवीय सहायता अभियानों को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इन अभियानों के दौरान उन्होंने कठिन भूभाग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावित समुदायों तक सहायता पहुंचाई है.परिचालन तत्परता बनाए रखते हुए नागरिकों को समयबद्ध सहायता प्रदान करने की कमान की क्षमता राष्ट्र सेवा के प्रति भारतीय वायु सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. नमो घाट पर आयोजित होने वाला ‘इंडियन एयर फोर्स एरियल डिस्प्ले: 2026’ सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के इस विशिष्ट स्थल पर वाराणसी के नागरिकों को भारतीय वायु सेना से निकटता से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा. यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ भारतीय वायु सेना की विविध भूमिकाओं, क्षमताओं और गौरवशाली सेवा परंपराओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएगा.ALSO READ : वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवाहवाई प्रदर्शन के समय, निर्धारित दर्शक क्षेत्रों, यातायात व्यवस्था, पार्किंग तथा दर्शकों की सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी आयोजन की तिथि के निकट अधिकृत माध्यमों से जारी की जाएगी. आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर विश्वास करें तथा जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा कर्मियों और आयोजन से जुड़े अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें.
वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवा
वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवा
वाराणसी : शहर के खजुरी और पांडेयपुर में एक बार फिर पोस्टर को लेकर सियासी घमासान को हवा दी जा रही है. पांडेयपुर चौराहे पर बने ओवरब्रिज पर एक बैनर लगा है, जो लोगों में चर्चाओं को ज्‍नम दे रहा है. इस बैनर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव की तस्वीरें लगी हैं.बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, "माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश." यह पोस्टर शहर में राजनीतिक गलियारों में बहस का मुद्दा बन गया है.पांडेयपुर चौराहे की बात की जाए तो यह शहर के प्रमुख चौराहों में से एक है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं. ऐसे में यहां लगे इस राजनीतिक संदेश वाले बैनर पर राहगीरों और आसपास के लोगों की नजर पड़ रही है.ALSO READ : जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौतइस बैनर के जरिए अखिलेश यादव और उनके कार्यकाल को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हुई है. हालांकि, इसे किस व्यक्ति या संगठन ने लगाया है, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. बैनर लगाने के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या है, यह भी साफ नहीं हो पाया है. लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक पोस्टर वार के जरिए राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. अखिलेश के खिलाफ इस पोस्‍टर को कई जगह सपाइयों ने फाड़ डाले.
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
वाराणसी : कपसेठी बाजार में शनिवार को एक जनरल स्टोर में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट से घायल पांच साल के मासूम कार्तिक जायसवाल की मौत हो गई. विस्फोट इतना जबरदस्‍त रहा कि बारजा ढह गया. दुकान के दरवाजे, खिड़की और दीवार की रेलिंग टूट गई. बाजार से लगभग 200 मीटर दूर तक धमाके से ग्रामीण दहल गए. मासूम घर का इकलौता चिराग था.भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज से बच्चे के शव को पुलिस ने पंचायतनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया. सूचना के बाद गोमती जोन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली. कार्तिक माता-पिता का इकलौता बेटा था. शुक्रवार को कार्तिक का पांचवां जन्मदिन था. ननिहाल से कार्तिक रात में ही घर लौटा था. खिलौने आदि भी ननिहाल से उपहार में कार्तिक को मिले थे. खिलौने लेकर वह तीसरी मंजिल पर गया था. अचानक फुलझड़ी जलाने के दौरान ही तेज धमाका हो गया. इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता आशीष और मां का रो-रोकर हाल खराब हो गया.कपसेठी थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में आशीष जायसवाल का मकान है. मकान में ही जायसवाल जनरल स्टोर संचालित है. सुबह लगभग 8 बजे के बाद आशीष का बेटा कार्तिक जायसवाल खेलते हुए तीसरी मंजिल की दुकान पर जा पहुंचा. इस बीच वह फुलझड़ी जलाने का प्रयास कर रहा था कि अचानक एक बोरे में तेज धमाका हो गया. धमाके की गूंज से मकान समेत बाजार दहल उठा. तीसरे तल के आगे का बारजा ढह गया. दुकान की रेलिंग, खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए.ALSO READ : एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...कार्तिक जायसवाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया. परिजन तुरंत उसे लेकर कपसेठी चौराहे स्थित शर्मा क्लिनिक पर गए, जहां हालत गंभीर होता देख चिकित्सकों ने हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया. उपचार के दौरान मौत हो गई. वहीं, स्थानीय लोगों को कहना है कि एक माह बाद ही दशहरा और दिवाली है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है.