पाकिस्तान की खुली पोल, लाल किला हमला मामले में जैश-ए-मोहम्मद का सामने आया नाम

दिल्ली के लाल किला के पास हुए भीषण धमाके ने देशभर को दहशत में डाल दिया था, मामले की छानबीन कर रही पुलिस कार्रवाई में एक बड़ा खुलासा हुआ है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है. जी हां, संयुक्त राष्ट्र की 37वीं (सैंतीसवीं) रिपोर्ट में लाल किला हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है. साथ ही मसूद अजहर की नई विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ का भी जिक्र है. सामने आई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस रिपोर्ट में पहलगाम हमले का भी जिक्र किया गया है. जिसमें 26 बेगुनाह पर्यटकों की जान ले ली गई थी. उस समय भी हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट यानि (TRF) ने ली थी. जिसकी जांच -पड़ताल में 28 जुलाई 2025 को तीन संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया गया था.

इसकी पुष्टि संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट कर रही है. हालांकि, पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों में से कुछ आतंकी आज भी खुलेआम घूम रहे है. इन सभी के बीच अब सवाल आतंकवाद पर उठने लगा है. यहीं कि आतंकवाद जैसा खतरनाक संगठन को कैसे और किस तरह से खत्म किया जाए, इतना ही नहीं लोगों का ये भी कहना है कि जब तक आतंकवाद पनपता रहेगा भारत देश कभी भी चैन की नींद नहीं सो सकेगा.

जाने क्या है मामला
दरअसल, बीते 10 नवंबर को नई दिल्ली में रेड फोर्ट के पास हुए हमले में 15 लोगों की मौत का दावा किया गया है. UN रिपोर्ट में ये साफ कहा गया है कि एक सदस्य देश ने जानकारी देते हुए बताया कि जैश-ए-मोहम्मद ने लाल किले हमले की जिम्मेदारी ली थी. इस मामले को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद चल रहा हैं. फिलहाल लाल किले मामले में सामने आई रिपोर्ट को देखते हुए पुलिस अभी आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध निगरानी समिति की नवीनतम रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम दर्ज देख अब पाक के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का माथा चकराने लगा है.

भारत- पाकिस्तान आतंकी संगठन का ले रहा पक्ष
दिल्ली के लाल किला हमले मामले में हुए खुलासे को देखते हुए भारत का दावा है कि, जैश अब भी एक्टिव है और क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है, जबकि पाकिस्तान ने संगठन को निष्क्रिय बताया है. इससे पहले भी पाकिस्तान ने यह कहा था कि, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगाए जाने की वजह से ये संगठन सक्रिय नहीं हैं. लेकिन पाकिस्तान की पोल संयुक्त राष्ट्र की ये रिपोर्ट भी खोल रही है, जिसमें ये बताया गया है कि, जैश प्रमुख मसूद अजहर ने बीते 8 अक्टूबर को महिलाओं की एक अलग विंग बनाने का फैसला लिया था, इस विंग का नाम जमात-उल-मुमिनात रखा गया है.

हालांकि यह विंग अभी UN की प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं है. लेकिन, उस पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोप हैं. आतंवाद को बढ़ावा देने के लिए जैश ए मोहम्मद महिलाओं का विंग बनाने का निर्णय लिया है. वो चाहता है कि हर तरफ आतंकवाद का ही अड़्डा बने. ताकि देशभर में उसका कब्जा हो सके और उसके आतंकी संगठन को भारत देश तबाह ना कर सके.
इन सभी के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, जो उसे बचाने के लिए हर दिन झूठ पर झूठ बयानबाजी देता है. पर शायद वो ये भूल गया है कि आतंकवाद वो संगठन है जो किसा का नहीं होता है, तो पाकिस्तान का भला कैसे होगा. शायद ये बात पाकिस्तान को तब समझ आएगी जब उसकी आंखों के सामने जैश ए मोहम्मद पाकिस्तान का पूरा का पूरा खात्मा कर देगा. जिसका वो खुद से भी ज्यादा परवाह करता है.


