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पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोर

पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोर
Jul 16, 2026, 10:30 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार तथा ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया. पंच सम्मेलन को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पंच सम्मेलन में चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तथा झारखंड के पंचायत प्रमुखों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा आने वाला समय भारत का है तथा उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत का है. विकसित भारत जी राम जी कानून को बनाने हेतु जब संसद में प्रस्ताव रखा गया तो विपक्ष ने विरोध जरूर किया लेकिन जब उन्होंने इसके उद्देश्यों को जान लिया तब उन्होंने सांकेतिक विरोध किया. ग्रामीणों के स्वरूप को बदलने में पुरानी नरेगा योजना में केवल पैसे की बंदरबांट थी लेकिन वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास समेत विकसित पंचायत पर कार्य किया गया है.


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दवाई, कमाई तथा पढ़ाई की चिंता


इस योजना में दवाई, कमाई तथा पढ़ाई की भविष्य की चिंताओं को सम्मिलित किया गया है. इस योजना में पीएम गतिशक्ति को शामिल करते हुए कार्यों के डुप्लीकेसी को रोका गया है. सरकार का लगातार ध्यान विकसित भारत के तरफ है. उन्होंने सभी से लक्ष्य तय करके कार्य करने हेतु प्रेरित किया. कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने प्रयासों से 25 करोड़ से ज्यादे लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया. उन्होंने पिछली सरकारों के बिना लक्ष्य के विजन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जितने पीएम आवास वर्तमान सरकार में बने उतने आज तक पिछली सरकारों में कभी नहीं बने. आज भूखे पेट कोई नहीं सोता सभी को अन्न योजना से लाभान्वित किया गया है.


यूपी में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना करेगी सशक्‍त



इलाज के अभाव में किसी को जीवन नहीं खोना पड़ेगा, आयुष्मान योजना से इलाज की व्यवस्था की गई है. उन्होंने सभी पंचायत प्रमुखों से कहा कि आप ऐसा कार्य करें की जिसके ऊपर आप हाथ रखें वहीं प्रधान बने जो की केवल आपके किए कार्यों से तय होगा. उत्तर प्रदेश में एक बड़ी योजना महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने जा रहे हैं. महिला सशक्तिकरण के तरफ हमारा लगातार ध्यान होना चाहिए ताकि आधी आबादी सशक्त हो. परिवारों का ही विकास विकसित भारत का विकास है. हमारा उद्देश्य लगातार जनता की सेवा करना रहा है. कार्य योजना पक्ष - विपक्ष सभी बैठकर बनाएं. 30 लाख से ग्रामों में समूह की फैक्ट्री बनाने का भी कार्य होगा. प्रशासनिक मद छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत किया गया है. गांवों के विकास का दूरगामी रोडमैप आप विकसित करें. गांव छोड़कर कोई शहर नहीं जाए हम इसपर लगातार कार्य करें.


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गांवों के विकास के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित


अनेकों योजनाएं गांवों के विकास को लाने हेतु सरकार दृढ़ संकल्पित है. ये सरकार न खाऊंगा न खाने दूंगा पर कार्य कर रही है. गांवों का सर्वांगीण विकास हो यही हमारा लक्ष्य है. उन्होंने वाराणसी में एलिवेटेड सड़कें बनाने हेतु कैबिनेट की मंजूरी एवं 25 हजार करोड़ की धनराशि आवंटित होने पर भी सभी को बधाई दी. उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि विकसित भारत तभी संभव है जब विकसित उत्तर प्रदेश विकसित होगा. आज गुंडे उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं. आज देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, गरीबों के अन्याय को रोका गया. जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने को भी उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में रेखांकित किया.


जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास के अगले पच्चीस वर्षों का विकास शामिल


केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय के कार्यों पर भी सभी का ध्यान खींचा. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा मंत्रालय ग्रामीण विकास है. जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास के अगले पच्चीस वर्षों के विकास को शामिल किया गया है. उन्होंने प्रधानों से मजबूत ग्रामीण विकास की नींव रखने की अपेक्षा की. उन्होंने मनरेगा योजना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष एक ही गड्ढे को बार - बार न खोदें बल्कि वर्तमान योजना से मजबूत विकसित पंचायत के तरफ बढ़ें. हमारा यह सामूहिक प्रयास हो कि समूहों के रोजगार को मार्केट देने के तरफ कार्य करें. लगातार सरस मेलों का आयोजन होना चाहिए. वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में 23 करोड़ बैंक खाते खोलने का कार्य किया है. पंद्रह साल पहले से वर्तमान काशी में अकल्पनीय, अतुलनीय, अविश्वस्नीय कार्य हुए हैं. विश्वनाथ कारीडोर बनने के बाद काशी की दिशा बदल गई है. काशी की पूरी व्यवस्था की बदलने का कार्य हुआ है. सड़कें, एयर कनेक्टिविटी भी उच्च स्तर पर विकसित हुए हैं.


रोजगार की 100 दिन की गारंटी अब 125 दिन


आयुक्त ग्राम्य विकास जी एस प्रियदर्शी ने कहा कि एक जुलाई 2026 को लागू किए गए कानून के तहत प्रथम पंच सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत पंचायत अध्यक्षों से सीधे वार्ता की जाएगी. उन्होंने बताया अब रोजगार की 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है जिसके तहत बुनियादी रोजगार को भी इसमें सम्मिलित किया गया है.

संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास भारत सरकार सुश्री रोहिणी आर जी ने कहा कि देश के स्तर पर प्रथम सम्मेलन वाराणसी में आयोजित हो रहा है जिसमें मै सभी अतिथियों का स्वागत करती हूं. सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार तथा झारखंड से भारी संख्या में पंचायत प्रमुखों को शामिल किया गया है. विकसित भारत जी राम जी अधिनियम एक जुलाई से देश के 2.8 लाख ग्रामों में एक साथ लागू किया गया जिसमें ये प्रावधान किया गया कि श्रमिकों को एक दिन भी बिना रोजगार के न बैठना पड़े इसकी व्यवस्था इसमें की गई है. आगे जाकर पंचायत की यह जिम्मेदारी है कि हम पंचायत को विकसित बनाने के प्रावधान बनाएं. उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में दो करोड़ से ज्यादे रोजगार सृजित किए गए हैं.


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कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री एवं मंत्री ग्राम्य विकास केशव प्रसाद मौर्य, केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास भारत सरकार सुश्री रोहिणी आर, आयुक्त ग्रामीण विकास विभाग उत्तर प्रदेश जी एस प्रियदर्शी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसी एनआरएलएम पवन सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा भारी संख्या में पंचायत प्रमुख शामिल रहे.

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।