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इंडिगो के विमान में बम की सूचना से खलबली, टॉयलेट में मिला धमकी भरा लेटर

इंडिगो के विमान में बम की सूचना से खलबली, टॉयलेट में मिला धमकी भरा लेटर
Feb 02, 2026, 08:51 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : इंडिगो के विमान में बम की सूचना से लाल बहादुर शास्‍त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर रव‍िवार की शाम को खलबली मच गई. दरअसल वाराणसी - हैदराबाद से वाराणसी पहुंचे इंडिगो के विमान को बम से उडाने की धमकी मिली. सूचना के बाद विमान ने वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की वैसे ही सभी यात्रियों को तुरंत सु‍रक्षित बाहर निकाला गया.

इस दौरान एयरपोर्ट पर सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं की टीमों को तैनात किया गया. शहर से दर्जनों एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद, विमान को एक सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया गया, जहां उसकी जांच की गई. जांच में सामने आया क‍ि बीच हवा में क्रू मेंबर को विमान के पीछे वाले टॉयलेट में रखा एक लेटर म‍िला था ज‍िसमें ल‍िखा था क‍ि - विमान संख्या 6 ई 6719 में बम है जो कभी भी फट सकता है.


INDIGO


इस घटना ने यात्र‍ियों को लेने आए और उनके परिवारों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया. हालांकि, एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने में तत्परता दिखाई. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद, उन्हें अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं.विमान में बम की सूचना की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी मौके पर पहुंची. जांच के दौरान, अधिकारियों ने विमान के सभी हिस्सों की बारीकी से जांच की. इस मामले में भी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया. वहीं एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है.


यह था पूरा घटनाक्रम


एयरपोर्ट अथॉरिटी के अध‍ि‍कार‍ियों के अनुसार व‍िमान को 6:30 बजे के करीब लैंड होना था, लेक‍िन, व‍िमान के हवा में होने के दौरान करीब बीस म‍िनट पूर्व ही टॉयलेट में क्रू मेंबर को एक पत्र म‍िला ज‍िसमें व‍िमान में बम होने की जानकारी ल‍िखी थी. व‍िमान में बम होने की सूचना के तुरंंत बाद ही क्रू मेंबर ने पायलट को इस लेटर के बारे में जानकारी दी. लेटर पाते ही पायलट ने हवा में ही एटीसी बाबतपुर एयरपोर्ट वाराणसी को इस धमकी के बारे में जानकारी दी.


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आनन-फानन बम दस्‍ता सह‍ित सुरक्षा बलों और सीआइएसएफ को सूचना देने के साथ ही व‍िमान के लैंड करते ही त्‍वर‍ित गत‍ि से यात्र‍ियों को व‍िमान से उतार कर सुरक्ष‍ित क्षेत्र में यात्रि‍यों को ले जाने के साथ ही व‍िमान को भी रनवे से दूर ले जाकर व‍िमान की सघन तलाशी की गई. वहीं यात्र‍ियों के बैगेज की भी सघन पड़ताल की गई है. हालांक‍ि रात करीब आठ बजे तक व‍िमान में कुछ भी संदि‍ग्‍ध नहीं पाए जाने के बाद एटीसी ने राहत की सांस ली है.

वाराणसी में डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त, धर-दबोचे गए सात आरोपी
वाराणसी में डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त, धर-दबोचे गए सात आरोपी
वाराणसी: चोलापुर थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने से तनाव हो गया. घटना की सूचना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों ने गांव में स्थापित अम्बेडकर की प्रतिमा को तोड़-फोड़ कर क्षति पहुंचाई. इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर जमा होकर विरोध जताया. चोलापुर थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.जातिवादी तत्वों की साजिशभीम आर्मी और आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं ने इस घटना को जातिवादी तत्वों की साजिश करार दिया. गांव के निवासी प्रियांशु कुमार ने बताया कि कुछ जातिवादी लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा को जानबूझकर निशाना बनाया. विरोध के दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा की मरम्मत और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.पुलिस ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की. प्रारंभिक जांच में राजभर समाज से जुड़े आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद किया गया. थाना प्रभारी ने बताया कि नामजद आरोपियों में से सात को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है.यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र की 19 मार्च से शुरूआत, जाने घटस्‍थापना से विदाई तक का समयप्रभारी निरीक्षक ने प्रतिमा की मरम्मत और पुनर्स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की है. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. विरोध के दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा की मरम्मत और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
चैत्र नवरात्र की 19 मार्च से शुरूआत, जाने घटस्‍थापना से विदाई तक का समय
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वाराणसी: आदिशक्ति की आराधना, उपासना और साधना का महापर्व वासंतिक नवरात्र इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च से प्रारंभ होगा. यह नवरात्र पूरे नौ दिनों तक चलेगा और 27 मार्च को महानवमी के दिन संपन्न होगा. नवरात्र के पहले दिन प्रात:काल से ही घटस्थापना के कार्य आरंभ हो जाएंगे. महानवमी के दिन व्रत की पूर्णाहुति के साथ-साथ मां की विदाई भी होगी.अशुभ को भी शुभ बनाने की क्षमता प्रो. विनय पांडेय, आचार्य दैवज्ञ शास्त्री के अनुसार इस बार माता का आगमन पालकी पर होगा, जिसे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ नहीं माना जाता है. हालांकि, मां की साधना अशुभ को भी शुभ बनाने की क्षमता रखती है. वहीं माता का गज वाहन से प्रस्थान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इस ल‍िहाज से इस बार नवरात्र का फलाफल अंतत: शुभता से पर‍िपूर्ण होने की ही संभावना व्‍यक्‍त कर रहा है.नवरात्र के दौरान भक्तजन विभिन्न प्रकार की पूजा-अर्चना और उपासना करेंगे. इस अवसर पर विशेष रूप से माता दुर्गा की आराधना की जाएगी. भक्तजन नौ दिनों तक उपवास रखकर मां की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करेंगे. नवरात्र के दौरान मंदिरों में विशेष सजावट की जाएगी और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी.नवरात्र का पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस दौरान लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करते हैं. नवरात्र के दिनों में अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. नवरात्र में भक्तों के लिए व‍िभ‍िन्‍न संस्‍थाओं की ओर से विशेष आयोजन किए जाएंगे.यह भी पढ़ें: वाराणसी पहुंचे धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री, स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद का किया समर्थनकई स्थानों पर भव्य पंडाल सजाए जाएंगे, जहां श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा कर सकेंगे. इसके अलावा, कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा. नवरात्र के दौरान भक्तों को विशेष ध्यान रखना होगा कि वे सभी नियमों और परंपराओं का पालन करें. इस प्रकार, चैत्र नवरात्र का पर्व इस वर्ष भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है.
वाराणसी पहुंचे धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री, स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद का किया समर्थन
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वाराणसी: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे. उन्‍होंने अपनी मां संग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की सनातन की विचारधारा से पूरे विश्व में शांति आ सकती है. उन्होंने बताया कि सनातन की संस्कृति में वह ताकत है कि वह विश्व में शांति और संतुलन बना सकती है. उन्होंने विश्व में फैली अशांति पर कहा कि पूरे विश्व में यदि शांति का रास्ता निकालना है तो भारत और भारत की सनातन संस्कृति ही है जो सही रास्ता दिखा सकती है. इसके साथ ही उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को समर्थन देने की बात भी कही है.उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी हमला किया है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप गैाभरोसेमंद और विचलित हैं. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप इसलिए भरोसेमंद नहीं है क्योंकि वह शाम को कुछ और बोलते हैं और सुबह कुछ और, ऐसे इंसान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता. जिस तरह से उन्होंने अपने अधिकार का गलत उपयोग करके टैरिफ वार शुरू किया, उससे उनकी कार्य प्रणाली यही दर्शाती कि वह दुनिया में अशांति फैलाना चाहते हैं.गंगा, गौ और गीता से जुड़े मामले पर मेरा समर्थन है: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीगौ रक्षा और गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि गौ, गंगा और गीता से जुड़ा कोई भी मामला हो तो हम उसका पुरजोर समर्थन करेंगे. शंकराचार्य ने गाय का मुद्दा उठाया है और हम गौ सेवक होने के नाते उनका नैतिक रूप से समर्थन करते हैं.यह भी पढ़ें: धर्मयुद्ध यात्रा का स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद आज केदारघाट पर लेंगे संकल्प, कल शुरू होगी यात्राधीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यूजीसी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने इसके नियम को लेकर पुनर्विचार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारत एकता और अखंडता का देश है, इसलिए इस तरह की नीतियां बनाना ठीक नहीं है. यूजीसी के माध्यम से समाज में दीवार नहीं खड़ी करनी चाहिए. देश को एकता के सूत्र में पिरोने की जरूरत है.