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यात्री सुविधा दिवस: वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों से संवाद, मांगे सुझाव, गिनाईं उपलब्धियां...

यात्री सुविधा दिवस: वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों से संवाद, मांगे सुझाव, गिनाईं उपलब्धियां...
Jun 15, 2026, 09:28 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, वाराणसी पर सोमवार को "यात्री सुविधा दिवस" का आयोजन किया गया. इस अवसर पर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से संवाद स्थापित कर उनकी प्रतिक्रियाएं और सुझाव प्राप्त किए. साथ ही पिछले 12 वर्षों में एयरपोर्ट द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी साझा की गई.

एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद वाराणसी एयरपोर्ट ने यात्री सुविधाओं, हवाई संपर्क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. आज वाराणसी एयरपोर्ट पूर्वांचल के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है.


यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि

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एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार वर्ष 2013-14 में जहां वाराणसी एयरपोर्ट से केवल 4.5 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 42.8 लाख से अधिक हो गई है. इसी अवधि में विमान संचालन की संख्या 9,360 से बढ़कर 28,190 से अधिक पहुंच गई है, जो क्षेत्र में बढ़ती हवाई संपर्क व्यवस्था और नागरिक उड्डयन क्षेत्र की तेज प्रगति को दर्शाती है.


यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में वाराणसी एयरपोर्ट ने कई नई पहल की हैं. वर्ष 2018 में डिजीयात्रा सुविधा लागू करने वाला यह देश का पहला हवाई अड्डा बना. इसके अलावा यात्रियों को किफायती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए 29 अप्रैल 2026 को उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की गई. कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम में सुरक्षित विमान संचालन के लिए ILS CAT-II, आधुनिक रडार और ADS-B जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग भी किया जा रहा है.


कार्गो और कृषि निर्यात को मिली नई उड़ान


पिछले 12 वर्षों में वाराणसी एयरपोर्ट ने कृषि, उद्यानिकी, हस्तशिल्प और निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाई है. वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कार्गो संचालन को बढ़ावा देने के लिए 8,800 वर्गमीटर क्षेत्र में एकीकृत कार्गो टर्मिनल की स्थापना की गई. इसमें 4,102 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र और 4,698 वर्गमीटर खुला संचालन क्षेत्र शामिल है. कृषि उत्पादों के सुरक्षित परिवहन के लिए पांच मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित किया गया है.

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय निर्यात 1,000 मीट्रिक टन तथा घरेलू कार्गो परिवहन 6,500 मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है. इससे किसानों, निर्यातकों, एमएसएमई इकाइयों और बनारसी हस्तशिल्प उद्योग को बड़ा लाभ मिला है.


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पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिला बढ़ावा


काशी विश्वनाथ धाम, गंगा घाट, सारनाथ और अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने में वाराणसी एयरपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. बेहतर हवाई संपर्क ने पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को नई गति प्रदान की है.


नए टर्मिनल सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर


बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से नए अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 39 लाख से बढ़कर 60 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी.

इसके अलावा रनवे विस्तार, आधुनिक रडार एवं एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का उन्नयन, ILS CAT-III प्रणाली की स्थापना, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, रनवे के नीचे सुरंग निर्माण और कृषि व निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए परिशेबल कार्गो हब विकसित करने की योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है. यात्री सुविधा दिवस के दौरान एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से मिले सुझावों को भविष्य की योजनाओं में शामिल करने का भरोसा भी दिलाया.

तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.
 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.