यात्री सुविधा दिवस: वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों से संवाद, मांगे सुझाव, गिनाईं उपलब्धियां...

वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, वाराणसी पर सोमवार को "यात्री सुविधा दिवस" का आयोजन किया गया. इस अवसर पर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से संवाद स्थापित कर उनकी प्रतिक्रियाएं और सुझाव प्राप्त किए. साथ ही पिछले 12 वर्षों में एयरपोर्ट द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी साझा की गई.
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद वाराणसी एयरपोर्ट ने यात्री सुविधाओं, हवाई संपर्क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. आज वाराणसी एयरपोर्ट पूर्वांचल के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है.
यात्री संख्या में कई गुना वृद्धि

एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार वर्ष 2013-14 में जहां वाराणसी एयरपोर्ट से केवल 4.5 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 42.8 लाख से अधिक हो गई है. इसी अवधि में विमान संचालन की संख्या 9,360 से बढ़कर 28,190 से अधिक पहुंच गई है, जो क्षेत्र में बढ़ती हवाई संपर्क व्यवस्था और नागरिक उड्डयन क्षेत्र की तेज प्रगति को दर्शाती है.
यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में वाराणसी एयरपोर्ट ने कई नई पहल की हैं. वर्ष 2018 में डिजीयात्रा सुविधा लागू करने वाला यह देश का पहला हवाई अड्डा बना. इसके अलावा यात्रियों को किफायती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए 29 अप्रैल 2026 को उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की गई. कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम में सुरक्षित विमान संचालन के लिए ILS CAT-II, आधुनिक रडार और ADS-B जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग भी किया जा रहा है.
कार्गो और कृषि निर्यात को मिली नई उड़ान
पिछले 12 वर्षों में वाराणसी एयरपोर्ट ने कृषि, उद्यानिकी, हस्तशिल्प और निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाई है. वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कार्गो संचालन को बढ़ावा देने के लिए 8,800 वर्गमीटर क्षेत्र में एकीकृत कार्गो टर्मिनल की स्थापना की गई. इसमें 4,102 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र और 4,698 वर्गमीटर खुला संचालन क्षेत्र शामिल है. कृषि उत्पादों के सुरक्षित परिवहन के लिए पांच मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित किया गया है.
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय निर्यात 1,000 मीट्रिक टन तथा घरेलू कार्गो परिवहन 6,500 मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है. इससे किसानों, निर्यातकों, एमएसएमई इकाइयों और बनारसी हस्तशिल्प उद्योग को बड़ा लाभ मिला है.
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पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिला बढ़ावा
काशी विश्वनाथ धाम, गंगा घाट, सारनाथ और अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने में वाराणसी एयरपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. बेहतर हवाई संपर्क ने पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को नई गति प्रदान की है.
नए टर्मिनल सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर
बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से नए अत्याधुनिक टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 39 लाख से बढ़कर 60 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी.
इसके अलावा रनवे विस्तार, आधुनिक रडार एवं एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का उन्नयन, ILS CAT-III प्रणाली की स्थापना, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, रनवे के नीचे सुरंग निर्माण और कृषि व निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए परिशेबल कार्गो हब विकसित करने की योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है. यात्री सुविधा दिवस के दौरान एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से मिले सुझावों को भविष्य की योजनाओं में शामिल करने का भरोसा भी दिलाया.



