पीएम की अपील पर वाराणसी के सर्राफा बाजार में बेचैनी, कारोबारियों ने कही ये बात

Unease prevails in Varanasi's bullion market following PM's appeal, traders say
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वर्ष तक जरूरी न हो तो सोना न खरीदने की अपील ने सर्राफा बाजार में बेचैनी है. कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है. कारोबारियों का कहना है कि इस तरह की अपील से हजारों परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आ सकता है. जब कोई सोना नहीं खरीदेगा तो इस व्यापार से जुड़े व्यापारी, कारीगर, छोटे-बड़े सराफा कारोबारी कहां जाएंगे. काशी में इस मुद्दे को लेकर सराफा कारोबारियों में रोष है. विवाह, त्योहार, अन्य शुभ उत्सवों या निवेश के लिए सोने की खरीदारी में आने वाले दिनों में बड़ी गिरावट की संभावना है.

सोना डेढ़ लाख के भाव पर नहीं खरीदने की अपील क्यों
व्यापारी अभिनव सेठ ने कहा, "जब सोने का भाव कम था, उसी समय आह्वान करते तो आज सोना डेढ़ लाख के भाव पर है तो नहीं खरीदने की अपील क्यों. सोना खरीद कौन रहा है. जो अमीर हैं, वही खरीदारी कर रहे हैं. छोटे सराफा कारोबारियों का कारोबार तो ऐसे बड़े शोरूम वाले खा गए हैं. जो व्यापारी पूंजी लगाकर बैठे हैं, उनका क्या होगा." संतोष कुमार ने बताया कि अपील को जनता कई नजरिए से देख रही है. सराफा बाजार पर इसका बड़ा असर आने वाले दिनों में दिखाई पड़ेगा. सोना पहले से ही महंगा है और ऊपर से न खरीदने की अपील छोटे व्यापारियों व कारीगरों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर देगी. परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा. कारोबारी गोपी नाथ ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे बयान से सीधे व्यापार पर असर पड़ने वाला है. सराफा कारोबारियों के लिए यह बहुत कष्टदायक बात है.
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कारोबारी मनोज कुमार ने बताया, "मोदी जी ने कहा है कि जितनी आवश्यकता हो उतनी ही खरीदारी करें, जरूरत न हो तो सोना न खरीदें. इसके पीछे कोई बड़ी वजह होगी. उनकी बातें राष्ट्रहित को लेकर हैं. इसलिए सभी को धैर्य रखना चाहिए, न कि जल्दबाजी में निष्कर्ष निकाल लेना चाहिए." वाराणसी सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने बताया कि ज्वेलरी निर्माण कार्य घटने की आशंका है.

बनारस में सैकड़ों स्वर्णकार कारीगरों और दुकानदारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि प्रधानमंत्री ने देश की मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए केवल अपील की है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है. एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि बाजार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. महिलाएं शुरू से ही गहनों में निवेश करती रही हैं और करती रहेंगी.



