पुलिस कमिश्नर ने मंदिर क्षेत्र का किया निरीक्षण, मणिकर्णिका को लेकर कही ये बात

वाराणसी : मणिकर्णिका सुंदरीकरण के दौरान क्षेत्र के एक मंदिर के ध्वस्त होने की अफवाहों के बीच पुलिस अधिकारी सोमवार को मंदिर परिसर पहुंचे और मौका मुआयना किया. इस दौरान उन्होंने मंदिर का निरीक्षण किया और वाराणसी में मणिकर्णिका क्षेत्र को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों को समाप्त करने के लिए साक्ष्य साझा किए.
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सोमवार की दोपहर काशी विश्वनाथ धाम का भ्रमण किया और वहां से कुम्भामहादेव मंदिर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट में जिस मंदिर का जिक्र किया गया है, वह धाम क्षेत्र में स्थित है और यहां प्रतिदिन पूजा-पाठ होता है. इस मंदिर के बारे में भ्रामक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है.
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी जानकारी साझा की है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्क्रीनशॉट और यूआरएल का रिकॉर्ड रखा गया है. सांसदों पर कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने बताया कि जांच जारी है और राजनीतिक या गैर-राजनीतिक, जो भी व्यक्ति इस मामले में शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की जानकारी साझा करने पर उन्हें भी दंडित किया जाएगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को साझा न करें, जिससे समाज में भ्रम फैल सकता है. इस मामले में पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और उन्हें सही जानकारी देने का प्रयास किया. पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों को रोकने के लिए वे सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.
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पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं और इसलिए सभी को सावधान रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी प्रकार की गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मणिकर्णिका क्षेत्र के मंदिर के बारे में फैली अफवाहों को लेकर पुलिस ने स्पष्टता प्रदान की है और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देने का प्रयास किया है.



