घाटों पर पैदल गश्त में उतरे पुलिस आयुक्त, संदिग्धों से पूछताछ; 22 वाहन सीज़, 10.62 लाख का जुर्माना...

वाराणसी: शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गंगा घाटों और प्रमुख इलाकों का निरीक्षण कर पैदल गश्त की. इस दौरान दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया तक तथा नमो घाट से अस्सी घाट तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस आयुक्त ने संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए.
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने कहा कि वाराणसी के घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा कमिश्नरेट पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है.घाट क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सुरक्षा तंत्र और मजबूत बनाया जा सके.
उन्होंने गंगा घाटों की स्वच्छता और सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि गंगा केवल जलधारा नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. घाटों और नदी क्षेत्र में नशीले पदार्थों का सेवन तथा अपशिष्ट फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस आयुक्त ने घाट क्षेत्रों में स्टंट और खतरनाक कर्तब दिखाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. साथ ही गंगा में जल विहार करने वाले सभी लोगों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करते हुए नाविकों को सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा. श्रद्धालुओं को डूबने की घटनाओं से बचाने के लिए घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है.

जल पुलिस और एनडीआरएफ को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए बताया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों के खिलाफ अब तक 31 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं और 58 नावों को सीज़ किया गया है.
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वहीं “ऑपरेशन चक्रव्यूह” अभियान के तहत शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन और अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. विशेष चेकिंग अभियान में 22 वाहनों को सीज़ किया गया, 529 वाहनों का चालान काटा गया और कुल 10 लाख 62 हजार 500 रुपये का शमन शुल्क लगाया गया. बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पैदल गश्त बढ़ाकर लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया.



