Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

प्रशांत किशोर ने खोले NDA के पत्ते, बढ़ने लगी बीजेपी की धड़कन

प्रशांत किशोर ने खोले NDA के पत्ते, बढ़ने लगी बीजेपी की धड़कन
Oct 16, 2025, 09:49 AM
|
Posted By Preeti Kumari

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है. आज पहले चरण के नामांकन का सातवां दिन है, जो 17 अक्टूबर को अपने समाप्ति के सफर पर होगा. ऐसे में संभावना है कि इसके चलते सभी दलों के उम्मीदवार इस आखिरी दिन पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे. दूसरी ओर इस चुनाव में सभी राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए अपनी-अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हुए हैं जिसके लिए वे एक-दूजे पर हमलावर हैं.


ू


पटना की धरती से एनडीए का बखान


वहीं, बिहार चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों में जरा भी कसर छोड़ना नहीं चाहती है जिसके चलते उसने अपने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट भी जारी कर दी है. जारी किए गए इस लिस्ट में 18 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं. इसी बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर अपनी पार्टी के लिए चुनावी प्रचार-प्रसार करने आज गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना जा पहुंचे. वहां उन्होंने एनडीए का बखान करते हुए कहा "बिहार चुनाव में एनडीए को जो गति मिली है, वो साफ दिखाई दे रही है.


इसकी तुलना में महागठबंधन का हाल इतना बुरा है कि उसके अंदर घमासान मचा हुआ है. राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव के खिलाफ नारेबाजी भी हो रही है. यहां तक की एनडीए की सरकार बनाने के लिए कई युवा उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा गया है. इसी के आगे भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर पर कटाक्ष कर उन्हें युद्ध से पहले ही भाग जाने वाला 'जनरल' बताया. ऐसे में सेना का क्या होगा ?


पुरक


पीके ने कहा- नहीं लड़ेंगे बिहार चुनाव


आपको बता दें, अनुराग ठाकुर के इस बयान के पीछे का कारण ये है कि, बीते एक दिन पहले प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान देकर हर किसी को चौंका दिया. जी हां, बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले पीके ने अचानक से अपने चुनावी रफ्तार पर विराम लगा दिया. जनसुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार कहलाने वाले प्रशांत ने ये साफ कर दिया कि वो किसी भी हाल में अब बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. फिलहाल, पार्टी ने जो तय किया है उसे करने के साथ-साथ संगठन के काम पर ध्यान देंगे.


रक


150 सीटों का टारगेट


चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने एक तरफ अपने बिहार विधानसभा चुनाव ना लड़ने का ऐलान कर दिया है तो दूसरी तरफ उन्होंने बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए की निश्चित हार की भविष्यवाणी भी कर बैठे हैं. उनका कहना है कि, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू को 25 सीटें जीतने के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा. आगे उन्होंने कहा, जीत की आस लगाए बैठा एनडीए इस चुनाव में अब पूरी तरीके से खत्म होने वाला है. पीके के इसी बयान पर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने निशाना साधा है.


रक


"लालू के बहकावे में नहीं आएगी बिहार की जनता"


वहीं भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव को ताने मारते हुए कहा कि, जंगलराज वालों ने बाहुबलियों और गुंड़ों के बेटों को टिकट दिया है. सिर्फ इसलिए कि अपनी पार्टी की सरकार बना सकें. लेकिन शायद उन्हें ये नहीं पता कि बिहार की जनता इतनी भोली-भाली नहीं है जो उनके इस बहकावे में आ जाएगी. बड़ी बात तो यह है कि लालू के इस कदम को जनता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करने वाली है. क्योंकि, बिहारवासी विकास से जुड़ना चाहते है ना कि लालू के जंगलराज से. इसलिए बेहतर होगा कि उन्हें इस जंगलराज से बाहर निकलने की जरूरत है नहीं तो एक दिन उनका ही ये जंगलराज उन्हें फंसा ना लें.

राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी शिवपुर विधानसभा में शिवपुर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया.सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि,यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है. भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा.निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.बता दें कि,इस महाभियान अंतर्गत मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.ALSO READ: "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंहसमापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष हीरालाल जायसवाल ने की, संचालन मंडल अध्यक्ष डॉ शशिकांत गिरी ने किया. वहीँ,प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष दिनेश मौर्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, गोपाल भारद्वाज,संजय गुप्ता ,फूल प्रकाश दूबे, शोभनाथ गोड,मिंटू तिवारी,बलवन्त पटेल,रामनरेश, अंकित दूबे,शेषनाथ भारती,गंगाराम,ममता पटेल,सीता रानी मिश्रा,उर्मिला पांडेय,संजय गुप्ता,ममता पटेल ,मीना तिवारी,ममता राय,आदि मौजूद रहे.
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
वाराणसी : आइआइटी बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित 'टेक्नेक्स' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को छात्रों से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर बीएम करियप्पा रूबरू हुए. छात्रों से संवाद में उन्‍हों ने कहा कि आम जनता सैनिकों की सबसे बड़ी मदद अपने विश्वास, सम्मान और समर्थन के माध्यम से कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के समय सरकार किन परिस्थितियों और सीमाओं में निर्णय लेती है, उस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सैनिकों के लिए उचित नहीं होता, क्योंकि कई रणनीतिक बातें गोपनीय होती हैं.ब्रिगेडियर करियप्पा ने कहा कि भारत ने समय-समय पर साहसिक सैन्य कदम उठाए हैं.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 में सीमा पार जाकर की गई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इन अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब सरकार और सेना मिलकर निर्णायक कदम उठाती हैं.उन्होंने आगे कहा कि सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. ऐसे में नागरिकों का विश्वास और प्रेम उनके मनोबल को और मजबूत करता है. ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी कहा कि यदि देशवासी सेना के प्रति अपना समर्थन और सम्मान बनाए रखें, तो सैनिक भी उसी समर्पण और साहस के साथ देश की रक्षा करते रहेंगे.यह भी पढ़े:- वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनछात्रों के सवालों का दिया जवाबइस संवाद में छात्रों ने ब्रिगेडियर करियप्पा से कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और सेवा में अपनी भूमिका को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ युवाओं को सैन्य सेवा में भी रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह देश की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी बताया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि शांति के समय भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना ने हमेशा नागरिकों की मदद की है, जो कि उनकी सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेना के प्रति अपने समर्थन को बनाए रखें, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को और भी मजबूती मिले.