कैंट स्टेशन पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव, तो आई बाबतपुर को टर्मिनल बनाने की याद

वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बाबतपुर में नए टर्मिनल की संभावनाएं तलाशी जा रही है. भविष्य को ध्यान में रखकर रेल मंत्रालय ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में रेल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नजदीक होने से रेलवे की नजर बाबतपुर में टिकी है. रेलवे की परियोजना फिलहाल योजना के स्तर पर है, जिसे जल्द ही सर्वे के स्टेज में लाया जाएगा. रेल मंडल के एक बड़े अधिकारी ने बाबतपुर में टर्मिनल बनाने की योजना की पुष्टि की है.

अप और डाउन ट्रेनों के ठहराव पर पडेगा असर
कैंट (वाराणसी) से 102 ट्रेनें रन-थ्रू गुजरती हैं. इसके अलावा 22 ट्रेनें वाराणसी से बनकर देश के विभिन्न कोनों के लिए रवाना होती हैं. इन ट्रेनों को अप और डाउन में कैंट रेलवे स्टेशन पर लगभग 30 मिनट तक खड़ा रहना पड़ता है, जिससे प्लेटफार्म लंबे समय तक व्यस्त रहते हैं. रेलवे की रणनीति इन ट्रेनों को बाबतपुर टर्मिनल से संचालित करने और कैंट रेलवे स्टेशन पर 10 मिनट का आंशिक ठहराव देने की है. ऐसा हुआ तो प्लेटफार्म 440 मिनट तक अतिरिक्त खाली रह सकेंगे. जिससे अन्य ट्रेनों के संचालन में राहत मिलेगी.

यात्रियों को राहत और कारोबार को संजीवनी
कैंट रेलवे स्टेशन से बाबतपुर की दूरी लगभग 22 किलो मीटर है. बाबतपुर रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ेंगी तो कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 15 फीसद घट जाएगी. पिंडरा, हरहुआ, फूलपुर क्षेत्र के लोग बाबतपुर से ट्रेन पकड़ना पसंद करते हैं. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से बाबतपुर रेलवे स्टेशन की दूरी पांच किमी होने से भविष्य में यहां का भाग्य चमकेगा. इसलिए कि पर्यटन की भीड़ अब बनारस में करोड़ों में जाने लगी है.
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अमृत भारत योजना से चमकाने की तैयारी
बाबतपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना से चमकाने की तैयारी है. इस स्टेशन के दो प्लेटफार्म से 15 ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि वरुणा एक्सप्रेस (लखनऊ–वाराणसी), गंगा सतलुज एक्सप्रेस, अमृतसर–हावड़ा एक्सप्रेस, मरुधर एक्सप्रेस एवं मेमू और पैसेंजर ट्रेनें यहां रुकती हैं. यह स्टेशन लखनऊ, अमृतसर, हावड़ा आदि स्थानों को जोड़ता है, जिससे लोग कैंट रेलवे स्टेशन नहीं आना चाहते हैं. कारोबारी, उद्यमियों के लिए टर्मिनल संजीवनी बनेगा.
नई ट्रेनें चलाने की बढ़ेंगी संभावनाएं
काशी रेलवे स्टेशन को 300 करोड़ की लागत से पहले से ही कैंट स्टेशन के सैटेलाइट स्टेशन के रूप में डेवलप किया जा रहा है. जहां चार अतिरिक्त रेल लाइन बिछाई जा रही है. अब बाबतपुर में रेल टर्मिनल बनाए जाने से स्पष्ट है कि वाराणसी से रेलवे भविष्य में कई ट्रेनें चलाएगी.



