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कैंट स्‍टेशन पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव, तो आई बाबतपुर को टर्मिनल बनाने की याद

कैंट स्‍टेशन पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव, तो आई बाबतपुर को टर्मिनल बनाने की याद
Mar 10, 2026, 09:40 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बाबतपुर में नए टर्मिनल की संभावनाएं तलाशी जा रही है. भविष्‍य को ध्‍यान में रखकर रेल मंत्रालय ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में रेल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नजदीक होने से रेलवे की नजर बाबतपुर में टिकी है. रेलवे की परियोजना फिलहाल योजना के स्तर पर है, जिसे जल्द ही सर्वे के स्टेज में लाया जाएगा. रेल मंडल के एक बड़े अधिकारी ने बाबतपुर में टर्मिनल बनाने की योजना की पुष्टि की है.


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अप और डाउन ट्रेनों के ठहराव पर पडेगा असर


कैंट (वाराणसी) से 102 ट्रेनें रन-थ्रू गुजरती हैं. इसके अलावा 22 ट्रेनें वाराणसी से बनकर देश के विभिन्न कोनों के लिए रवाना होती हैं. इन ट्रेनों को अप और डाउन में कैंट रेलवे स्टेशन पर लगभग 30 मिनट तक खड़ा रहना पड़ता है, जिससे प्लेटफार्म लंबे समय तक व्यस्त रहते हैं. रेलवे की रणनीति इन ट्रेनों को बाबतपुर टर्मिनल से संचालित करने और कैंट रेलवे स्टेशन पर 10 मिनट का आंशिक ठहराव देने की है. ऐसा हुआ तो प्लेटफार्म 440 मिनट तक अतिरिक्त खाली रह सकेंगे. जिससे अन्य ट्रेनों के संचालन में राहत मिलेगी.


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यात्रियों को राहत और कारोबार को संजीवनी


कैंट रेलवे स्टेशन से बाबतपुर की दूरी लगभग 22 किलो मीटर है. बाबतपुर रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ेंगी तो कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 15 फीसद घट जाएगी. पिंडरा, हरहुआ, फूलपुर क्षेत्र के लोग बाबतपुर से ट्रेन पकड़ना पसंद करते हैं. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से बाबतपुर रेलवे स्टेशन की दूरी पांच किमी होने से भविष्य में यहां का भाग्य चमकेगा. इसलिए कि पर्यटन की भीड़ अब बनारस में करोड़ों में जाने लगी है.


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अमृत भारत योजना से चमकाने की तैयारी


बाबतपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना से चमकाने की तैयारी है. इस स्टेशन के दो प्लेटफार्म से 15 ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि वरुणा एक्सप्रेस (लखनऊ–वाराणसी), गंगा सतलुज एक्सप्रेस, अमृतसर–हावड़ा एक्सप्रेस, मरुधर एक्सप्रेस एवं मेमू और पैसेंजर ट्रेनें यहां रुकती हैं. यह स्टेशन लखनऊ, अमृतसर, हावड़ा आदि स्थानों को जोड़ता है, जिससे लोग कैंट रेलवे स्टेशन नहीं आना चाहते हैं. कारोबारी, उद्यमियों के लिए टर्मिनल संजीवनी बनेगा.


नई ट्रेनें चलाने की बढ़ेंगी संभावनाएं


काशी रेलवे स्टेशन को 300 करोड़ की लागत से पहले से ही कैंट स्टेशन के सैटेलाइट स्टेशन के रूप में डेवलप किया जा रहा है. जहां चार अतिरिक्त रेल लाइन बिछाई जा रही है. अब बाबतपुर में रेल टर्मिनल बनाए जाने से स्पष्ट है कि वाराणसी से रेलवे भविष्य में कई ट्रेनें चलाएगी.

गैस सिलेंडर आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत भारी,  बंद हुए एजेंसी वालों के मोबाइल फोन
गैस सिलेंडर आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत भारी, बंद हुए एजेंसी वालों के मोबाइल फोन
वाराणसी: खाड़ी युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की आपूर्ति के दावों पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. आपूर्ति पर पड़े प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता को तय कर दिया है. इसके बावजूद इसका बहुत प्रभाव नहीं दिख रहा है. लोग एक सप्ताह से 10 दिनों से दूसरा गैस बुकिंग कराकर सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं. अब लोग फोन पर संपर्क से लेकर गैस एजेंसी व गोदाम तक पहुंचकर चक्कर लगा रहे हैं. जबकि प्रशासन ने साफ किया है कि 25 दिन बाद बुकिंग और 26वें दिन गैस सिलेंडर घर पहुंच रहा है.यह भी पढ़ें: SIR ड्यूटी में तैनात BLO की मौत, सामने आई बीमारी की वजहगैस को लेकर टकटकपुर स्थित वाराणसी गैस गोदाम पर सुबह सात बजे के करीब 20 लोग पर्ची व सिलेंडर लेकर पहुंचे. इसमें कुछ लोग तो ऐसे थे जिनके पास एक ही सिलेंडर था. वह अधिकतर आते रहते हैं. यह संख्या आम दिनों में 10 से कम होती है. कुछ लोग ऐसे थे जिनका दूसरा सिलेंडर खाली हो गया था. उनका कहना था युद्ध को देखते हुए वह दूसरा सिलेंडर भरवा लेना चाहते हैं. इस कारण गोदाम पर आ गए.नहीं आ रहा कामर्शियल सिलेंडर गोदाम इंचार्ज दशरथ सोनकर ने बताया कि प्रतिदिन एक ट्रक आ रहा है. कोई दिक्कत नहीं है. नियमित रूप से ट्रालीमैन सिलेंडर लेकर जा रहे हैं. उनकी एजेंसी के उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं है. उनको क्रम से नियमित गैस पहुंच रही है. बताया कि कामर्शियल सिलेंडर नहीं आ रहा है. इस कारण उसकी सप्लाई नहीं की जा रही है. लोग अपने सगे संबंधियों और पड़ोसियों से गैस पहुंचने के संबंध में पूछताछ कर रहे हैं.घरेलू गैस पीएनजी पर कोई प्रभाव नहींइस बीच पाइप से घर तक पहुंचने वाली घरेलू गैस पीएनजी पर कोई प्रभाव नहीं है. वह अवाध रूप से घरों तक पहुंच रही है. कामर्शियल सिलेंडर प्रयोग करने वाले लान संचालक, होटल, रेस्टोरेंट और कैटरर परेशान हैं. अधिकतर जगह दूसरी कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण उनके सामने संकट की स्थिति है. कुछ ने तो कहा कि वह आज कल में काम बंद कर देंगे. एक कैटरर ने बताया कि उन्होंने दो बुकिंग वालों को घरेलू सिलेंडर का इंतजाम करने को कह दिया है."बुकिंग के अगले दिन मिलेगा सिलेंडर"एडीएम आपूर्ति अमित कुमार ने बताया कि पहले की जो बुकिंग की पेंडेंसी है उसे खत्म कर रहे हैं. प्रयास है कि सभी को उपलब्ध करा दिया जाए. सभी को एक दो दिन में उपलब्ध करा दिया जाएगा. उसके बाद जो गाइडलाइन आई है कि 25 दिन पर बुकिंग होगी तो बुकिंग कराते ही अगले दिन सिलेंडर मिल जाएगा. गैस की कमी नहीं है. यह सारे इंतजाम केवल जमाखोरी रोकने के लिए किए गए हैं. केवल कामर्शियल सिलेंडर पर रोक लगी है. पीएनजी की घरेलू और कामर्शियल आपूर्ति पूरी तरह नियमित है. अफवाहों पर ध्‍यान न दें.गैस एजेंसियों ने कर दिया मोबाइल आफलोगों के लगातार गैस के संबंध में पूछताछ करने की वजह से गैस एजेंसियों के मालिक और मैनेजर ने अपना मोबाइल आफ कर दिया है. वह अपनी जरूरत के अनुसार मोबाइल आन कर रहे हैं और जरूरी बात कर फिर आफ कर दे रहे हैं. कुछ वाट्सएप काल भी नहीं उठ रहा है. कुछ ने तो मोबाइल में ऐसी सेटिंग कर दिए हैं कि लोगों के काल न आ सके. लोग परेशान न हों और संग्रह न करें इसके लिए एजेसियां मैसेज भेजने लगी हैं.वाराणसी में गैस वितरणजनपद में कुल एलपीजी गैस उपभोक्ता- 1065634कुल कामर्शियल एलपीजी गैस उपभोक्ता-5255जनपद में पीएनजी उपभोक्ता-65000उद्योगों में पीएनजी उपभोक्ता-31
SIR ड्यूटी में तैनात BLO की मौत, सामने आई बीमारी की वजह
SIR ड्यूटी में तैनात BLO की मौत, सामने आई बीमारी की वजह
वाराणसी: एसआईआर ड्यूटी में तैनात एक बीएलओ की आज बुधवार की सुबह मौत हो गई. मौत की वजह बीमारी बताई जा रही है. हालांकि परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद उन्हें ड्यूटी से राहत नहीं मिली और इलाज के अभाव में उन्होंने तड़पते हुए दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है. मृतक की पहचान चौबेपुर थाना क्षेत्र के कौवापुर गांव निवासी बीएलओ शेख मुहम्मद अजगर अली के रूप में हुई है.बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे. परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से छुट्टी लेकर इलाज कराने की अनुमति मांगी थी लेकिन उनकी गुहार पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. परिजनों के अनुसार बीमारी की स्थिति में भी उन्हें लगातार विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कार्यों में लगाया जाता रहा जिससे उनकी सेहत पर लगातार असर पड़ता गया.यह भी पढ़ें: बुजुर्ग समेत दो लोगों ने लगाई फांसी, वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरानपरिवार के मुताबिक जब उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने लगी तो उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास दिखाया गया. जांच के बाद डॉक्टर ने ज्वाइंडिस यानी पीलिया के गंभीर संक्रमण की आशंका जताई थी और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराने की सलाह दी थी. इसके बावजूद परिस्थितियों और ड्यूटी के दबाव के कारण उन्हें समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका.पीड़ित परिजनों का आरोपपरिवार का कहना है कि इसी कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः बुधवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि अजगर अली ने कई बार अधिकारियों और अपने सुपरवाइजर से छुट्टी की मांग की थी. उनका कहना है कि बीमारी को गंभीरता से लेने के बजाय इसे टाल दिया गया और उन्हें भरोसा दिया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने और मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उन्हें अवकाश दे दिया जाएगा.हालांकि इससे पहले ही उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई. इस घटना ने चुनावी कार्यों में लगे कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
बुजुर्ग समेत दो लोगों ने लगाई फांसी, वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान
बुजुर्ग समेत दो लोगों ने लगाई फांसी, वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान
वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र के बेनीपुर में पंकज पाठक (63) ने बीते मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है. बुजुर्ग ने सुसाइड नोट में भाइयों और भतीजों को संपत्ति बांटने का जिक्र किया है. किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. पंकज के भाई प्रीतम चंद पाठक चौक में रहते हैं. सारनाथ के बेनीपुर में उनका चायपत्ती का गोदाम है. सुबह 10 बजे बेनीपुर पहुंचे तो गेट नहीं खुला. कई बार आवाज देने के बाद गेट नहीं खुलने पर चहारदीवारी फांदकर खिड़की से देखा.पोस्टमार्टम रिपोर्ट करेगी मामले का खुलासा थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सुबह बड़े भाई प्रीतम चंद ने पुलिस को सूचना दी कि पंकज ने कमरे में पंखे की कुंडी में रस्सी और गमछे के सहारे फंदे पर लटक कर जान दे दी है. सुसाइड नोट में जमीन से संबंधित बातें लिखी थीं कि अब मैं नहीं रहूंगा, जिस जमीन का सट्टा किया है उसे अब निरस्त माना जाए और उस जमीन को भाइयों और भतीजों में बांट दिया जाए. थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ सकेगी.पारिवारिक कलेश ने ली युवक की जानउधर, सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा जयप्रकाश नगर में अरविंद कुमार (25) ने मंगलवार दोपहर पंखे की कुंडी में रस्सी के सहारे लटक कर जान दे दी. होली पर पत्नी से विवाद के बाद से अरविंद तनाव ग्रस्त था. सिगरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. लंका निवासी अरविंद कुमार बचपन से ही शिवपुरवा के जयप्रकाश नगर में मामा के घर रहता था. अन्य परिवार के लोग लंका में रहते हैं.यह भी पढे़ें: इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देशदोपहर में अरविंद कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजन पहुंचे. परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे. सिगरा पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने भी छानबीन की है. सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि होली पर पत्नी से अरविंद का किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, तभी से पत्नी मायके चली गई थी. तनाव में आकर अरविंद ने यह कदम उठाया.