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UGC नियम के विरोध में प्रदर्शन, वापस लेने की उठाई मांग

UGC नियम के विरोध में प्रदर्शन, वापस लेने की उठाई मांग
Mar 16, 2026, 11:16 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: यूजीसी 2026 के विरोध में सोमवार को काशी में व्यापक जन आक्रोश देखने को मिला. सामाजिक संगठन केसरिया भारत के बैनर तले कचहरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, अधिवक्ता और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए और प्रस्तावित नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने इसे “काला कानून” बताते हुए इसे पूर्णत: वापस लेने की मांग की. इससे पूर्व संगठन द्वारा 27, 28 और 29 जनवरी को भी विरोध, धरना और प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था. इसी क्रम में कानून को पूरी तरह समाप्त कराने की मांग को लेकर सोमवार को छात्र-युवा-किसान जन आक्रोश मार्च निकाला गया.


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प्रधानमंत्री को सौपा ज्ञापन


मार्च में शामिल होने के लिए केसरिया भारत के हजारों कार्यकर्ता वरुणा पुल स्थित शास्त्री घाट पर एकत्र हुए. इसके बाद संस्था के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानन्द पाण्डेय के नेतृत्व में जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ा, जहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया. प्रदर्शन के दौरान युवाओं, अधिवक्ताओं और आमजन में यूजीसी के नए नियमों को लेकर तीखा आक्रोश देखने को मिला. राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानन्द पाण्डेय ने कहा कि जब तक इस कानून को पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.


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इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और यूजीसी नियमों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. केसरिया भारत व धरोहर संरक्षण के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह तथा गौरव मिश्र ने लोगों से आंदोलन को मजबूत बनाने और कानून वापस होने तक सहयोग जारी रखने की अपील की. प्रदर्शन में आनंद मिश्र ‘बब्बू’, चन्द्रदेव पटेल, बृजेश पाण्डेय, अधिवक्ता अनुज मिश्र, अर्पित मिश्रा, अशोक पाण्डेय, राकेश त्रिपाठी, अमन सिंह, उपेंद्र सिंह, शुभम पाण्डेय, ऋषभ सिंह, शिवम उपाध्याय, अधिवक्ता अमन कुमार त्रिपाठी और अधिवक्ता रामानन्द पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.

एक्‍ट्रेस जैकलीन ने सनातन धर्म में जताई श्रद्धा, मां की अस्थियां गंगा में की विसर्जित
एक्‍ट्रेस जैकलीन ने सनातन धर्म में जताई श्रद्धा, मां की अस्थियां गंगा में की विसर्जित
वाराणसी: धार्मिक नगरी काशी में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज ने गुपचुप तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. उन्होंने यहां पवित्र गंगा नदी में अपनी मां की अस्थियों का विधि-विधान से विसर्जन किया. जैकलिन ने ताज होटल में ठहरने के बाद सीधे गंगा घाट की ओर प्रस्थान किया. गंगा घाट पर पहुंचकर, वह नाव पर बैठकर गंगा के बीच गईं और काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने अपनी मां की अस्थियों का विसर्जन किया.जैकलीन ने यात्रा को रखा गुपचुप इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन वाराणसी के आचार्य विकास पाण्डेय के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया. उनके साथ काशी के स्‍थानीय लोग भी मौजूद रहे. जैकलीन ने इस यात्रा को पूरी तरह से निजी रखा. उन्होंने अपने चेहरे को कपड़े से ढंक रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके और वह आम श्रद्धालुओं की तरह पूजा-अर्चना कर सकें. घाट पर मौजूद लोगों को भी शुरुआत में इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां बॉलीवुड की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री मौजूद है.अस्थि विसर्जन के बाद जैकलिन ने संक्षेप में कहा कि उन्हें सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं के प्रति गहरी श्रद्धा है. उन्होंने कहा, “हमें सनातन धर्म बहुत पसंद है, इसलिए हम अपनी मां की अस्थियों को लेकर काशी आए.” उन्होंने बताया कि काशी में गंगा के पवित्र जल में अस्थि विसर्जन करना उनकी मां के प्रति श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक निर्णय था.यह भी पढ़ें: अब मोबाइल पर दिखेगा वाराणसी का पुलिस संग्रहालय, QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारीपूजा और अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जैकलिन ज्यादा देर वाराणसी में नहीं रुकीं. धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के तुरंत बाद वह वापस लौट गईं. वाराणसी की पवित्रता और गंगा के जल में अस्थि विसर्जन का यह अनुष्ठान जैकलीन के लिए एक विशेष अनुभव रहा. जैकलिन फर्नांडीज ने अपनी मां की याद में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान को अंजाम दिया, जो उनके जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण बन गया.
अब मोबाइल पर दिखेगा वाराणसी का पुलिस संग्रहालय, QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
अब मोबाइल पर दिखेगा वाराणसी का पुलिस संग्रहालय, QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
वाराणसी: पुलिस विभाग का इतिहास अब जल्‍द ही संग्रहालय में देखने को मिलेगा. अतीत के असलहे, ऐतिहासिक दस्तावेज, पुलिस डोज़ियर, वर्दी के बदलते स्वरूप और आधुनिक हथियारों से सुसज्जित पुलिस संग्रहालय को अब आप अपने मोबाइल पर भी देख सकेंगे. पुलिस लाइन वाराणसी स्थित पुलिस संग्रहालय के बाहर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे. इन क्यूआर कोड को स्कैन करके लोग प्रदर्शित वस्तुओं और उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास से जुड़ी विस्तृत जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे. पुलिस संग्रहालय को आधुनिक बनाने की दिशा में कमिश्नरेट पुलिस काम कर रही है.बारकोड स्कैन की शुरू व्यवस्था अपर पुलिस उपायुक्त व सहायक पुलिस आयुक्त, पुलिस लाइन, डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि सप्ताह भर के अंदर बारकोड स्कैन की भी व्यवस्था शुरू हो जाएगी. इस समय आम जनता भी अंग्रेजों के जमाने के असलहे, डोज़ियर, वर्दी समेत उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास से जुड़ी वस्तुओं को देख सकती है.यह भी पढ़ें: जान देने की कोशिश करने वाली जूनियर डॉक्टर की हालत बिगड़ी, OPD ठप करने की चेतावनीसंग्रहालय में रखे हथियारों की जाने खूबीसंग्रहालय में रखे गए कई हथियार ऐसे हैं जो वर्षों पहले अपराधियों को सबक सिखाने और उन्हें सही जगह पहुंचाने में पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाते थे. इन बंदूकों के साथ उनकी विस्तृत जानकारी भी लिखी गई है.संग्रहालय में नए आधुनिक तकनीक वाले भी असलहे प्रदर्शित किए गए हैं ताकि संग्रहालय में आने वाले लोग यह समझ सकें कि समय के साथ पुलिस की कार्यशैली और संसाधनों में किस तरह बदलाव आया है. डीसीपी लाइन प्रमोद कुमार और एडीसीपी लाइन वैभव बांगर के नेतृत्व में संग्रहालय को सुसज्जित किया गया है.
जान देने की कोशिश करने वाली जूनियर डॉक्टर की हालत बिगड़ी, OPD ठप करने की चेतावनी
जान देने की कोशिश करने वाली जूनियर डॉक्टर की हालत बिगड़ी, OPD ठप करने की चेतावनी
वाराणसी: किसी बात से खिन्‍न होकर सुसाइड का प्रयास करने वाली बीएचयू स्थित चिकित्सा विज्ञान संस्थान की जूनियर डाक्‍टर सत्‍या की हालत रविवार को देर रात और बिगड़ गई. सर्जरी विभाग की पीजी छात्रा के कोमा में जाने की खबर मिलते ही संस्थान के जूनियर रेजीडेंट सोमवार को आंदोलित हो उठे. आक्रोशित जूनियर डाक्‍टरों ने आईएमएस निदेशक कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए. उन्‍होंने ने चेतावनी दी है कि शीघ्र इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई और वर्कलोड तथा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे ओपीडी का भी बहिष्कार करेंगे.इंसुलिन का ओवरडोजबतादें कि बिहार के समस्तीपुर की निवासी जूनियर डॉक्टर ने गुरुवार को अपने कमरे में इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था. इसके बाद उनकी हालत खराब हो गई. इसके प्राभव से अनेक अंग तथा किडनी प्रभावित हैं. फिलहाल उन्हें बीएचयू के सर सुंदर लाल चिकित्सालय के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में आइसीयू में भर्ती किया गया है और वेंटिलेटर पर रखा गया है. घटना के बाद से ही वह बेहोश पड़ी हुई है. मेडिसिन, न्यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी, कार्डियोलाजी व क्रिटिकल केयर विभाग के चिकित्सकों की टीम की देखरेख में इलाज जारी है..कमेटी कर रही जांचआंदोलित रेजिडेंटों का नेतृत्व कर रहे डा. अतुल ने बताया कि इस संबंध में हम लोग संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार से भी मिले थे, उन्होंने बताया कि फैकेल्टी आफ मेडिसिन के डीन प्रो. संजय गुप्ता के नेतृत्व में जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है. जांचोपरांत जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने व्यवस्थागत खामियों जैसे काम के घंटों और मरीजों की संख्या के संबंध में भी सुधार का आश्वासन दिया है.विभागाध्यक्षों से भी मुलाकातजूनियर डॉक्टरों की टीम ने बताया कि हम लोग कल सुबह पुनः उनसे मिलेंगे, डीन व अन्य विभागों के प्रोफेसर्स और विभागाध्यक्षों से भी मुलाकात की जाएगी और उनसे पूरी बात होगी. यदि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न हुई या व्यवस्था में सुधार न हुआ तो हम लोग ओपीडी का बहिष्कार करेंगे.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने तोड़े लाइसेंस शुल्क वसूली में पुराने रिकॉर्ड, करोड़ों रुपये से अधिक की हुई वसूलीइसी क्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने शताब्दी सुपर स्पेश्यलिटी ब्लॉक में मतीं शल्य चिकित्सा विभाग की पीजी छात्रा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. इस दौरान चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार, सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता तथा चिकित्सा संकाय के प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे.