ईरान में विरोध-प्रदर्शन जारी, खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर चलवाई गोलियां

ईरान में बढ़ती महंगाई और मुद्रा संकट के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन और भी उग्र हो गया है. इस प्रदर्शन की आग ईरान के लगभग 31 प्रांतों में फैल चुकी हैं. इस सिलसिले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए 14 दिनों से लोग भारी संख्या में सड़कों पर उतरे हुए हैं. जहां ईरान सरकार इस्लामिक सत्ता के खिलाफ महिलाएं खामेनेई की तस्वीर जलाकर उससे सिगरेट सुलगाती नजर आ रही हैं. इस हिंसा प्रदर्शन को देखते हुए अली खामेनेई आगबबूला हो उठे और सभी प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवाने का सुरक्षाबलों को आदेश दे बैठे. इस गोलीबारी में ईरान की राजधानी तेहरान में 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौके पर ही मौत हो गई है, जिनमें सबसे ज्यादा युवा पीढ़ी शामिल है.

यह मौते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, क्योंकि उन्होंने पहले ही ये साफ कह दिया था कि, अगर ईरानी सरकार किसी भी प्रदर्शनकारियों की हत्या करती है, तो उसे इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा. वो खामियाजा कोई मामूली सा नहीं. बल्कि, अमेरिका सीधे तौर पर हस्तक्षेप करेगा और ऐसी जगह हमला करेगा, जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा. उसका अंदाजा भी ईरान नहीं लगा सकता हैं. अब देखने वाली बात यह है कि ट्रंप की चेतावनी को ईरान ने एक झटके में चुनौती में बदल दिया है.

ट्रंप ने ईरान घटनाक्रम को हैरान करने वाला बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हो रहे घटनाक्रम को 'हैरान करने वाला' बताया और कहा, यह देखना वाकई अविश्वसनीय है कि ईरान में सचमुच क्या हो रहा है. उन्होंने अपने लोगों के साथ बहुत ही बुरा व्यवहार किया और अब उसकी कीमत वो खुद चुका रहे हैं, जिस पर हम नजरे पुरी तरह से टिकी हुई हैं. हालांकि, चिंता है तो सिर्फ प्रदर्शनकारियों को लेकर क्योंकि, मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि ईरान में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहें. यह इस वक्त बेहद खतरनाक जगह है. मैं ईरानी नेताओं से फिर कहता हूं कि गोलीबारी शुरू मत करना, क्योंकि अगर तुम गोली चलाओगे तो हम भी गोली चलाएंगे.

ईरान में बढ़ता जा रहा प्रदर्शन
नीति अनुसंधान संस्था 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' के मुताबिक बीते 7 जनवरी के बाद से ईरान में विरोध प्रदर्शनों की संख्या और तीव्रता दोनों में भारी इजाफा हुआ है. यह प्रदर्शन तेहरान समेत उत्तर-पश्चिमी ईरान के बड़े शहरों तक फैल चुके हैं. इस मामले में थिंक टैंक का कहना है कि ईरानी शासन ने दमन तेज कर दिया है और कम से कम एक प्रांत में प्रदर्शन दबाने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की ग्राउंड फोर्सेज को उतारना पड़ा है, जो बेहद दुर्लभ कदम माना जा रहा है.



